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EV Tax Saving: मार्च क्लोजिंग से पहले ईवी पर बंपर बचत, 40% डेप्रिसिएशन के साथ बचाएं लाखों का टैक्स; जानें कैसे
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jagriti
Updated Tue, 10 Mar 2026 10:25 AM IST
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सार
EV corporate sales India: भारत में इलेक्ट्रिक कार कंपनियां इस समय कॉर्पोरेट खरीदारों को लक्ष्य बनाकर बिक्री की रफ्तार के लिए रणनीति अपना रही हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, इसलिए कंपनियां बड़े डिस्काउंट और टैक्स लाभों के साथ कॉर्पोरेट ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं। ऑटो डीलर्स के अनुसार, लगभग हर दूसरी इलेक्ट्रिक कार कंपनी इस समय कॉर्पोरेट खरीदारों को खास ऑफर दे रही है। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कॉर्पोरेट बेनिफिट्स शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब1.8 लाख से 5.2 लाख तक पहुंच सकती है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : adobe stock
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विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक कार कंपनियां इस समय कॉर्पोरेट खरीदारों को लक्ष्य बनाकर बिक्री की रफ्तार के लिए रणनीति अपना रही हैं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, इसलिए कंपनियां बड़े डिस्काउंट और टैक्स लाभों के साथ कॉर्पोरेट ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही हैं। ऑटो डीलर्स के अनुसार, लगभग हर दूसरी इलेक्ट्रिक कार कंपनी इस समय कॉर्पोरेट खरीदारों को खास ऑफर दे रही है। इन ऑफर्स में कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस और कॉर्पोरेट बेनिफिट्स शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत करीब1.8 लाख से 5.2 लाख तक पहुंच सकती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने की एक बड़ी वजह टैक्स से जुड़ा फायदा है। भारत के टैक्स नियमों के अनुसार, अगर कोई कंपनी 31 मार्च से पहले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदती है, तो वह पहले ही साल में 40 प्रतिशत तक एक्सेलरेटेड डेप्रिसिएशन क्लेम कर सकती है। इसके मुकाबले पेट्रोल और डीजल वाहनों पर केवल 15 प्रतिशत डेप्रिसिएशन मिलता है। अगर किसी कंपनी का कॉर्पोरेट टैक्स रेट लगभग 30 प्रतिशत है, तो तीन साल में उसे काफी बड़ी टैक्स बचत मिल सकती है। यही वजह है कि कई कंपनियां इस समय अपने वाहन बेड़े (Fleet) को इलेक्ट्रिक में बदलने पर विचार कर रही हैं।
ये भी पढ़े: Affordable Automatic Cars: भारत की सबसे सस्ती ऑटोमैटिक कारें, शानदार माइलेज के साथ
कंपनियां दे रहीं अतिरिक्त सुविधाएं
कार कंपनियां सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं हैं। कॉर्पोरेट ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ये और भी सुविधाएं दे रही हैं। जैसे एक्सटेंडेड वारंटी, मेंटनेंस पैकेज, पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क एक्सेस। ये सुविधाएं खासतौर पर छोटे और मध्यम आकार के बिजनेस के लिए फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन को आसान बनाती हैं। साथ ही इसी मौके का फायदा उठाने के लिए कई घरेलू और वैश्विक कंपनियां विशेष अभियान चला रही है। इनमें टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया, विनफास्ट, बीवाईडी, किया इंडिया, टेस्ला जैसी कंपनियां प्रमुख हैं।
ईवी बाजार में रफ्तार
माना कि बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री मेंतेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन अभी भी पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, फरवरी में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री सालाना आधार पर 44 प्रतिशत बढ़कर 13,733 यूनिट हो गई। सरकारी वाहन पोर्टल की बात करें तो इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 26 के पहले 11 महीनें में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 84% से बढ़कर 1.75 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंच गई।
ये भी पढ़े: Top Retro Motorcycles: रेट्रो बाइक खरीदना चाहते हैं? ₹2.5 लाख के अंदर ये हैं टॉप विकल्प
मार्च में बिक्री बढ़ाने के कारण?
एक्सपर्ट्स के अनुसार ऑटो कंपनियों के लिए मार्च का महीना दो वजहों से अहम होता है। पहला नए मॉडल लॉन्च से पहले पुराने स्टॉक को क्लियर करना और दूसरा कॉर्पोरेट फ्लीट डील्स को अंतिम रूप देना। वहीं, कंपनियों के लिए यह स्मार्ट टैक्स प्लानिंग का मौका है। इससे न केवल टैक्स बचत होती है बल्कि उनकी ग्रीन और सस्टेनेबल इमेज भी मजबूत होती है। कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष के अंत में टैक्स फायदे और बड़े डिस्काउंट के चलते इलेक्ट्रिक कार बाजार में कॉर्पोरेट डिमांड तेजी से बढ़ रही है, जो भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार को और तेज कर सकती है।
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इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने की एक बड़ी वजह टैक्स से जुड़ा फायदा है। भारत के टैक्स नियमों के अनुसार, अगर कोई कंपनी 31 मार्च से पहले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदती है, तो वह पहले ही साल में 40 प्रतिशत तक एक्सेलरेटेड डेप्रिसिएशन क्लेम कर सकती है। इसके मुकाबले पेट्रोल और डीजल वाहनों पर केवल 15 प्रतिशत डेप्रिसिएशन मिलता है। अगर किसी कंपनी का कॉर्पोरेट टैक्स रेट लगभग 30 प्रतिशत है, तो तीन साल में उसे काफी बड़ी टैक्स बचत मिल सकती है। यही वजह है कि कई कंपनियां इस समय अपने वाहन बेड़े (Fleet) को इलेक्ट्रिक में बदलने पर विचार कर रही हैं।
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कंपनियां दे रहीं अतिरिक्त सुविधाएं
कार कंपनियां सिर्फ डिस्काउंट तक सीमित नहीं हैं। कॉर्पोरेट ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए ये और भी सुविधाएं दे रही हैं। जैसे एक्सटेंडेड वारंटी, मेंटनेंस पैकेज, पब्लिक चार्जिंग नेटवर्क एक्सेस। ये सुविधाएं खासतौर पर छोटे और मध्यम आकार के बिजनेस के लिए फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन को आसान बनाती हैं। साथ ही इसी मौके का फायदा उठाने के लिए कई घरेलू और वैश्विक कंपनियां विशेष अभियान चला रही है। इनमें टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया, विनफास्ट, बीवाईडी, किया इंडिया, टेस्ला जैसी कंपनियां प्रमुख हैं।
ईवी बाजार में रफ्तार
माना कि बाजार में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री मेंतेजी से बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन अभी भी पारंपरिक वाहनों की तुलना में कम है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के अनुसार, फरवरी में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री सालाना आधार पर 44 प्रतिशत बढ़कर 13,733 यूनिट हो गई। सरकारी वाहन पोर्टल की बात करें तो इसके अनुसार वित्तीय वर्ष 26 के पहले 11 महीनें में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 84% से बढ़कर 1.75 लाख यूनिट से ज्यादा पहुंच गई।
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मार्च में बिक्री बढ़ाने के कारण?
एक्सपर्ट्स के अनुसार ऑटो कंपनियों के लिए मार्च का महीना दो वजहों से अहम होता है। पहला नए मॉडल लॉन्च से पहले पुराने स्टॉक को क्लियर करना और दूसरा कॉर्पोरेट फ्लीट डील्स को अंतिम रूप देना। वहीं, कंपनियों के लिए यह स्मार्ट टैक्स प्लानिंग का मौका है। इससे न केवल टैक्स बचत होती है बल्कि उनकी ग्रीन और सस्टेनेबल इमेज भी मजबूत होती है। कुल मिलाकर, वित्तीय वर्ष के अंत में टैक्स फायदे और बड़े डिस्काउंट के चलते इलेक्ट्रिक कार बाजार में कॉर्पोरेट डिमांड तेजी से बढ़ रही है, जो भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार को और तेज कर सकती है।
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