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New Year 2026: साल 2026 में नया कैलेंडर लगाते समय न करें ये भूल, जानिए वास्तु नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Thu, 01 Jan 2026 07:15 AM IST
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सार
नया कैलेंडर खरीदकर घर ले आते हैं और वर्ष की शुरुआत होते ही उसे बड़े उत्साह के साथ घर, दुकान या ऑफिस में अपनी सुविधा के अनुसार लगा देते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र में यह अच्छा नहीं होगा।
New Year 2026
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हम सभी अब नए वर्ष 2026 में प्रवेश कर चुके हैं। नया साल आने से पहले ही अधिकतर लोग नया कैलेंडर खरीदकर घर ले आते हैं और वर्ष की शुरुआत होते ही उसे बड़े उत्साह के साथ घर, दुकान या ऑफिस में अपनी सुविधा के अनुसार लगा देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि आपके द्वारा लगाया गया कैलेंडर किस दिशा में लगा है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, कैलेंडर लगाने की दिशा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हमारे भाग्य, सुख और समृद्धि से माना गया है। यदि कैलेंडर गलत दिशा में लगा हो, तो यह जीवन में प्रगति की राह में बाधा भी बन सकता है। इसलिए कैलेंडर लगाते समय कुछ वास्तु नियमों का पालन करना आवश्यक है। आइए जानते हैं, कैलेंडर लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
इस दिशा में कभी न लगाएं कैलेंडर
घर में कैलेंडर लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उसे कभी भी दक्षिण दिशा में या दक्षिण दिशा की दीवार पर न लगाएं। यदि घर में दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगा होता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। साथ ही, प्रगति के अवसरों में कमी आती है और तरक्की रुकने लगती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने से घर की सुख-समृद्धि और वैभव में गिरावट आने लगती है।
इन दिशाओं में लगाना होता है शुभ
दक्षिण दिशा को छोड़कर आप कैलेंडर को पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। पूर्व दिशा में कैलेंडर लगाना जीवन में उन्नति और नए अवसरों का संकेत माना गया है। इस दिशा में लाल, गुलाबी या हरे रंग का कैलेंडर, जिसमें उगते हुए सूर्य या शुभ प्रतीकों के चित्र हों, लगाना अत्यंत शुभ होता है।
धन आगमन और आर्थिक समृद्धि के लिए उत्तर दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। इस दिशा में नदी, समुद्र, झरने, विवाह जैसे शुभ प्रसंगों वाले चित्रों का कैलेंडर लगाना चाहिए। साथ ही, हरे, नीले, आसमानी और सफेद रंगों का अधिक प्रयोग वास्तु के अनुसार लाभदायक माना गया है। लाभ, उपलब्धि और स्थिरता के लिए पश्चिम दिशा उपयुक्त मानी जाती है। इस दिशा में सुनहरे, स्लेटी या सफेद रंग का कैलेंडर लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और घर में शांति का वातावरण बना रहता है।
इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
जिस कैलेंडर को आप घर में लगा रहे हैं, उसमें युद्ध, रक्तरंजित दृश्य, उजाड़ प्रकृति, सूखे पेड़, उदासी या अवसाद फैलाने वाले चित्र नहीं होने चाहिए। इसी प्रकार मांसाहारी जानवरों के चित्र भी वास्तु की दृष्टि से अनुचित माने गए हैं। इसके अलावा, कभी भी नए कैलेंडर को पुराने कैलेंडर के ऊपर न लगाएं। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। यदि पुराना कैलेंडर समय पर हटाया नहीं जाता और उसे लगे रहने दिया जाता है, तो घर के सदस्यों की प्रगति में बाधाएं आने लगती हैं और कार्यों में रुकावट बनी रहती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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वास्तु शास्त्र के अनुसार, कैलेंडर लगाने की दिशा का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हमारे भाग्य, सुख और समृद्धि से माना गया है। यदि कैलेंडर गलत दिशा में लगा हो, तो यह जीवन में प्रगति की राह में बाधा भी बन सकता है। इसलिए कैलेंडर लगाते समय कुछ वास्तु नियमों का पालन करना आवश्यक है। आइए जानते हैं, कैलेंडर लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
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इस दिशा में कभी न लगाएं कैलेंडर
घर में कैलेंडर लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उसे कभी भी दक्षिण दिशा में या दक्षिण दिशा की दीवार पर न लगाएं। यदि घर में दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगा होता है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव घर के मुखिया के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। साथ ही, प्रगति के अवसरों में कमी आती है और तरक्की रुकने लगती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा में कैलेंडर लगाने से घर की सुख-समृद्धि और वैभव में गिरावट आने लगती है।
इन दिशाओं में लगाना होता है शुभ
दक्षिण दिशा को छोड़कर आप कैलेंडर को पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। पूर्व दिशा में कैलेंडर लगाना जीवन में उन्नति और नए अवसरों का संकेत माना गया है। इस दिशा में लाल, गुलाबी या हरे रंग का कैलेंडर, जिसमें उगते हुए सूर्य या शुभ प्रतीकों के चित्र हों, लगाना अत्यंत शुभ होता है।
धन आगमन और आर्थिक समृद्धि के लिए उत्तर दिशा सबसे उत्तम मानी गई है। इस दिशा में नदी, समुद्र, झरने, विवाह जैसे शुभ प्रसंगों वाले चित्रों का कैलेंडर लगाना चाहिए। साथ ही, हरे, नीले, आसमानी और सफेद रंगों का अधिक प्रयोग वास्तु के अनुसार लाभदायक माना गया है। लाभ, उपलब्धि और स्थिरता के लिए पश्चिम दिशा उपयुक्त मानी जाती है। इस दिशा में सुनहरे, स्लेटी या सफेद रंग का कैलेंडर लगाने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है और घर में शांति का वातावरण बना रहता है।
इन बातों का भी रखें विशेष ध्यान
जिस कैलेंडर को आप घर में लगा रहे हैं, उसमें युद्ध, रक्तरंजित दृश्य, उजाड़ प्रकृति, सूखे पेड़, उदासी या अवसाद फैलाने वाले चित्र नहीं होने चाहिए। इसी प्रकार मांसाहारी जानवरों के चित्र भी वास्तु की दृष्टि से अनुचित माने गए हैं। इसके अलावा, कभी भी नए कैलेंडर को पुराने कैलेंडर के ऊपर न लगाएं। ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। यदि पुराना कैलेंडर समय पर हटाया नहीं जाता और उसे लगे रहने दिया जाता है, तो घर के सदस्यों की प्रगति में बाधाएं आने लगती हैं और कार्यों में रुकावट बनी रहती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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