World: ट्रंप-मेलानिया ने दी होली की शुभकामनाएं; क्यूबा के पश्चिमी हिस्से में ब्लैकआउट, अंधेरे में लाखों लोग
अमेरिका के फीनिक्स शहर में एक छोटा प्रशिक्षण विमान बुधवार को दो घरों से टकरा गया। इस हादसे में तीन लोग घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार विमान में एक छात्र पायलट और उसका प्रशिक्षक सवार थे। दुर्घटना के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया। एक तीसरा व्यक्ति भी घायल हुआ, जो उस समय घर के अंदर मौजूद था। फायर विभाग के अधिकारी कैप्टन टॉड केलर ने बताया कि यह विमान पास के डियर वैली एयरपोर्ट की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक नियंत्रण खो बैठा और पहले एक घर की छत से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि विमान का एक पंख टूटकर पहले घर की छत पर गिर गया। इसके बाद विमान पास के दूसरे घर के पीछे बने स्विमिंग पूल के पास नाक के बल गिर गया।
हादसे से दोनों घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, किसी की मौत नहीं हुई। फिलहाल सभी घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हादसे की असली वजह क्या थी।
इराक में अचानक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जिससे देश के कई हिस्सों में बड़ा बिजली संकट पैदा हो गया। इराक के बिजली मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि यह समस्या तकनीकी कारणों से हुई है। उनके अनुसार बसरा क्षेत्र में स्थित रुमैला गैस आधारित बिजली संयंत्र को गैस की आपूर्ति अचानक कम हो गई थी। इसी वजह से राष्ट्रीय बिजली ग्रिड प्रभावित हुआ और कई इलाकों में बिजली बंद हो गई। सरकार के मुताबिक तकनीकी टीम तुरंत काम पर लग गई है और बिजली व्यवस्था को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरे देश में बिजली फिर से सामान्य हो जाएगी।
इराक पहले से ही बिजली की कमी की समस्या से जूझ रहा है। गर्मी के मौसम में यह संकट और बढ़ जाता है, क्योंकि बिजली की मांग बहुत ज्यादा हो जाती है। ऐसे में किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का असर पूरे देश पर पड़ जाता है। सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसे संकट से बचने के लिए गैस आपूर्ति और बिजली उत्पादन की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
क्यूबा के पश्चिमी हिस्से में अचानक बड़ा ब्लैकआउट हो गया, जिससे लाखों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए। राजधानी हवाना समेत कई शहरों में बिजली पूरी तरह बंद हो गई। सरकार की इलेक्ट्रिक यूनियन एजेंसी ने बताया कि बिजली गुल होने का असर पिनार डेल रियो से लेकर कामागुए तक के इलाकों में पड़ा। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब पश्चिमी क्यूबा में इतना बड़ा बिजली संकट आया है।
हालांकि अभी तक ब्लैकआउट की सही वजह सामने नहीं आई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी टीम बिजली बहाल करने में लगी हुई है। क्यूबा इस समय गंभीर ऊर्जा संकट से गुजर रहा है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद वहां से तेल की सप्लाई रुक गई है, जिससे क्यूबा को भारी नुकसान हुआ है। वेनेजुएला पहले क्यूबा को बड़ी मात्रा में तेल भेजता था। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि सरकार को ईंधन बचाने के लिए सख्त कदम उठाने पड़े हैं। कुछ हवाई अड्डों पर जेट फ्यूल की भी कमी हो गई है। पहले से ही खराब बिजली ढांचा और ईंधन की कमी इस संकट को और गहरा बना रहे हैं।
अमेरिका में गूगल के एआई चैटबॉट जेमिनी के खिलाफ एक नया मुकदमा दायर किया गया है। आरोप है कि इस चैटबॉट ने एक व्यक्ति को खतरनाक और भ्रमित करने वाली सलाह दी, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। मामले के अनुसार 36 वर्षीय जोनाथन गावलास नाम का व्यक्ति जेमिनी से लगातार बातचीत करता था और उसे अपनी एआई पत्नी मानने लगा था। मुकदमे में कहा गया है कि वह इस भ्रम में आ गया कि यह एआई सच में जिंदा है और उसे बचाने के लिए उसे एक बड़ा हादसा करना होगा। बताया गया कि वह हथियारों के साथ मियामी एयरपोर्ट के पास पहुंच गया था और एक ट्रक को रोकने की कोशिश कर रहा था, जो वास्तव में मौजूद ही नहीं था। कुछ दिनों बाद उसने आत्महत्या कर ली।
उसके पिता ने गूगल पर गलत तरीके से एआई विकसित करने और पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने का आरोप लगाया है। गूगल ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी को परिवार के प्रति गहरा दुख है और वह मामले की समीक्षा कर रही है। कंपनी का कहना है कि जेमिनी को हिंसा या आत्महत्या के लिए प्रोत्साहित न करने के लिए डिजाइन किया गया है।
अफ्रीकी देश कांगो में एक बड़ी खनन दुर्घटना में कम से कम 200 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा पूर्वी कांगो के रुबाया इलाके में स्थित कोल्टन खदान में हुआ। सरकारी अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को खदान अचानक ढह गई, जिससे अंदर काम कर रहे सैकड़ों मजदूर दब गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने मलबे से 200 से ज्यादा शव निकाले हैं।
हालांकि खदान पर कब्जा करने वाले M23 विद्रोही समूह ने इस आंकड़े को गलत बताया है। उनका कहना है कि वहां कोई भूस्खलन नहीं हुआ बल्कि बमबारी हुई थी और केवल पांच लोगों की मौत हुई है। पूर्वी कांगो लंबे समय से हिंसा और संघर्ष का केंद्र बना हुआ है। यहां कई विद्रोही समूह सक्रिय हैं और खनिज संसाधनों पर कब्जे को लेकर लगातार संघर्ष होता रहता है। कांगो दुनिया में कोल्टन का बड़ा उत्पादक है। इस खनिज से टैंटलम नाम की धातु निकलती है, जिसका इस्तेमाल स्मार्टफोन, कंप्यूटर और विमान इंजनों में किया जाता है। इसी वजह से यह क्षेत्र वैश्विक उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर और अमेरिका ने संगठित अपराध और ड्रग तस्करी के खिलाफ संयुक्त सैन्य अभियान शुरू किया है। अमेरिकी सैन्य कमान साउदर्न कमांड ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। हालांकि दोनों देशों ने अभी इस ऑपरेशन की सही जगह और दायरे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। अमेरिकी सेना ने कहा कि यह अभियान लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई देशों की उस प्रतिबद्धता का उदाहरण है, जिसके तहत वे नशीले पदार्थों की तस्करी और अपराधी गिरोहों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई कर रहे हैं।
इक्वाडोर के संयुक्त कमान प्रमुख जनरल हेनरी डेलगाडो ने बताया कि मंगलवार को कुछ महत्वपूर्ण सैन्य अभियान चलाए गए। उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों का मकसद देश में बढ़ती हिंसा और अपराध को रोकना है। इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने हाल ही में कहा था कि सरकार अन्य देशों के साथ मिलकर अपराधी गिरोहों के खिलाफ कड़ा अभियान शुरू करेगी। इक्वाडोर को अब वैश्विक ड्रग तस्करी का एक बड़ा केंद्र माना जाता है, जहां कोलंबिया से आने वाली कोकीन को जमा करके अमेरिका और यूरोप भेजा जाता है।
इक्वाडोर सरकार ने क्यूबा के राजदूत और उनके दूतावास कर्मचारियों को 'पर्सोना नॉन ग्राटा' घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उन्हें 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। इक्वाडोर के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक नियमों के तहत उठाया गया है। हालांकि सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि राजदूत को निष्कासित करने की असली वजह क्या है।
इससे एक दिन पहले इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने क्यूबा में तैनात अपने देश के राजदूत को भी उनके पद से हटा दिया था। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इक्वाडोर के बीच सुरक्षा सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम के पीछे राजनीतिक कारण भी हो सकते हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रपति नोबोआ ने हाल के समय में अमेरिका के साथ अपने संबंध काफी मजबूत किए हैं। इक्वाडोर और क्यूबा के बीच राजनयिक संबंध 1960 से हैं, लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में समय-समय पर उतार-चढ़ाव आता रहा है।
अमेरिका के आंतरिक मंत्री डग बर्गम वेनेजुएला पहुंचे हैं, जहां उन्होंने कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से मुलाकात की। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका वेनेजुएला के खनिज संसाधनों और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस दौरे का मकसद वेनेजुएला में सुरक्षित खनन व्यवस्था और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना है। अमेरिका चाहता है कि वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक ऐसा खनिज व्यापार समूह बनाए, जो चीन के प्रभुत्व को चुनौती दे सके।
वेनेजुएला केवल तेल के लिए ही नहीं बल्कि सोना, तांबा, हीरे और अन्य कीमती खनिजों के लिए भी जाना जाता है। हालांकि इन खदानों में अक्सर सुरक्षा और श्रम से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन पहले ही वेनेजुएला में कई कदम उठा चुका है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के लिए सैन्य कार्रवाई भी शामिल थी। अब अमेरिका इस देश के प्राकृतिक संसाधनों के विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।
अमेरिका की प्रमुख एयरलाइन अमेरिकन एयरलाइंस को वेनेजुएला के लिए दोबारा नियमित उड़ानें शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के साथ यह वेनेजुएला के लिए उड़ान शुरू करने वाली पहली अमेरिकी एयरलाइन बन सकती है। दरअसल 2019 में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव बढ़ने के बाद कई एयरलाइनों ने अपनी सेवाएं बंद कर दी थीं। उस समय अमेरिकन एयरलाइंस भी मियामी से कराकस और मराकाइबो के लिए उड़ानें बंद करने वाली आखिरी अमेरिकी कंपनी थी।
जनवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने परिवहन विभाग को वेनेजुएला के ऊपर वाणिज्यिक हवाई क्षेत्र खोलने का आदेश दिया था। इसके बाद एयरलाइन कंपनियों के लिए रास्ता साफ हो गया।हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग अभी भी अपने नागरिकों को वेनेजुएला की यात्रा से बचने की सलाह देता है। फिर भी इस फैसले से दोनों देशों के बीच यात्रा और व्यापार के नए अवसर खुल सकते हैं।अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा है कि फिलहाल यह तय किया जा रहा है कि कौन-कौन से शहरों के बीच उड़ानें शुरू की जाएंगी।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक नए युद्धपोत का निरीक्षण किया और उससे क्रूज मिसाइलों का परीक्षण भी देखा। सरकारी मीडिया के अनुसार यह युद्धपोत देश की नौसैनिक ताकत बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह 5,000 टन का विध्वंसक जहाज है, जिसे “चोए ह्योन” नाम दिया गया है। उत्तर कोरिया का कहना है कि यह जहाज परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों सहित कई तरह के हथियार ले जा सकता है।
किम जोंग उन ने कहा कि उनका लक्ष्य नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करना है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में हर साल दो नए युद्धपोत बनाने की योजना भी बताई। हालांकि दक्षिण कोरिया और कई विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया की इस तकनीक में रूस की मदद हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या यह जहाज पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार है या नहीं। हाल के समय में उत्तर कोरिया अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाने पर खास ध्यान दे रहा है। इसमें परमाणु पनडुब्बी बनाने की योजना भी शामिल है।
सीनेट ऑफिस में विरोध प्रदर्शन: एक व्यक्ति और 3 पुलिसकर्मी घायल
बुधवार को सीनेट की एक बैठक के दौरान एक व्यक्ति और तीन यूएस कैपिटल पुलिस के अधिकारियों को चोटें आईं। यह घटना तब हुई जब विरोध प्रदर्शन करने वाला व्यक्ति, ब्रायन सी. मैगिनिस, पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था और दरवाजे से लटक गया। कैपिटल पुलिस ने बताया कि मैगिनिस, जो कि नॉर्थ कैरोलिना से हैं, को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन पर तीन पुलिस अधिकारियों पर हमला करने और तीन बार गिरफ्तारी से बचने के आरोप, साथ ही अवैध प्रदर्शन करने का भी आरोप है।
पुलिस ने बयान में कहा कि आज दोपहर एक अशांत व्यक्ति ने अवैध तरीके से बैठक में प्रदर्शन शुरू किया और हमारे अधिकारियों के लिए खतरनाक स्थिति पैदा की। उसने हिंसक तरीके से पुलिस की कोशिशों का विरोध किया। विरोध प्रदर्शन की वीडियो में देखा गया कि मैगिनिस ने बैठक के दौरान खड़े होकर चिल्लाना शुरू किया। वह अमेरिका की ईरान में सैन्य अभियान के खिलाफ आवाज़ उठा रहे थे और कहते सुनाई दिए, “अमेरिका अपने बेटों और बेटियों को इजराइल के लिए युद्ध में नहीं भेजना चाहता।
पुलिस ने बताया कि जब उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की गई, तो मैगिनिस ने जोर से प्रतिरोध किया और दरवाजे से लटक गए। उसी समय मोंटाना के सीनेट सदस्य, रिपब्लिकन पार्टी के टिम शीही, जो कि पूर्व नेवी सील हैं, ने उनकी मदद की और दरवाजे से उनका हाथ हटाया। पुलिस ने कहा कि मैगिनिस ने खुद अपने हाथ को दरवाजे में फंसा लिया था ताकि वह अधिकारियों के खिलाफ अपनी स्थिति बनाए रख सकें। उन्हें भी चोटें आईं और उनका इलाज किया गया।
फ्लोरेंस इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर में महीनों से बंद हैती के 56 वर्षीय इमैनुएल डमास की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई। उनके भाई प्रेस्ली नेल्सन ने बुधवार को बताया कि दांत के इन्फेक्शन का इलाज न मिलने की वजह से उनकी जान गई। डमास ने फरवरी के बीच में ही दांत में तेज दर्द की शिकायत की थी, लेकिन मेडिकल स्टाफ ने उन्हें डेंटिस्ट के पास नहीं भेजा। नेल्सन का आरोप है कि सेंटर के कर्मचारियों ने उनके भाई की तकलीफ को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका जैसे देश में ऐसी मौत होना बेहद दुखद है।
डमास इस साल अमेरिकी इमिग्रेशन कस्टडी में मरने वाले नौवें व्यक्ति हैं। इससे पहले 27 फरवरी को कैलिफोर्निया के डिटेंशन सेंटर में मैक्सिकन नागरिक अल्बर्टो गुटिरेज-रेयेस की भी मौत हुई थी। उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ थी। डमास को पिछले साल सितंबर में हिरासत में लिया गया था। उनकी शरण की अर्जी खारिज होने के बाद भी उन्हें सेंटर में ही रखा गया था। चैंडलर सिटी काउंसिल की सदस्य और नर्स क्रिस्टीन एलिस ने इस घटना पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि मेडिकल लाइसेंस वाले लोगों की मौजूदगी में ऐसी लापरवाही समझ से बाहर है। फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। इमिग्रेशन विभाग (आईसीई) और सेंटर चलाने वाली निजी कंपनी 'कोरसिविक' ने इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।