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Price Difference: एक ही कार, फिर भी अलग-अलग शहरों की कीमतों में अंतर क्यों? समझिए ऑन-रोड प्राइस का गणित

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Mon, 09 Mar 2026 04:26 PM IST
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सार

Car Price Difference In Indian Cities: क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही कार अलग-अलग शहरों में अलग-अलग कीमत पर क्यों मिलती है? ये लेख कार खरीदारों की इसी सबसे बड़ी उलझन सुलझाने वाला है।

Why Car Prices Differ Across Indian Cities: Understanding Ex-Showroom vs On-Road Cost
अलग-अलग शहरों में अलग-अलग क्यों होती हैं कार कीमतें? (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एआई
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विस्तार

भारत में नई कार खरीदना कई लोगों का सपना होता है और बेहतर सड़कों व बढ़ती आय के कारण हाल के वर्षों में कारों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। लेकिन कार खरीदते समय कई ग्राहकों को एक बड़ा झटका लगता है। ऑनलाइन दिखने वाली कीमत और शोरूम में बताई गई कीमत में लाखों का अंतर होता है। इसके अलावा एक ही कार आपके शहर में किसी दूसरे राज्य के मुकाबले ज्यादा महंगी हो सकती है। आखिर ऐसा क्यों होता है आइए इसे समझते हैं।

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'एक्स-शोरूम' और 'ऑन-रोड' कीमत का खेल

कार निर्माता कंपनी जो कीमत तय करती है, उसे एक्स-शोरूम प्राइस कहते हैं। ये कीमत पूरे देश में लगभग एक जैसी ही रहती है। लेकिन कार को शोरूम से निकालकर अपने घर तक लाने के लिए आपको कई अन्य स्थानीय शुल्क देने होते हैं। जिन्हें मिलाकर ऑन-रोड प्राइस बनता है। आपकी कार की फाइनल ऑन-रोड कीमत में मुख्य रूप से ये 4 चीजें शामिल होती हैं:

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  • रोड टैक्स: ये राज्य सरकार के जरिए वसूला जाने वाला टैक्स है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस: ये आपकी कार को नई नंबर प्लेट और आरसी (RC) देने का सरकारी खर्च होता है।
  • इंश्योरेंस: ये कार का बीमा प्रीमियम होता है। जो भारत में कानूनन अनिवार्य है।
  • टीसीएस: ये कुछ खास कीमत से ऊपर की कारों पर लगने वाला टैक्स है।

रोड टैक्स: कीमत में भारी अंतर का सबसे बड़ा कारण

अलग-अलग शहरों में कार की कीमत बदलने का सबसे मुख्य कारण रोड टैक्स होता है। भारत में हर राज्य सरकार अपने हिसाब से वाहनों पर टैक्स तय करती है। कुछ राज्यों में यह कार की एक्स-शोरूम कीमत का एक तय प्रतिशत होता है। कुछ राज्यों में स्लैब सिस्टम लागू होता है, जिसका मतलब है कि कार जितनी महंगी होगी, उस पर टैक्स की दर भी उतनी ही ज्यादा हो जाएगी। यही कारण है कि टैक्स जोड़ते ही एक ही कार की कीमत में 1 लाख रुपये या उससे भी ज्यादा का अंतर आ सकता है।

उदाहरण से समझिए: ह्यूंदै क्रेटा का गणित

इस अंतर को भारत की लोकप्रिय एसयूवी ह्यूंदै क्रेटा (बेस मॉडल: ई पेट्रोल) के उदाहरण से समझ सकते हैं। इस कार की एक्स-शोरूम कीमत देश भर में लगभग ₹10.72 लाख से ₹10.79 लाख के बीच है। लेकिन ऑन-रोड आते-आते अलग-अलग शहरों में इसकी कीमत कैसे बदलती है इसका उदाहरण नीचे सारणी में देख सकते हैं:

 

शहर एक्स-शोरूम कीमत (लगभग) अनुमानित ऑन-रोड कीमत
कोलकाता ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹12.50 लाख - ₹12.79 लाख
दिल्ली ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹12.60 लाख
मुंबई ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹12.84 लाख
चेन्नई ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹12.88 लाख
बेंगलुरु ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹13.36 लाख
हैदराबाद ₹10.72 लाख - ₹10.79 लाख ₹13.51 लाख

क्या कार के पेट्रोल या डीजल होने से भी फर्क पड़ता है?

आपकी कार का फ्यूल टाइप भी रोड टैक्स पर प्रभाव डालता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली में अगर आप ₹10 लाख से महंगी पेट्रोल कार लेते हैं तो उस पर लगभग 10% रोड टैक्स लगता है। वहीं, उसी बजट की डीजल कार लेने पर यह टैक्स बढ़कर लगभग 12.5% हो जाता है। इससे डीजल कारें और ज्यादा महंगी हो जाती हैं।

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