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Rescue Mission: तीन शब्दों से बची पायलट की जान, संदेश को US ने समझा ईरानी चाल; ट्रंप ने बताया कैसे किया डिकोड

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 06 Apr 2026 09:39 AM IST
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सार

ईरान में गिराए गए अमेरिकी विमान के पायलट के एक संदेहास्पद रेडियो संदेश ने शुरुआत में भ्रम पैदा किया, लेकिन जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि वह सुरक्षित है। जोखिम भरे सैन्य अभियान के जरिए उसे सफलतापूर्वक बचा लिया गया। डोनाल्ड ट्रंप ने इस खोज एवं बचाव अभियान के बारे में जानकारी देते हुए पायलट को भाग्यशाली बताया।

why US fear false signals trap F-15 Pilot rescue mission 3 word message after irgc shootdown Iran Israel War
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलासा किया है कि ईरान में गिराए गए F-15 लड़ाकू विमान के एक क्रू सदस्य के रेडियो संदेश ने शुरुआत में अमेरिकी सेना के भीतर चिंता बढ़ा दी थी। कुछ समय के लिए यह आशंका भी जताई गई कि यह संदेश ईरान की किसी चाल का हिस्सा हो सकता है।
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अमेरिकी मीडिया एक्सियोस को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि विमान गिरने के बाद अमेरिका के पास अधिकारी के ठिकाने से जुड़ी बीपिंग जानकारी आ रही थी। इसी दौरान पायलट की ओर से रेडियो पर एक छोटा और असामान्य संदेश मिला- 'ईश्वर की शक्ति।'
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झूठे संकेत और ईरानी साजिश का शक
ट्रंप ने कहा कि यह संदेश सुनकर कुछ अधिकारियों को लगा कि यह ऐसा वाक्य है जो आमतौर पर मुस्लिम संदर्भ में इस्तेमाल होता है। इससे यह संदेह पैदा हुआ कि कहीं पायलट को पकड़ तो नहीं लिया गया और ईरान की ओर से अमेरिकी बलों को फंसाने के लिए झूठे संकेत तो नहीं भेजे जा रहे हैं। हालांकि, बाद में एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि असल में संदेश 'भगवान अच्छा है' था। इसके बाद हालात की जांच की गई और धीरे-धीरे संदेह दूर हो गया।

जांच के बाद साफ हुई स्थिति
रिपोर्ट के मुताबिक आगे की पुष्टि के बाद यह स्पष्ट हुआ कि पायलट सुरक्षित था और किसी के कब्जे में नहीं था। ट्रंप ने कहा कि पायलट को जानने वाले लोगों ने बताया कि वह बेहद धार्मिक है, इसलिए उनका संदेश उनकी व्यक्तिगत आस्था के अनुरूप था।

रक्षा अधिकारी ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि शुरुआत में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी, लेकिन बाद में जांच के जरिए यह सुनिश्चित किया गया कि पायलट जीवित है और सुरक्षित है।

24 घंटे से ज्यादा समय तक बचकर रहा पायलट
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह क्रू सदस्य हथियार प्रणाली अधिकारी था और ईरान के पहाड़ी इलाके में घायल अवस्था में 24 घंटे से अधिक समय तक छिपा रहा। इस दौरान उसने खुद को दुश्मन के कब्जे से बचाए रखा। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी विमान को ईरानी बलों ने कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से गिराया था। उन्होंने विमान के क्रू सदस्य को भाग्यशाली बताया। 

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खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन
बचाव अभियान के लिए अमेरिकी विशेष बलों को ईरान के अंदर तक भेजा गया, जहां से उन्होंने इस पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला। ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज एवं बचाव अभियानों में से एक बताया। रिपोर्ट के अनुसार इस अभियान में नेवी सील टीम सिक्स के कमांडो शामिल थे, जबकि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरानी काफिलों को दूर रखने के लिए कार्रवाई की। आखिरकार यह मिशन सफल रहा और पायलट को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

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