अच्छी खबर: दूसरे राज्यों में वाहन ट्रांसफर होगा आसान, खत्म हो सकती है NOC की झंझट
Vehicle Transfer Without NOC India: दूसरे राज्य में गाड़ी ट्रांसफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आ सकती है। सरकार जल्द ही RTO से NOC लेने का झंझट खत्म कर सकती है और सारा वेरिफिकेशन 'वाहन' पोर्टल के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा। इसके अलावा, गाड़ियों को उनकी 'उम्र' के बजाय 'फिटनेस' के आधार पर सड़कों पर चलने की मंजूरी देने का भी प्रस्ताव है।
विस्तार
अगर आप अपनी गाड़ी को एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रांसफर करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है। अक्सर दूसरे राज्य में गाड़ी ले जाने पर कागजी कार्रवाई, खासकर NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना सबसे बड़ा सिरदर्द होता है। लेकिन अब सरकार इस झंझट को हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी कर रही है। आइए समझते हैं कि सरकार का नया प्लान क्या है और इससे आपको क्या फायदा होगा।
क्या है सरकार का नया प्लान?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीति आयोग की एक कमेटी ने सुझाव दिया है कि राज्यों के बीच वाहन ट्रांसफर करने के लिए NOC की शर्त को हटा दिया जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अगर यह लागू होता है तो आपको अपने पुराने RTO (रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अभी कितनी मुश्किल है ये प्रक्रिया?
फिलहाल, अगर आप अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन किसी दूसरे राज्य में कराना चाहते हैं तो आपको एक लंबी और थकाऊ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए सबसे पहले आपको अपने पुराने राज्य के RTO से NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेनी होती है। ये इस बात का प्रमाण है कि आपकी गाड़ी पर कोई रोड टैक्स या चालान बाकी नहीं है। NOC मिलने के बाद ही आप नए राज्य में दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां आपको पुरानी RC, फिटनेस सर्टिफिकेट, टैक्स की रसीदें और मूल RTO से मिली NOC सहित कई अहम दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं।
बिना NOC के कैसे होगा गाड़ी का ट्रांसफर?
आपके मन में सवाल होगा कि बिना NOC के ट्रांसफर कैसे होगा? इसका जवाब है 'वाहन' पोर्टल। देशभर की सभी गाड़ियों का पूरा डेटाबेस वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन मौजूद है। कमेटी का सुझाव है कि गाड़ी पर कोई टैक्स या चालान बाकी है या नहीं, इसकी जांच ऑनलाइन 'वाहन' डेटाबेस के जरिए ऑटोमैटिक तरीके से हो सकती है। जब सभी राज्यों के RTO के पास इस डेटाबेस का एक्सेस है, तो कागजी NOC मांगने का कोई मतलब नहीं रह जाता। इससे एक ऑटो-जनरेटेड क्लियरेंस सिस्टम बन जाएगा जो ट्रांसफर की प्रक्रिया को चुटकियों में पूरा कर देगा।
एक और बड़ी खबर: गाड़ी की 'उम्र' नहीं, 'फिटनेस' होगी जरूरी
कमेटी ने वाहन मालिकों को एक और बड़ी राहत देने का सुझाव दिया है। दरअसल अभी कई जगहों पर गाड़ी की उम्र तय होने के कारण एकदम सही कंडीशन वाली गाड़ियों को भी सड़कों से हटाना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों की तर्ज पर गाड़ी की उम्र के बजाय उसकी फिटनेस पर जोर देने की सिफारिश की गई है। इस नए सुझाव का सीधा फायदा यह होगा कि अगर आपकी गाड़ी पुरानी होने के बावजूद सभी फिटनेस और सुरक्षा मानकों पर खरी उतरती है तो वह बिना किसी पाबंदी के सड़कों पर शान से दौड़ सकेगी।
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