बीजिंग ऑटो शो 2026: फ्लाइंग कारें और इंसानों जैसे रोबोट! बीजिंग ऑटो शो में दिखा भविष्य, चीनी कंपनियों का दबदबा
Beijing Auto Show 2026: चीन की राजधानी बीजिंग में आज से दुनिया के सबसे बड़े ऑटो शो का आगाज हो चुका है। इस ऑटो शो में चीनी इलेक्ट्रिक कारों ने धूम मचा दी है। कभी बाजार पर राज करने वाली विदेशी कंपनियां भी अब रेस में बने रहने के लिए चीनी तकनीक का सहारा ले रही हैं। इस प्रदर्शनी में 1400 से ज्यादा गाड़ियां, एआई से लैस स्मार्ट कारें, उड़ने वाली गाड़ियां और 180 से ज्यादा ग्लोबल प्रीमियर पेश किए जा रहे हैं। इस शो में ईवी, स्मार्ट कार्स और फ्यूचर टेक्नोलॉजी पर खास फोकस है।
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विस्तार
आज से चीन की राजधानी बीजिंग में दुनिया के सबसे बड़े ऑटो शो का आगाज हो चुका है। कारों के इस महाकुंभ में लाखों फैंस के जुटने की उम्मीद है, जहां बाजार में आने वाली सबसे एडवांस, हाई-टेक और शानदार डिजाइन वाली गाड़ियां पेश की जा रही हैं। शो के पहले ही दिन चमचमाती चीनी इलेक्ट्रिक कारों (ईवी) का जादू सिर चढ़कर बोला और इनके साथ सेल्फी लेने वालों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आज के समय में ऑटोमोबाइल बाजार में कॉम्पिटिशन इतना बढ़ गया है कि हर कंपनी ग्राहकों को लुभाने के लिए एक से बढ़कर एक फीचर्स ला रही है।
कब और कहां हो रहा है ये ऑटो शो
इस साल बीजिंग ऑटो शो 24 अप्रैल से 3 मई तक बीजिंग में आयोजित हो रहा है। इसका विषय 'बुद्धिमत्ता का भविष्य' है। 3 लाख 80 हजार वर्ग मीटर से ज्यादा के क्षेत्र में होने वाले इस शो में 1400 से ज्यादा वाहनों और 180 से ज्यादा वैश्विक प्रीमियर के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) और इंटेलिजेंट कनेक्टेड तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
इस साल के शो में इलेक्ट्रिक एसयूवी और स्मार्ट कारों के '8' और '9' सीरीज के मॉडलों का वर्चस्व है। इसमें NIO ES9, Li Auto L9/L8, VW ID. UNYX 08/09, और BYD Great Tang जैसी गाड़ियां शामिल हैं। फॉक्सवैगन समूह भी चीन के लिए अपनी 'इन चाइना, फॉर चाइना' रणनीति के तहत नए मॉडलों का अनावरण कर रहा है।
विदेशी कंपनियों पर भारी पड़ रहे चीनी ब्रांड्स
कभी चीन के कार बाजार पर फॉक्सवैगन, टोयोटा और बीएमडब्ल्यू जैसे विदेशी ब्रांड्स का राज हुआ करता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। अब बीवाईडी, शाओमी और एक्सपेंग जैसी लोकल चीनी कंपनियों ने ईवी मार्केट में धूम मचा दी है। ये कंपनियां न सिर्फ विदेशी ब्रांड्स से सस्ती कारें दे रही हैं, बल्कि एआई और बिना ड्राइवर के चलने वाली तकनीक में भी सबसे आगे निकल गई हैं।
कितना भव्य है यह ऑटो शो?
बीजिंग में आयोजित यह ऑटो शो किसी महाकुंभ से कम नहीं है। इसकी भव्यता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह शो 3 लाख 80 हजार वर्ग मीटर में फैले दो बड़े वेन्यू में आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्रफल के मामले में लगभग 50 फुटबॉल मैदानों के बराबर है।
कारों के इस महाकुंभ में सैकड़ों देसी और विदेशी कंपनियां अपनी 1,400 से ज्यादा नई और एडवांस्ड गाड़ियों को पेश कर रही हैं। यह शो आज से इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स और मीडिया के लिए खोल दिया गया है, वहीं आम जनता 28 अप्रैल से 3 मई तक इस मेले का लुत्फ उठा सकेगी।
उड़ने वाली कारें और फ्यूचर की तकनीक
इस शो में चीनी ब्रांड्स फ्यूचरिस्टिक ट्रांसपोर्टेशन, फास्ट बैटरी चार्जिंग और ऑटोनोमस ड्राइविंग के मामले में एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। सबसे ज्यादा चर्चा एक्सपेंग की है। सिर्फ 10 साल पुरानी इस कंपनी का कहना है कि वह शो में अपना नया स्मार्ट ड्राइविंग सिस्टम और 'रोबोटिक्स और उड़ने वाली कारों' की झलक दिखाने वाली है।
विदेशी कंपनियों ने बदली अपनी रणनीति
टेक्नोलॉजी की इस तेज रफ्तार रेस में पीछे छूटने के डर से अब दिग्गज विदेशी कार मेकर्स ने अपनी रणनीति बदल ली है और वे चीनी कंपनियों के साथ हाथ मिला रहे हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण बीएमडब्ल्यू है, जिसने बैटरी तकनीक के लिए चीनी दिग्गज CATL के साथ पार्टनरशिप की है।
वहीं, ऑडी अब अपनी कारों को स्मार्ट बनाने के लिए हुवावे के ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है। इतना ही नहीं, फॉक्सवैगन जैसी बड़ी कंपनी भी अब चीनी फर्म एक्सपेंग के साथ मिलकर नई जनरेशन की इलेक्ट्रिक कारें तैयार करने में जुटी है।
बड़े एसयूवी का क्रेज और 'प्राइस वॉर'
बाजार के बदलते मिजाज को देखते हुए इस साल कार कंपनियों का पूरा फोकस बड़ी और आरामदायक एसयूवी पर है। आज का ग्राहक ऐसी गाड़ियां पसंद कर रहा है जिनमें न सिर्फ ज्यादा स्पेस हो, बल्कि लग्जरी और कंफर्ट का भी खास ख्याल रखा गया हो। इसी मांग को पूरा करने के लिए कंपनियों के बीच एक जबरदस्त 'प्राइस वॉर' यानी कीमतों की जंग भी छिड़ गई है।
चीनी मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनियां ग्राहकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं और पुरानी कारों के बदले नई कार लेने पर भारी-भरकम 'एक्सचेंज डिस्काउंट' और कई बेहतरीन स्कीम्स ऑफर कर रही हैं।
एक चार्ज में 1300 किलोमीटर का सफर
दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, यही वजह है कि अब ग्राहक तेजी से ईवी की ओर रुख कर रहे हैं। इस मांग को देखते हुए अब कंपनियों के बीच 'रेंज' यानी एक बार फुल चार्ज करने पर कार कितनी दूर चलेगी, इसे लेकर एक होड़ मच गई है। इसका सबसे सटीक उदाहरण शाओमी ने पेश किया है।
हाल ही में कंपनी के सीईओ लेई जुन ने अपनी नई इलेक्ट्रिक कार SU7 Pro के जरिए बीजिंग से शंघाई तक का 1,300 किलोमीटर लंबा सफर तय कर सबको चौंका दिया। इस 15 घंटे की लंबी यात्रा की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह रही कि कार को पूरे रास्ते में सिर्फ एक बार चार्ज करने की जरूरत पड़ी।

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