Fuel: पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर ध्यान ना दें, सरकार और तेल कंपनियों ने कहा- 'देश में फुल है स्टॉक'
Petrol Shortage Rumours India: सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने बड़ा बयान दिया है। IOCL, BPCL और HPCL ने जनता को आश्वस्त किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह दुरुस्त है। कंपनियों ने लोगों से 'पैनिक बाइंग' से बचने की अपील की है। आइए जानते हैं कि पश्चिम एशिया के तनाव और प्रीमियम फ्यूल के दाम बढ़ने से ये अफवाहें कैसे फैलीं और इनकी हकीकत क्या है।
विस्तार
सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों की वजह से देश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोगों में डर है कि पेट्रोल-डीजल खत्म होने वाला है। लेकिन, सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने साफ कर दिया है कि भारत में पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल (IOCL) जैसी बड़ी कंपनियों ने इन अफवाहों को पूरी तरह से 'निराधार' बताया है।
तेल कंपनियों ने क्या कहा?
सभी प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों ने एक सुर में जनता को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। बीपीसीएल (BPCL) ने स्थिति साफ करते हुए कहा है कि भारत के पास कच्चे तेल के साथ-साथ पेट्रोल, डीजल और एविएशन फ्यूल का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है और पूरे देश में इसकी सप्लाई चेन बिना किसी रुकावट के एकदम दुरुस्त चल रही है। इसी बात को आगे बढ़ाते हुए इंडियन ऑयल (IOCL) ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अफवाहों में आकर घबराएं नहीं और जरूरत से ज्यादा तेल भरवाने (पैनिक बाइंग) से बचें। कंपनी का कहना है कि देश भर में उनकी सभी टंकियों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है और वे लगातार काम कर रहे हैं ताकि आपकी यात्रा बिना रुके चलती रहे। इसके अलावा, एचपीसीएल (HPCL) ने भी ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि पूरे देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी (LPG) गैस का भरपूर स्टॉक है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर बिल्कुल ध्यान न दें।
Fuel is available at IndianOil locations across the country to support your everyday travel needs.
— Indian Oil Corp Ltd (@IndianOilcl) March 25, 2026
We’re working continuously to meet current demand, so you can continue your journeys as usual.
We request everyone to stay informed and avoid panic buying.#NationFirst #IndianOil… pic.twitter.com/xiD90BJ61R
आखिर क्यों फैल रही हैं ये अफवाहें?
इन अफवाहों और लोगों में फैली घबराहट के पीछे मुख्य रूप से दो वजहें हैं। पहली वजह पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव है। दरअसल, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते विवाद की वजह से दुनिया के अहम तेल रूट 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) पर संभावित असर को लेकर ग्लोबल मार्केट में हलचल मची हुई है। इसी अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए सोशल मीडिया पर भारत में भी तेल संकट की झूठी खबरें उड़ने लगीं, जबकि हकीकत में भारत की घरेलू सप्लाई पर इसका कोई भी असर नहीं हुआ है।
वहीं, इन अफवाहों को तब और हवा मिल गई जब कुछ ही दिन पहले इंडियन ऑयल ने अपने प्रीमियम पेट्रोल (XP-95) की कीमत में करीब ₹2 प्रति लीटर का इजाफा कर दिया और साथ ही इंडस्ट्रियल डीजल (फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाला ईंधन) के दाम भी बढ़ा दिए। अंतरराष्ट्रीय तनाव और प्रीमियम फ्यूल के दाम बढ़ने की खबरों को जोड़कर लोगों ने रेगुलर फ्यूल खत्म होने या महंगे होने का गलत अंदाजा लगा लिया। हालांकि, यह पूरी तरह साफ है कि आम लोगों के इस्तेमाल वाले रेगुलर पेट्रोल-डीजल की कीमतों और उसकी उपलब्धता में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
अफवाहों से बेवजह पड़ता है दबाव
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) के चेयरमैन अरविंदर सिंह साहनी ने देशवासियों को भरोसा दिलाया कि भारत में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा कि देशभर के सभी पेट्रोल पंप सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। साहनी ने लोगों से अपील की है कि वे बिना वजह घबराकर गाड़ियों की टंकियां फुल कराने से बचें, क्योंकि ऐसी अफवाहों से सप्लाई चेन पर बेवजह दबाव पड़ता है।
We would like to assure all citizens that there is no shortage of petrol or diesel.
— ChairmanIOC (@ChairmanIOCL) March 25, 2026
IndianOil outlets nationwide are well-stocked and functioning normally.
Unverified rumours can lead to unnecessary panic and supply disruptions.
Please avoid panic buying and trust only official…
कई शहरों में दिखा पैनिक का असर
इन अफवाहों के चलते अहमदाबाद, हैदराबाद, राजकोट और सूरत जैसे शहरों में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अचानक मांग बढ़ने से कुछ पेट्रोल पंपों पर कुछ देर के लिए तेल खत्म भी हुआ, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बेवजह घबराकर तेल भरवाने से सप्लाई चेन पर दबाव पड़ता है और इससे 'नकली किल्लत' पैदा हो सकती है।
कच्चे तेल और शेयरों का हाल
बुधवार को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गईं। इसका फायदा घरेलू तेल कंपनियों को मिला और HPCL, BPCL और IOCL के शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई।