Two-Wheeler Toll: बंगलूरू में दोपहिया वाहन सवारों को राहत? NICE रोड पर खत्म हो सकती है टोल वसूली?
बंगलूरू में रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए, NICE Road लंबे समय से सुविधा और परेशानी, दोनों का सबब रही है।
विस्तार
बंगलूरू के रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों के लिए NICE Road (नाइस रोड) लंबे समय से तेज सफर का विकल्प रहा है। लेकिन दोपहिया वाहनों से वसूले जाने वाले टोल को लेकर लगातार विवाद भी रहा है।
जहां देश के ज्यादातर राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों पर बाइक चालकों से टोल नहीं लिया जाता। वहीं इस निजी सड़क पर दोपहिया वाहनों से शुल्क लिया जाता रहा है।अब वर्षों से उठती आ रही नाराजगी के बाद इस व्यवस्था में बदलाव की संभावना दिखाई दे रही है।
क्या सरकार टोल शुल्क खत्म करने पर विचार कर रही है?
कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने हाल ही में संकेत दिया है कि सरकार NICE रोड पर दोपहिया वाहनों से टोल वसूली खत्म करने की दिशा में कदम उठा रही है।
विधानसभा सत्र के दौरान उन्होंने कहा कि इस निजी सड़क पर वसूले जाने वाले शुल्क और सरकारी राजमार्गों की व्यवस्था में अंतर की समीक्षा की जा रही है।
सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक उप-समिति गठित की है, जो परियोजना की वित्तीय स्थिति का अध्ययन कर रही है।
परियोजना की वित्तीय स्थिति की जांच क्यों हो रही है?
उप-समिति नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (NICEL) द्वारा किए गए कुल निवेश और 2008 से अब तक एकत्रित टोल राजस्व की समीक्षा कर रही है।
सरकार को सलाह देने के लिए एक कंसल्टेंट की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि दोपहिया वाहनों से टोल वसूली समाप्त की जाए या नहीं।
इस परियोजना से जुड़े और कौन-से विवाद हैं?
NICE रोड परियोजना को लेकर केवल टोल शुल्क ही विवाद का कारण नहीं है।
कई अन्य मुद्दे भी सामने आए हैं, जैसे:
-
जिन किसानों ने अपनी जमीन दी थी, उन्हें मुआवजा मिलने में देरी
-
परियोजना के तहत प्रस्तावित टाउनशिप का अभी तक विकसित न होना
इन मुद्दों ने लोगों के बीच यह धारणा पैदा की है कि निजी परियोजना में सार्वजनिक हित और निजी लाभ के बीच संतुलन की कमी है।
क्या सड़क सुरक्षा के लिए नई तकनीक लागू की जाएगी?
सरकार NICE रोड पर सुरक्षा उपायों को भी मजबूत करने की योजना बना रही है।
इसके तहत सड़क पर एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। जो वाहनों की रफ्तार और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की निगरानी करेंगे।यह तकनीक पहले से बंगलूरू-मैसूर एक्सप्रेसवे पर उपयोग में लाई जा रही है और इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।
इससे आम यात्रियों को क्या फायदा हो सकता है?
अगर दोपहिया वाहनों के लिए टोल शुल्क समाप्त कर दिया जाता है, तो इससे रोजाना यात्रा करने वाले हजारों बाइक चालकों को राहत मिल सकती है।
अभी कई लोग टोल से बचने के लिए NICE रोड का इस्तेमाल नहीं करते और शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों से गुजरते हैं।
टोल हटने से अधिक बाइक सवार इस मार्ग का उपयोग कर सकते हैं, जिससे आसपास के ट्रैफिक जाम में भी कुछ राहत मिल सकती है।
यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव!
NICE रोड पर दोपहिया वाहनों से टोल हटाने का प्रस्ताव बंगलूरू के यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
यदि सरकार इस फैसले को लागू करती है, तो यह न केवल यात्रा खर्च कम करेगा बल्कि शहर के ट्रैफिक दबाव को भी कुछ हद तक कम करने में मदद कर सकता है।