सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   west asia crisis iran oman hormuz strait monitoring proposal maritime security gulf tensions shipping safety

Strait of Hormuz: होर्मुज में ईरान-ओमान के साथ मिलकर करेगा खेल, जानें जहाजों की आवाजाही पर क्या बन रही योजना

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 03 Apr 2026 07:58 AM IST
विज्ञापन
सार

ईरान ने ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य जहाजों को सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देना बताया गया है। हालांकि, ईरान पर जहाजों पर हमले और भारी वसूली के आरोप लगते रहे हैं। ओमान ने अभी इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

west asia crisis iran oman hormuz strait monitoring proposal maritime security gulf tensions shipping safety
होर्मुज जलडमरूमध्य - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार

ईरान ने गुरुवार को एक बड़ा दावा किया है। ईरान के राजनयिक काजेम गरीबाबादी ने बताया कि उनका देश ओमान के साथ मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'इरना' ने इस खबर की जानकारी दी है।
Trending Videos


गरीबाबादी के अनुसार, इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य जहाजों के आने-जाने के रास्ते को आसान और सुरक्षित बनाना है। इसके साथ ही, इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को बेहतर सेवाएं देना भी इस योजना का हिस्सा है। होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का एक बहुत ही संकरा और व्यापार के लिए महत्वपूर्ण रास्ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले कुछ समय में इस समुद्री क्षेत्र में जहाजों पर कई हमले हुए हैं। इन हमलों के पीछे ईरान का हाथ होने की बात कही जाती रही है। इसके अलावा ईरान पर आरोप भी लगे है कि ईरान इस संकरे रास्ते से गुजरने के बदले जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की मांग करता है। जिसकी वजह से इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही में काफी मुश्किलें पैदा हो गई हैं।

ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संकट: तेहरान के सबसे ऊंचे पुल पर US-इस्राइल ने क्यों बरसाए बम? हमले में अब तक आठ की मौत, 95 घायल

फिलहाल यह साफ नहीं है कि ईरान के इस नए प्रस्ताव का असल में क्या मतलब होगा। ओमान ने अभी तक इस दावे को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की है और न ही इसकी पुष्टि की है। भौगोलिक रूप से यह समुद्री रास्ता ईरान और ओमान की सीमाओं के भीतर आता है। इसके बावजूद इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, यहां से जहाजों को बिना किसी रुकावट के गुजरने की आजादी मिलनी चाहिए।

ईरानी राजनयिक गरीबाबादी ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब भी कोई आक्रामक कार्रवाई होती है, तो जहाजों के रास्ते में गंभीर समस्याएं आती हैं। उन्होंने आगे कहा, हम इस समय युद्ध की स्थिति में हैं। ऐसे में हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि शांति के समय वाले नियम युद्ध की स्थितियों में भी लागू होंगे। 

अन्य खबरें-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed