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Jeff Bezos: AI से नौकरियां जाने के डर पर जेफ बेजोस का चौंकाने वाला बयान, नए स्टार्टअप पर खोले राज; कही यह बात

टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jagriti Updated Sun, 21 Jun 2026 02:30 PM IST
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सार

VivaTech 2026: एआई इंसानों की नौकरी खा जाएगा...इस सवाल पर दुनियाभर में बहस जारी है। कई कंपनियों में AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बड़े पैमाने पर छंटनी भी देखने को मिली है, जिससे कर्मचारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसी बीच अमेजन के संस्थापक ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी है। आइए जानते हैं कि AI के भविष्य को लेकर बेजोस का क्या कहना है।
 

AI Replace Workers or Create New Opportunities? Jeff Bezos Shares View
अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस - फोटो : x
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विस्तार

Jeff Bezos AI jobs labor shortage: पेरिस में आयोजित विवाटेक 2026 (VivaTech 2026) कॉन्फ्रेंस में अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस का एआई को लेकर एक चौंकाने वाला नजरिया सामने आया। जहां एक ओर दुनिया की कई बड़ी कंपनियां अपने कर्मचारियों को लेऑफ के मेल कर रही हैं, वहीं बेजोस का मानना है कि भविष्य में बेरोजगारी की नहीं, बल्कि कामगारों की भारी कमी होने वाली है। कहा कि यह एडवांस टेक्नोलॉजी इंसानी रोजगार को खत्म करने के बजाय नए अवसरों और नई समस्याओं को हल करने का जरिया बनेगी। उन्होंने साफ किया कि एआई इंसानों की रचनात्मकता का दायरा इतना बढ़ा देगा कि आने वाले समय में काम करने वालों की भारी किल्लत होने लगेगी। हालांकि इस मौके पर उन्होंने कई चेतावनी भी जारी की है। जिनके बारे में यहां जिक्र किया गया है...


बेजोस का तर्क....बेरोजगारी नहीं, पैदा होगी लेबर शॉर्टेज
  • कॉन्फ्रेंस के दौरान जेफ बेजोस ने रोजगार पर वैश्विक चिंता जताई। उन्होंने कहा कि AI के आने से पूरी दुनिया में लेबर शॉर्टेज यानी की कामगारों की कमी का दौर शुरू होने जा रहा है। उनके अनुसार एआई हमारे नई समस्याओं को पहचानने और उन्हें सुलझाने की प्रक्रिया को एकदम आसान बना देगा। क्योंकि जब इंसानों को समस्यओं को ढूंढने और उन्हें हल करने की इतनी बड़ी ताकत मिलेगी, तो लोग बड़े पैमाने पर नए आडियाज पर काम करना शुरू करेंगे।
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  • जिसका नतीजा होगा, उन नए आइडियाज और वेंचर्स को पूरा करने के लिए बाजार में काम करने वाले लोगों की कमी होने लगेगी। इस खास चर्चा में उनके साथ ब्लू ओरिजिन के चीफ एग्जीक्यूटिव देव लिम्प ने भी हिस्सा लिया था।
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किए कुछ नए खुलासे?
हालांकि इस इवेंट में जेफ बेजोस ने नए और सीक्रेट वेंचर का खुलासा किया। उन्होनें प्रोमेथियस के बारे में बताया। 
  • क्या है यह ? प्रोमेथियस एक अत्याधुनिक एआई स्टार्टअप है, जो टेक की दुनिया को बदलने के लिए शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य एक  'आर्टिफिशियल जनरल इंजीनियर' (Artificial General Engineer) तैयार करना है।
  • यह क्या काम करेगा?:  बेजोस ने कहा कि टेक की दुनिया में यह एक बेहद एडवांस AI प्रणाली है, जो बिल्कुल किसी इंसानी इंजीरियर की तरह खुद से किसी भी जटिल और कठिन समस्या को समझ सकती है। यह बिना किसी इंसानी मदद के उसका ब्लूप्रिंट तैयार कर सकती है और कोडिंग या डिजाइनिंग के जरिए उसे खुद ही हल भी कर सकती है।
  • बेजोस ने उम्मीद जताई कि यह तकनीक दुनिया में इनोवेशन के चक्र को इतनी तेज कर देगी कि जिन आइडियाज को सोचना भी पहले नामुमकिन था, उन पर काम करना संभव हो जाएगा।

सुपर-इंटेलिजेंस के लिए क्या चेतावनी जारी की?
  • इस दौरान फाउंडर ने पर्यावरण और संसाधनों पर पड़ रहे इसके भारी दबाव को लेकर भी गंभीर बात कही। बताया कि डेटा सेंटर्स को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली और कूलिंग के लिए पानी की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में अगर हम अपनी बायोलॉजिकल लिमिट्स को देखते हुए डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कूलिंग रिसोर्सेज यानी पानी और कूलिंग के साधन को रोक देते हैं, तो हम एआई की रफ्तार को धीमा कर देंगे।
  • उन्होंने अपने महत्वपूर्ण बयान में कहा कि अगर हम सिर्फ बुनियादी इंसानी आराम को बनाए रखने के लिए अपने डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से कूलिंग रिसोर्सेज को रोकते हैं, तो हम एक ऐसी सुपर-इंटेलिजेंस के जन्म में देरी कर रहे हैं, जो शुरुआत में ही हमारी सभी संसाधन संबंधी समस्याओं को हल कर सकती है। उनके अनुसार डिजिटल क्षमताएं असीम हैं, बशर्ते हम संसाधनों को प्राथमिकता दें।

सिर्फ घूमने नहीं, चांद पर रहने जा रहे हैं हम
  • इतना ही नहीं, इवेंट में बेजोस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से परे जाकर भी कई महत्वपूर्ण बातें साझा की। उन्होंने अंतरिक्ष में इंसानी बस्तियां बसाने के अपने लॉन्ग-टर्म स्पेस विजन को भी साझा किया। कहा कि पृथ्वी के बाहर अगर इंसानों को स्थायी रूप से बसना है, तो चंद्रमा हमारा पहला पड़ाव होगा।
  • चांद बनेगा बेस कैंप: बेजोस ने कहा कि हम चंद्रमा पर रहने के लिए जा रहे हैं, ना कि सिर्फ घूमने के लिए। वहां मौजूद प्राकृतिक संसाधन और वहां से कम होने वाली स्पेसक्राफ्ट लॉन्चिंग कॉस्ट की वजह से चांद भविष्य के सभी अंतरिक्ष मिशनों का मुख्य केंद्र बनेगा।
  • मंगल ग्रह का रास्ता: आगे उन्होंने बताया कि चंद्रमा पर मिलने वाले अनुभवों और खोजों के दम पर ही आगे चलकर मंगल ग्रह और ब्रह्मांड के अन्य हिस्सों में इंसानी बस्तियां बसाने का रास्ता पूरी तरह साफ होगा। अंतरिक्ष में इंसानी विस्तार इसलिए भी जरूरी है ताकि पृथ्वी की आर्थिक ग्रोथ भी चलती रहे और हमारी धरती का पर्यावरण भी सुरक्षित बचा रहे।
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