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World: नीरव मोदी को ब्रिटिश कोर्ट से लगा करारा झटका; पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक ट्रेसी किडर का निधन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 26 Mar 2026 02:24 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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ब्रिटेन की अदालत ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की एक और कोशिश को झटका दिया है। लंदन हाई कोर्ट ने उनके उस आवेदन को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भारत प्रत्यर्पण के मामले को दोबारा खोलने की मांग की थी। नीरव मोदी पर भारत में करीब 13,000 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का आरोप है। कोर्ट में भारत की तरफ से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने मजबूत दलीलें पेश कीं। अदालत ने साफ कहा कि नीरव मोदी का मामला दोबारा खोलने के लिए कोई खास या असाधारण कारण नहीं है।
नीरव मोदी 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद हैं और भारत उन्हें वापस लाने की कोशिश 2018 से कर रहा है। पहले भी ब्रिटिश की अदालतें उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं और उनकी कई अपील खारिज हो चुकी हैं। हालांकि, कुछ कानूनी अड़चनें आई थीं, लेकिन अगस्त 2025 में वे भी हट गईं। नीरव मोदी ने यह कहकर केस दोबारा खोलने की मांग की थी कि भारत में उनके साथ खराब व्यवहार हो सकता है। लेकिन अदालत ने इस दलील को भी नहीं माना। इस फैसले को भारत सरकार की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।
रूस-यूक्रेन जंग में मारे गए जिम्बाब्वे के 15 नागरिक
जिम्बाब्वे सरकार ने बताया कि उसके 15 नागरिक रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए हैं। इन लोगों को नौकरी का झांसा देकर युद्ध में भेजा गया था। सरकार के अनुसार, फर्जी एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अच्छे वेतन और सुरक्षित काम का लालच देती हैं, लेकिन बाद में उन्हें जबरन युद्ध में झोंक दिया जाता है। कई लोगों के पासपोर्ट भी छीन लिए जाते हैं। जिम्बाब्वे अब बचे हुए 66 नागरिकों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है। अफ्रीका के कई देशों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।
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नीरव मोदी 2019 से ब्रिटेन की जेल में बंद हैं और भारत उन्हें वापस लाने की कोशिश 2018 से कर रहा है। पहले भी ब्रिटिश की अदालतें उनके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे चुकी हैं और उनकी कई अपील खारिज हो चुकी हैं। हालांकि, कुछ कानूनी अड़चनें आई थीं, लेकिन अगस्त 2025 में वे भी हट गईं। नीरव मोदी ने यह कहकर केस दोबारा खोलने की मांग की थी कि भारत में उनके साथ खराब व्यवहार हो सकता है। लेकिन अदालत ने इस दलील को भी नहीं माना। इस फैसले को भारत सरकार की बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।
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रूस-यूक्रेन जंग में मारे गए जिम्बाब्वे के 15 नागरिक
जिम्बाब्वे सरकार ने बताया कि उसके 15 नागरिक रूस-यूक्रेन युद्ध में मारे गए हैं। इन लोगों को नौकरी का झांसा देकर युद्ध में भेजा गया था। सरकार के अनुसार, फर्जी एजेंसियां सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अच्छे वेतन और सुरक्षित काम का लालच देती हैं, लेकिन बाद में उन्हें जबरन युद्ध में झोंक दिया जाता है। कई लोगों के पासपोर्ट भी छीन लिए जाते हैं। जिम्बाब्वे अब बचे हुए 66 नागरिकों को वापस लाने की कोशिश कर रहा है। अफ्रीका के कई देशों में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिससे चिंता बढ़ गई है।
दक्षिण अफ्रीका: भारतीय मूल की 6 महिलाओं पर ज्वेलरी चोरी का केस शुरू
दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में एक ज्वेलरी दुकान से करीब 3.2 मिलियन रैंड (लगभग करोड़ों रुपये) की चोरी के मामले में 6 भारतीय मूल की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है। इन महिलाओं को 2023 में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। दुकान के मालिक विष्णु पाथर ने कोर्ट में बताया कि शुरुआत में कुछ घड़ियां गायब थीं, लेकिन जांच में लंबे समय से चोरी का पता चला। सभी आरोपी महिलाओं ने खुद को निर्दोष बताया है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
दक्षिण अफ्रीका के डरबन शहर में एक ज्वेलरी दुकान से करीब 3.2 मिलियन रैंड (लगभग करोड़ों रुपये) की चोरी के मामले में 6 भारतीय मूल की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा शुरू हो गया है। इन महिलाओं को 2023 में गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। दुकान के मालिक विष्णु पाथर ने कोर्ट में बताया कि शुरुआत में कुछ घड़ियां गायब थीं, लेकिन जांच में लंबे समय से चोरी का पता चला। सभी आरोपी महिलाओं ने खुद को निर्दोष बताया है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
लंदन में यहूदी संस्था की एंबुलेंस में आग, दो आरोपी गिरफ्तार
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक यहूदी संस्था की चार एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी उम्र 45 और 47 साल है। यह घटना गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुई, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय रहता है। पुलिस इस हमले को यहूदी विरोधी नफरत से जुड़ा अपराध मानकर जांच कर रही है। आग लगने से एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर फट गए, जिससे पास की इमारत को भी नुकसान हुआ। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक यहूदी संस्था की चार एंबुलेंस को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी उम्र 45 और 47 साल है। यह घटना गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुई, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय रहता है। पुलिस इस हमले को यहूदी विरोधी नफरत से जुड़ा अपराध मानकर जांच कर रही है। आग लगने से एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर फट गए, जिससे पास की इमारत को भी नुकसान हुआ। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
नाइजीरिया में हमला: 10 सुरक्षाकर्मी और एक नागरिक की मौत
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य केब्बी में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें नौ सैनिक, एक पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक की मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षाबल एक संभावित हमले की सूचना पर कार्रवाई करने जा रहे थे। सरकारी प्रवक्ता याहया सार्की के अनुसार, यह घटना शांगा इलाके में देर रात हुई। आतंकियों ने अचानक हमला करके भारी नुकसान पहुंचाया और कुछ वाहनों को भी जला दिया। हमले के बाद इलाके में डर का माहौल है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिमी राज्य केब्बी में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला कर दिया, जिसमें नौ सैनिक, एक पुलिसकर्मी और एक आम नागरिक की मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षाबल एक संभावित हमले की सूचना पर कार्रवाई करने जा रहे थे। सरकारी प्रवक्ता याहया सार्की के अनुसार, यह घटना शांगा इलाके में देर रात हुई। आतंकियों ने अचानक हमला करके भारी नुकसान पहुंचाया और कुछ वाहनों को भी जला दिया। हमले के बाद इलाके में डर का माहौल है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि दोषियों को जल्द पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
इटली की पर्यटन मंत्री का इस्तीफा
इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार को बड़ा झटका लगा है। देश की पर्यटन मंत्री डेनिएला सैंटांचे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब सरकार को न्यायिक सुधारों पर हुए जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री मेलोनी ने खुद सैंटांचे से इस्तीफा देने को कहा था। इससे पहले न्याय मंत्रालय के दो अधिकारी भी इस्तीफा दे चुके थे। यह पूरा मामला सरकार की छवि और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहा है।
डेनिएला सैंटांचे पहले से ही कई कानूनी मामलों में फंसी हुई थीं, जिनमें फर्जी अकाउंटिंग और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है। 2023 में भी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब वे बच गई थीं। अपने इस्तीफे में सैंटांचे ने कहा कि उन्हें दुख है कि उनका कार्यकाल इस तरह खत्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि वे दूसरों की गलतियों का दोष अपने ऊपर नहीं लेना चाहतीं। इस रेफरेंडम में सरकार के प्रस्ताव को जनता ने खारिज कर दिया, जिससे मेलोनी सरकार की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार को बड़ा झटका लगा है। देश की पर्यटन मंत्री डेनिएला सैंटांचे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब सरकार को न्यायिक सुधारों पर हुए जनमत संग्रह (रेफरेंडम) में हार का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री मेलोनी ने खुद सैंटांचे से इस्तीफा देने को कहा था। इससे पहले न्याय मंत्रालय के दो अधिकारी भी इस्तीफा दे चुके थे। यह पूरा मामला सरकार की छवि और नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहा है।
डेनिएला सैंटांचे पहले से ही कई कानूनी मामलों में फंसी हुई थीं, जिनमें फर्जी अकाउंटिंग और धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है। 2023 में भी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तब वे बच गई थीं। अपने इस्तीफे में सैंटांचे ने कहा कि उन्हें दुख है कि उनका कार्यकाल इस तरह खत्म हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि वे दूसरों की गलतियों का दोष अपने ऊपर नहीं लेना चाहतीं। इस रेफरेंडम में सरकार के प्रस्ताव को जनता ने खारिज कर दिया, जिससे मेलोनी सरकार की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।
उत्तर कोरिया पहुंचे बेलारूस के राष्ट्रपति, किम जोंग से करेंगे बात
बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको बुधवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। यहां वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर बातचीत करेंगे। बेलारूस की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, प्योंगयांग हवाई अड्डे पर लुकाशेंको का स्वागत उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी किम तोक हुन ने किया, जिन्हें हाल ही में उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।
बेलारूस के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको बुधवार को उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचे। यहां वह उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर बातचीत करेंगे। बेलारूस की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, प्योंगयांग हवाई अड्डे पर लुकाशेंको का स्वागत उत्तर कोरिया के वरिष्ठ अधिकारी किम तोक हुन ने किया, जिन्हें हाल ही में उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।
सारा मुलाली बनीं चर्च ऑफ इंग्लैंड की पहली महिला आर्कबिशप
कैंसर नर्स से पादरी बनीं 63 वर्षीय सारा मुलाली ने बुधवार को आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी के रूप में अपने सार्वजनिक मंत्रालय की शुरुआत की। वे चर्च ऑफ इंग्लैंड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं। यह समारोह फीस्ट ऑफ द एननशिएशन के दिन आयोजित किया गया। मुलाली दुनिया भर के 10 करोड़ से अधिक एंग्लिकन सदस्यों की आध्यात्मिक नेता होंगी। समारोह में प्रिंस विलियम, प्रिंसेस कैथरीन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
कैंसर नर्स से पादरी बनीं 63 वर्षीय सारा मुलाली ने बुधवार को आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी के रूप में अपने सार्वजनिक मंत्रालय की शुरुआत की। वे चर्च ऑफ इंग्लैंड का नेतृत्व करने वाली पहली महिला हैं। यह समारोह फीस्ट ऑफ द एननशिएशन के दिन आयोजित किया गया। मुलाली दुनिया भर के 10 करोड़ से अधिक एंग्लिकन सदस्यों की आध्यात्मिक नेता होंगी। समारोह में प्रिंस विलियम, प्रिंसेस कैथरीन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
द. अफ्रीका: भ्रष्टाचार के आरोप में 12 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गिरफ्तार
दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार निरोधक जांचकर्ताओं ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों में 12 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों को प्रिटोरिया की एक कोर्ट में पेश किया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा द्वारा पुलिस में उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार की जांच के आदेश के बाद हुई है। गिरफ्तारियां पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के एक संदिग्ध अनुबंध से जुड़ी हैं। जांच में एक कंपनी के निदेशक को भी पकड़ा गया है।
दक्षिण अफ्रीका में भ्रष्टाचार निरोधक जांचकर्ताओं ने धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोपों में 12 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों को प्रिटोरिया की एक कोर्ट में पेश किया गया। यह कार्रवाई राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा द्वारा पुलिस में उच्च स्तरीय भ्रष्टाचार की जांच के आदेश के बाद हुई है। गिरफ्तारियां पुलिस कर्मियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के एक संदिग्ध अनुबंध से जुड़ी हैं। जांच में एक कंपनी के निदेशक को भी पकड़ा गया है।
डोनबास छोड़ने पर ही सुरक्षा की गारंटी देगा अमेरिका- यूक्रेन
अमेरिका ने सुरक्षा गारंटी के बदले यूक्रेन के सामने डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की शर्त रखी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन पर युद्ध खत्म करने के लिए दबाव बना रहे, क्योंकि वर्तमान में अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के साथ जारी संघर्ष पर केंद्रित है। जेलेंस्की ने चिंता जताई कि डोनबास से पीछे हटना न केवल यूक्रेन, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा होगा।
अमेरिका ने सुरक्षा गारंटी के बदले यूक्रेन के सामने डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की शर्त रखी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन पर युद्ध खत्म करने के लिए दबाव बना रहे, क्योंकि वर्तमान में अमेरिका का पूरा ध्यान ईरान के साथ जारी संघर्ष पर केंद्रित है। जेलेंस्की ने चिंता जताई कि डोनबास से पीछे हटना न केवल यूक्रेन, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा के लिए खतरा होगा।
पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक ट्रेसी किडर का निधन
पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक ट्रेसी किडर का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके प्रकाशक रैंडम हाउस ने इसकी पुष्टि की। किडर अपनी खास लेखन शैली के लिए जाने जाते थे, जिसमें वे सामान्य और अनदेखे विषयों को बेहद रोचक तरीके से पेश करते थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध किताब द सोल ऑफ ए न्यू मशीन है, जिसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार और नेशनल बुक अवॉर्ड मिला। इस किताब में उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरों की दुनिया को समझाया, जब यह क्षेत्र आम लोगों के लिए नया था।
उन्होंने स्कूल, अस्पताल और गरीब देशों में स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर भी गहराई से लिखा। उनकी किताब माउंटेन्स बियॉन्ड माउंटेन्स ने दुनिया भर के पाठकों को प्रभावित किया। किडर का मानना था कि कहानी कहने का तरीका ही सबसे महत्वपूर्ण होता है, चाहे विषय कोई भी हो। उनके काम में संवेदनशीलता और सच्चाई झलकती थी। उनके निधन से साहित्य जगत को बड़ा नुकसान हुआ है।
पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक ट्रेसी किडर का 80 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके प्रकाशक रैंडम हाउस ने इसकी पुष्टि की। किडर अपनी खास लेखन शैली के लिए जाने जाते थे, जिसमें वे सामान्य और अनदेखे विषयों को बेहद रोचक तरीके से पेश करते थे। उनकी सबसे प्रसिद्ध किताब द सोल ऑफ ए न्यू मशीन है, जिसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार और नेशनल बुक अवॉर्ड मिला। इस किताब में उन्होंने कंप्यूटर इंजीनियरों की दुनिया को समझाया, जब यह क्षेत्र आम लोगों के लिए नया था।
उन्होंने स्कूल, अस्पताल और गरीब देशों में स्वास्थ्य सेवाओं जैसे विषयों पर भी गहराई से लिखा। उनकी किताब माउंटेन्स बियॉन्ड माउंटेन्स ने दुनिया भर के पाठकों को प्रभावित किया। किडर का मानना था कि कहानी कहने का तरीका ही सबसे महत्वपूर्ण होता है, चाहे विषय कोई भी हो। उनके काम में संवेदनशीलता और सच्चाई झलकती थी। उनके निधन से साहित्य जगत को बड़ा नुकसान हुआ है।
कुवैत में नेताओं की हत्या की साजिश नाकाम
कुवैत में सरकार ने नेताओं की हत्या की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। देश के गृह मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये लोग ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला से जुड़े हुए थे और देश के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच कुवैती नागरिक शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के 14 अन्य सदस्य देश छोड़कर भाग चुके हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। इनमें कुछ ईरानी और लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। सरकार ने सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अभियोजन पक्ष को सौंप दिया है। इस घटना के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
कुवैत में सरकार ने नेताओं की हत्या की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। देश के गृह मंत्रालय ने बताया कि इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ये लोग ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला से जुड़े हुए थे और देश के प्रमुख नेताओं को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों में पांच कुवैती नागरिक शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क के 14 अन्य सदस्य देश छोड़कर भाग चुके हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। इनमें कुछ ईरानी और लेबनानी नागरिक भी शामिल हैं। आरोपियों ने पूछताछ में जासूसी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकार की है। सरकार ने सभी आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अभियोजन पक्ष को सौंप दिया है। इस घटना के बाद कुवैत में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
कैरेबियन सागर में अमेरिकी हमले में चार की मौत
अमेरिका की सेना ने कैरेबियन सागर में एक संदिग्ध ड्रग्स तस्करी वाली नाव पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी दक्षिणी कमान ने बताया कि यह कार्रवाई तस्करी रोकने के अभियान के तहत की गई। राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार ने हाल के महीनों में ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि ये हमले अमेरिका में नशे की समस्या को रोकने के लिए जरूरी हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इन हमलों के पीछे पर्याप्त सबूत नहीं दिए जा रहे हैं और इनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के हमलों में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर ड्रग्स जमीन के रास्ते अमेरिका पहुंचती हैं, इसलिए समुद्र में किए जा रहे हमलों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
अमेरिका की सेना ने कैरेबियन सागर में एक संदिग्ध ड्रग्स तस्करी वाली नाव पर हमला किया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी दक्षिणी कमान ने बताया कि यह कार्रवाई तस्करी रोकने के अभियान के तहत की गई। राष्ट्रपति ट्रंप की सरकार ने हाल के महीनों में ड्रग्स कार्टेल के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि ये हमले अमेरिका में नशे की समस्या को रोकने के लिए जरूरी हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इन हमलों के पीछे पर्याप्त सबूत नहीं दिए जा रहे हैं और इनकी कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के हमलों में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर ड्रग्स जमीन के रास्ते अमेरिका पहुंचती हैं, इसलिए समुद्र में किए जा रहे हमलों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
सोशल मीडिया कंपनियों पर बड़ा फैसला, देना होगा मुआवजा
अमेरिका की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मेटा और यूट्यूब को एक युवती को मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया था कि बच्चे आसानी से इनके आदी हो जाएं, जिससे उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जूरी ने पीड़िता को 30 लाख डॉलर का हर्जाना देने का फैसला किया है, साथ ही अतिरिक्त जुर्माना भी लगाने की सिफारिश की है। फैसले में कहा गया कि मेटा की जिम्मेदारी 70% और यूट्यूब की 30% है।
यह मामला इसलिए खास है क्योंकि यह पहली बार है जब सोशल मीडिया कंपनियों को इस तरह के आरोपों में दोषी ठहराया गया है। इस फैसले से भविष्य में ऐसे कई मामलों पर असर पड़ सकता है। दोनों कंपनियों ने फैसले से असहमति जताई है और अपील करने की बात कही है।
अमेरिका की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मेटा और यूट्यूब को एक युवती को मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि इन प्लेटफॉर्म्स को इस तरह डिजाइन किया गया था कि बच्चे आसानी से इनके आदी हो जाएं, जिससे उनकी मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। जूरी ने पीड़िता को 30 लाख डॉलर का हर्जाना देने का फैसला किया है, साथ ही अतिरिक्त जुर्माना भी लगाने की सिफारिश की है। फैसले में कहा गया कि मेटा की जिम्मेदारी 70% और यूट्यूब की 30% है।
यह मामला इसलिए खास है क्योंकि यह पहली बार है जब सोशल मीडिया कंपनियों को इस तरह के आरोपों में दोषी ठहराया गया है। इस फैसले से भविष्य में ऐसे कई मामलों पर असर पड़ सकता है। दोनों कंपनियों ने फैसले से असहमति जताई है और अपील करने की बात कही है।