{"_id":"6a2160dbcedc7947530c084f","slug":"5-000-ethanol-pumps-to-open-across-country-check-government-s-plan-2026-06-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"E85 Fuel India: देशभर में खुलेंगे 5,000 एथेनॉल पंप, जानें फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लिए सरकार का क्या है प्लान","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
E85 Fuel India: देशभर में खुलेंगे 5,000 एथेनॉल पंप, जानें फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लिए सरकार का क्या है प्लान
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Thu, 04 Jun 2026 04:56 PM IST
विज्ञापन
सार
Flex Fuel Vehicles India: भारत ने वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए E85 ईंधन उपलब्ध कराने का व्यापक रोडमैप तैयार किया है। हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि दिल्ली एनसीआर समेत अनेक स्थानों पर शुरुआती चरण में 100 E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे। जानें इसके बारे में विस्तार से...
देशभर में खुलेंगे 5,000 एथेनॉल पंप
- फोटो : एआई जनरेटेड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
Ethanol Fuel Stations: मारुति सुजुकी ने आज यानी चार जून को अपनी वैगनआर को फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल के रूप में लॉन्च किया है। लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि E85 ऐसा ईंधन मिश्रण है, जिसमें 85 प्रतिशत तक इथेनॉल शामिल होता है। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) ने इसे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए मोनो-फ्यूल स्टैंडर्ड के रूप में मान्यता दी है।
सरकार का मानना है कि E85 भविष्य के सबसे स्वच्छ ईंधन विकल्पों में से एक बन सकता है। पुरी ने इसे भारत के वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ते कदम का अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह तकनीक कई मामलों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के समान स्वच्छ विकल्प के रूप में उभर रही है।
Trending Videos
सरकार का मानना है कि E85 भविष्य के सबसे स्वच्छ ईंधन विकल्पों में से एक बन सकता है। पुरी ने इसे भारत के वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ते कदम का अहम हिस्सा बताया और कहा कि यह तकनीक कई मामलों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के समान स्वच्छ विकल्प के रूप में उभर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी
- फोटो : PTI
100 से 5,000 स्टेशनों तक पहुंचेगा नेटवर्क
दोपहिया से चारपहिया तक पहुंची फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
इतना ही नहीं, इसका फायदा सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हमारे देश के किसानों को भी इसका खास लाभ होगा। सरकार का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का विस्तार सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
- इस मौके पर केंद्र सरकार ने एलान किया कि फ्लेक्स फ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। हरदीप सिंह पुरी के अनुसार शुरुआत में 100 E85 फ्यूल स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद दिसंबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 500 की जाएगी।
- वहीं, 2027 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में लगभग 5,000 E85 आउटलेट संचालित करने करने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि व्यापक नेटवर्क बनने से फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को अपनाना आसान होगा।
दोपहिया से चारपहिया तक पहुंची फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक
- पुरी ने कहा कि भारत के मोबिलिटी सेक्टर में तेजी से बदलाव हो रहा है। अब तक फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों तक सीमित थी, लेकिन अब यह चारपहिया वाहनों में भी मौजूद है।
- इस दौरान मारुति सुजुकी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वैगनआर की फ्लेक्स-फ्यूल लाॅन्चिंग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
- उनका मानना है कि इससे फ्लेक्स-फ्यूल इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी और अधिक वाहन निर्माता भी इस क्षेत्र में निवेश कर सकेंगे।
किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा
इतना ही नहीं, इसका फायदा सिर्फ आम जनता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि हमारे देश के किसानों को भी इसका खास लाभ होगा। सरकार का कहना है कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का विस्तार सिर्फ ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा, इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचाया जाएगा।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
किसानों को कैसे होगा फायदा
कार्बन उत्सर्जन में भी आएगी बड़ी कमी
इसी के साथ पर्यावरण को भी इस तकनीक का बड़ा फायदा होगा। सरकार के अनुमान के अनुसार, अगर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का व्यापक इस्तेमाल शुरू होता है तो देश में करीब 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
इससे न केवल प्रदूषण कम हो सकता है, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
- किसानों के फायदे को समझाते हुए पुरी ने कहा कि अगर देश में बिकने वाले 50 प्रतिशत नए टू-व्हीलर यानी दोपहिया वाहन और फोरव्हीलर यानी चार पहिया वाहन मॉडल में बदल जाते हैं, तो इससे 311.8 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथेनॉल की मांग पैदा होगी।
- इससे किसानों को लगभग 12,403 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह पहल किसानों को केवल अन्नदात ही नहीं बल्कि ऊर्जादाता बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
कार्बन उत्सर्जन में भी आएगी बड़ी कमी
इसी के साथ पर्यावरण को भी इस तकनीक का बड़ा फायदा होगा। सरकार के अनुमान के अनुसार, अगर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का व्यापक इस्तेमाल शुरू होता है तो देश में करीब 66.4 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
इससे न केवल प्रदूषण कम हो सकता है, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा और नेट-जीरो लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
- फोटो : PTI
गडकरी को ऑटो कंपनियों से बड़ी उम्मीद
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और भी वाहन निर्माता फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है और फ्लेक्स-फ्यूल इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। उनका मानना है कि उद्योग और सरकार मिलकर इस तकनीक को बड़े स्तर पर सफल बना सकते हैं।
बढ़ती तेल कीमतों के बीच अहम कदम
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक दबावों के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में वृद्धि कई अन्य देशों, विशेषकर जापान की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही है। ऐसे में इथेनॉल आधारित ईंधनों का विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और भी वाहन निर्माता फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक को अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से क्लीन मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है और फ्लेक्स-फ्यूल इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। उनका मानना है कि उद्योग और सरकार मिलकर इस तकनीक को बड़े स्तर पर सफल बना सकते हैं।
बढ़ती तेल कीमतों के बीच अहम कदम
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वैश्विक दबावों के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में वृद्धि कई अन्य देशों, विशेषकर जापान की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही है। ऐसे में इथेनॉल आधारित ईंधनों का विस्तार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।