CNG Car Sales: पेट्रोल के बाद सीएनजी बनी लोगों की सबसे बड़ी पसंद, FY2026 में पार किया 10 लाख कारों का आंकड़ा
CNG Car Sales India FY2026: भारत में सीएनजी कारों की मांग FY2026 में तेजी से बढ़ी है, जहां कुल बिक्री 10 लाख यूनिट्स के पार पहुंच गई। इस सेगमेंट में मारुति सुजुकी ने लगभग 70% हिस्सेदारी के साथ दबदबा बनाए रखा, जबकि टाटा मोटर्स और ह्यूंदै भी मजबूत प्रदर्शन करते नजर आए। दिलचस्प बात यह है कि अब सीएनजी सिर्फ छोटी कारों तक सीमित नहीं है, बल्कि एसयूवी और एमपीवी जैसी बड़ी गाड़ियां भी सीएनजी अवतार में जमकर बिक रही हैं। पढ़िए FY2026 में सीएनजी कारों की रिकॉर्ड-तोड़ सफलता और टॉप मॉडल्स की पूरी कहानी।
विस्तार
वित्तीय वर्ष 2026 (FY2026) में भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में सीएनजी कारों ने जबरदस्त धूम मचाई है। पहली बार सीएनजी पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री ने 10 लाख यूनिट्स का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। इस वर्ष देश में कुल 47 लाख पैसेंजर गाड़ियां बिकीं, जिनमें से 10.14 लाख सिर्फ सीएनजी मॉडल थे। इसका सीधा मतलब है कि अब बाजार में सीएनजी कारों की हिस्सेदारी बढ़कर 21.7% हो गई है, जो पिछले वर्ष (FY2025) 19.6% थी।
यह लगातार दूसरा वर्ष है जब पेट्रोल के बाद सीएनजी लोगों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद बन गई है और इसने डीजल कारों को काफी पीछे छोड़ दिया है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, तेजी से खुलते सीएनजी पंप और कंपनियों के जरिए पहले से फिट सीएनजी किट देने की वजह से पिछले तीन वर्षों में इसकी डिमांड लगभग दोगुनी हो गई है।
कौन सी कंपनी रही सबसे आगे?
सीएनजी कार बाजार में कंपनियों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो यहां मारुति सुजुकी का एकतरफा राज नजर आता है। मारुति ने न केवल अपनी बादशाहत बरकरार रखी, बल्कि 7.07 लाख से ज्यादा कारों की रिकॉर्ड बिक्री के साथ बाजार के लगभग 70% हिस्से पर कब्जा कर लिया। कंपनी की इस बड़ी सफलता का मुख्य श्रेय उनकी हैचबैक, सेडान और 7-सीटर अर्टिगा जैसे मॉडल्स की लंबी रेंज को जाता है।
मारुति के बाद टाटा मोटर्स ने 1.72 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ दूसरे बड़े खिलाड़ी के रूप में अपनी जगह मजबूत की है। टाटा की इस ग्रोथ में उनकी पॉपुलर एसयूवी नेक्सन और पंच के सीएनजी वेरिएंट्स ने सबसे अहम भूमिका निभाई। वहीं, इस रेस में ह्यूंदै 95 हजार से अधिक यूनिट्स बेचकर तीसरे स्थान पर रही, जबकि टोयोटा ने भी अपने कुछ चुनिंदा मॉडल्स के जरिए इस सेगमेंट में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है।
FY2026 की टॉप सीएनजी कारें
अगर मॉडल-वाइज बिक्री की बात करें तो यहां भी मारुति सुजुकी की गाड़ियों का ही जलवा देखने को मिला। मारुति अर्टिगा ने 1,45,480 यूनिट्स की शानदार बिक्री के साथ देश की नंबर-वन सीएनजी कार होने का खिताब अपने नाम किया। अर्टिगा के ठीक पीछे मारुति डिजायर रही, जिसकी 1,35,330 यूनिट्स बिकीं और यह लिस्ट में दूसरे पायदान पर काबिज हुई। दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों ही मॉडल्स को न केवल आम परिवारों ने खूब पसंद किया, बल्कि टैक्सी और कमर्शियल फ्लीट सेगमेंट में भी इनकी जबरदस्त मांग बनी रही, जिसने इन्हें सीएनजी बाजार का असली किंग बना दिया है।
अन्य हिट गाड़ियां
मारुति की वैगनआर (96,381) और ब्रेजा (71,329) भी ग्राहकों को खूब पसंद आईं। वहीं, टाटा की नेक्सन (69,168) और पंच (67,468) ने शानदार प्रदर्शन किया। टाटा की 'ट्विन-सिलेंडर तकनीक' (बूट स्पेस बचाने के लिए डिक्की के नीचे दो छोटे सिलेंडर लगाने की तकनीक) ग्राहकों को काफी लुभा रही है।
हैचबैक से लेकर एसयूवी तक, हर जगह सीएनजी की मांग
अब वह दौर बीत चुका है जब सीएनजी को सिर्फ छोटी कारों तक सीमित माना जाता था। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े गवाह हैं कि सीएनजी अब हर सेगमेंट की पसंद बन चुकी है। मारुति ईको (66,675 यूनिट्स) और ह्यूंदै ऑरा (62,612 यूनिट्स) जैसी गाड़ियों ने अपनी उपयोगिता के दम पर भारी डिमांड बटोरी, तो वहीं मारुति फ्रोंक्स, स्विफ्ट, बलेनो और प्रीमियम XL6 ने भी बिक्री के चार्ट में शानदार प्रदर्शन किया।
इसके अलावा, ह्यूंदै एक्सटर और टाटा टियागो जैसे मॉडल्स ने बाजार में अपनी दमदार एंट्री दर्ज कराई, जो अब सीएनजी की कुल हिस्सेदारी बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि अब ग्राहकों के बीच एसयूवी और एमपीवी (MPV) का क्रेज भी बढ़ रहा है; यही वजह है कि ग्रैंड विटारा, टोयोटा रुमियन, हाईराइडर और ग्लैंजा जैसे बड़े मॉडल्स अब सीएनजी अवतार में भी अपनी जगह बना रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच बजट पर नजर रखने वाले ग्राहकों के लिए ऑल्टो, सेलेरियो और एस-प्रेसो जैसी एंट्री-लेवल कारें आज भी सीएनजी अपनाने का सबसे भरोसेमंद जरिया बनी हुई हैं।
क्यों बढ़ रहा है सीएनजी का क्रेज?
सीएनजी की इस रिकॉर्ड-तोड़ सफलता के पीछे कई ठोस वजहें हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण इसकी किफायती रनिंग कॉस्ट है। पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों के बीच, सीएनजी कारें आम आदमी की जेब पर बहुत कम बोझ डालती हैं। खर्च में इस बचत के साथ-साथ अब आसान उपलब्धता ने भी ग्राहकों का डर खत्म कर दिया है। आज देश के 600 से ज्यादा शहरों में सीएनजी पंपों का जाल बिछ चुका है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अब पहले जैसी मुश्किल नहीं रही।
यही नहीं, अब ग्राहकों को बाहर से किट लगवाने के झंझट और जोखिम से भी मुक्ति मिल गई है। ऑटो कंपनियां खुद फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट दे रही हैं, जो न केवल पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि बेहतरीन माइलेज और इंजन की लंबी उम्र का भरोसा भी देती हैं। सबसे बड़ा बदलाव तो लोगों की सोच में आया है। अब सीएनजी सिर्फ बजट कारों तक सीमित नहीं रही। लोग अब एसयूवी और एमपीवी जैसे प्रीमियम और बड़े मॉडल्स में भी सीएनजी को खुशी-खुशी अपना रहे हैं, जो इस क्लीन फ्यूल के प्रति बढ़ते भरोसे का सबसे बड़ा प्रमाण है।
आगे का रास्ता
भारत में सीएनजी कारों का भविष्य बेहद शानदार नजर आ रहा है। उम्मीद है कि आने वाले समय में कार कंपनियां, खासकर एसयूवी सेगमेंट में, कई और नए सीएनजी मॉडल्स लेकर आएंगी। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और नई तकनीकों के साथ सीएनजी की यह रफ्तार आगे भी जारी रहने वाली है।
