{"_id":"6a4e25bdcd74c029bc027d44","slug":"yogini-ekadashi-2026-kab-hai-ekadashi-vrat-puja-vidhi-benefits-and-importance-in-hindi-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yogini Ekadashi 2026: कब है योगिनी एकादशी और इस दिन कौन-कौन सा बनेगा योग और क्या है इसका महत्व","category":{"title":"Predictions","title_hn":"बोले तारे","slug":"predictions"}}
Yogini Ekadashi 2026: कब है योगिनी एकादशी और इस दिन कौन-कौन सा बनेगा योग और क्या है इसका महत्व
Wed, 08 Jul 2026 03:56 PM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 08 Jul 2026 03:56 PM IST
सार
Yogini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में योगिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखने से 88 हजार ब्राह्राणों के भोजन कराने का पुण्य लाभ मिलता है।
विज्ञापन
एकादशी 2026
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Yogini Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में हर माह आने वाली एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। 10 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है। इस एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से कई तरह के पापो से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, योगिनी एकादशी पर व्रत रखने और इसके नियमों का पालन करने से भगवान विष्णु का विशेष आशीर्वाद मिलता है। आइए जानत हैं योगिनी एकादशी की तिथि और इस व्रत का महत्व।
योगिनी एकादशी व्रत तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 16 मिनट से होगी और इसका समापन 11 जुलाई को सुबह 5 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा। फिर अगले दिन द्वादशी तिथि पर भगवनान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-आराधना करने के बाद व्रत का पारण होगा।
योगिनी एकादशी पर शुभ संयोग
इस बार योगिनी एकादशी पर एक साथ कई तरह के शुभ और लाभकारी योगों का निर्माण होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस बार एकादशी पर सुकर्मा और धृति नाम का योग बनेगा, साथ ही शुक्रवार के दिन एकादशी व्रत होने से और मां लक्ष्मी की पूजा करने से एकादशी का पूरा फल मिलेगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्दि होगी।
विज्ञापन
योगिनी एकादशी व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में वैसे तो सभी 24 एकादशी का विशेष महत्व होता है, लेकिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन जाने-अनजान में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत को विधि-विधान से करने पर इसके फल के रूप में 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के फल के समान मिलता है।Chaturmas 2026: कब से शुरू हो रहा है चातुर्मास? जानें जुलाई में कब से बंद होंगे मांगलिक कार्य
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
विज्ञापन
योगिनी एकादशी व्रत तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 10 जुलाई को सुबह 08 बजकर 16 मिनट से होगी और इसका समापन 11 जुलाई को सुबह 5 बजे होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा। फिर अगले दिन द्वादशी तिथि पर भगवनान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-आराधना करने के बाद व्रत का पारण होगा।
विज्ञापन
योगिनी एकादशी पर शुभ संयोग
इस बार योगिनी एकादशी पर एक साथ कई तरह के शुभ और लाभकारी योगों का निर्माण होने जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस बार एकादशी पर सुकर्मा और धृति नाम का योग बनेगा, साथ ही शुक्रवार के दिन एकादशी व्रत होने से और मां लक्ष्मी की पूजा करने से एकादशी का पूरा फल मिलेगा। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्दि होगी।
विज्ञापन
योगिनी एकादशी व्रत का महत्व
हिंदू धर्म में वैसे तो सभी 24 एकादशी का विशेष महत्व होता है, लेकिन आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी का विशेष महत्व होता है। इस दिन जाने-अनजान में किए गए पापों से मुक्ति मिलती है। इस व्रत को विधि-विधान से करने पर इसके फल के रूप में 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के फल के समान मिलता है।