ऑटोमेशन का नया दौर: दिग्गज कार निर्माता ने फैक्ट्री में तैनात किए 50 रोबोट, 1,000 लोगों को गंवाना पड़ा रोजगार
AI Replacing Workers: दिग्गज वाहन निर्माता जनरल मोटर्स (GM) ने अपने फैक्ट्री जीरो प्लांट में 50 नए रोबोट्स तैनात किए हैं, जिसके कारण 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। कंपनी का कहना है कि रोबोट्स, इंसानों की मदद और सुरक्षा के लिए हैं, वहीं मजदूर यूनियन (UAW) इसे इंसानों के रोजगार पर सीधा हमला मानकर कड़ा विरोध कर रही है।
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विस्तार
अमेरिका की दिग्गज कार निर्माता कंपनी जनरल मोटर्स ने लागत घटाने और काम की स्पीड बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने मिशिगन में अपने फैक्ट्री जीरो असेंबली प्लांट में 50 नए रोबोट तैनात किए हैं।
लेकिन मशीनों के आने से इंसानों का नुकसान हुआ है। कंपनी ने इस प्लांट से 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल दिया है। लगातार हो रही इन छंटनियों और रोबोट्स की एंट्री से मजदूर यूनियनों में भारी गुस्सा है। आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।
ये रोबोट क्या काम करते हैं?
ऑटोब्लॉग की रिपोर्ट के मुताबिक, इन रोबोट्स को कोबोट्स (कोलैबोरेटिव बॉट्स) कहा जाता है। इनका काम इंसानों के साथ मिलकर प्रोडक्शन लाइन पर काम करना है। ये रोबोट वाहनों के बॉडी पैनल फिट करने जैसे भारी और तकनीकी काम में मदद कर रहे हैं।
कंपनी ने अपनी सफाई में क्या कहा?
इतनी बड़ी छंटनी पर सफाई देते हुए जनरल मोटर्स का कहना है कि ये रोबोट इंसानों की नौकरी खाने के लिए नहीं, बल्कि उनकी मदद करने के लिए लाए गए हैं।
- सुरक्षा और सहूलियत: GM के प्रवक्ता केविन केली ने बताया कि ये कोबोट्स प्लांट में सुरक्षा और काम के माहौल को बेहतर बनाने के लिए लगाए गए हैं।
- अस्थायी छंटनी: कंपनी का दावा है कि जिन 1,000 कर्मचारियों को निकाला गया है, उनकी छंटनी अस्थायी है। हालांकि, वे काम पर वापस कब लौटेंगे, इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
मजदूर यूनियन क्यों भड़की हुई है?
रोबोट्स की इस तैनाती का यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) यूनियन कड़ा विरोध कर रही है। उनका मानना है कि ऑटोमेशन और एआई के नाम पर मजदूरों का हक मारा जा रहा है। UAW लोकल 22 के अध्यक्ष जेम्स कॉटन ने कहा, "हमसे हमारी मैनपावर छीनी जा रही है। प्लांट में इन कोबोट्स को देखकर हम अंदर तक निराश हैं।"
UAW के राष्ट्रीय अध्यक्ष शॉन फेन ने इसे "इंसानियत की लड़ाई" करार दिया। उन्होंने कहा, "मजदूर पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहे हैं, लेकिन इसका फायदा उन्हें नहीं मिल रहा। अगर एआई का इस्तेमाल इसी तरह नौकरियां छीनने के लिए होता रहा, तो इसे रोकना होगा।"
छंटनी का सिलसिला कोई नया नहीं
GM पिछले कुछ समय से लगातार अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर रही है और नई तकनीक की तरफ शिफ्ट हो रही है:
- मई में: कंपनी ने अपने IT विभाग से 600 से ज्यादा इंजीनियरों को निकाल दिया था, जो पूरे विभाग का 10% था।
- अक्तूबर 2025 में: इससे पहले 200 से ज्यादा कंप्यूटर-एडेड डिजाइन (CAD) इंजीनियरों की भी छुट्टी कर दी गई थी।
विशेषज्ञ इसे स्किल्स स्वैप कह रहे हैं, जहां कंपनियां पुराने आईटी रोल्स को खत्म करके एआई और ऑटोमेशन पर पैसा लगा रही हैं।
मुनाफे में कंपनी, फिर भी नौकरियां खतरे में
जनरल मोटर्स इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की धीमी डिमांड का सामना कर रही है, जिसकी वजह से पिछले एक साल में प्लांट का काम कई बार रोकना भी पड़ा। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन चुनौतियों के बावजूद, 2026 की पहली तिमाही में GM ने 4.25 अरब डॉलर का भारी मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 22% ज्यादा है।
अभी लंबा खिचेंगा ये विवाद
यह विवाद यहीं रुकने वाला नहीं है। ऐसा माना जा रहा है कि 2028 में जब मजदूरों और कंपनियों के बीच नया एग्रीमेंट होगा, तब ऑटोमेशन और रोबोट्स के इस्तेमाल का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाएगा।