EV: हाईवे पर हर 60-70 Km पर ईवी स्टेशन, लंबी दूरी की यात्रा होगी आसान, क्या है कर्नाटक का ईवी चार्जिंग प्लान?
यह योजना कर्नाटक में ईवी उपयोग को और तेजी से बढ़ाने में मदद करेगी। बेहतर चार्जिंग नेटवर्क के साथ लोग लंबी दूरी की यात्रा के लिए भी ईवी को भरोसेमंद विकल्प मानेंगे, जिससे स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।
विस्तार
कर्नाटक के राजमार्गों पर यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उपयोगकर्ताओं को जल्द ही एक अधिक विश्वसनीय चार्जिंग नेटवर्क का लाभ मिल सकता है। राज्य में हर 60-70 किमी पर चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध कराने की तैयारी है। जिसका मकसद लंबी दूरी की यात्रा को व्यावहारिक बनाना और उपयोगकर्ताओं की 'रेंज एंजायटी' यानी दूरी की चिंता को कम करना है।
इस विस्तार का नेतृत्व कौन कर रहा है?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बंगलूरू इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (Bescom), कर्नाटक रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRDCL) के सहयोग से इस विस्तार का नेतृत्व कर रही है। दोनों एजेंसियां राज्य के प्रमुख सड़क गलियारों में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंताओं ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर ध्यान केंद्रित किया है।
कर्नाटक की वर्तमान स्थिति क्या है?
कर्नाटक पहले से ही ईवी चार्जिंग स्टेशन घनत्व के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है। वर्तमान योजना KRDCL के विस्तृत 3,000 किमी के राजमार्ग नेटवर्क पर सुविधाएं प्रदान करके इस स्थिति को और मजबूत करना चाहती है।
एक महीने पहले, KRDCL ने कई रणनीतिक स्थानों पर चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की मंजूरी दी थी, जिनमें शामिल हैं:
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टोल प्लाजा
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बस स्टैंड (Bus bays)
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ट्रक ले-बाय (Truck lay-bys)
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बंगलूरू में KRDCL का मुख्य कार्यालय
अधिकारियों ने बताया कि बुनियादी ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि हर 60-70 किमी पर एक टोल प्लाजा या बस-ट्रक बे आता है। इन स्थानों का उपयोग अब ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए किया जाएगा, जिनके आने वाले महीनों में चालू होने की उम्मीद है।
राजस्व मॉडल और समझौता (MoU) क्या है?
बेकॉम के प्रबंध निदेशक डॉ. एन. शिवशंकर के अनुसार, औपचारिक समझौते को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) यातायात प्रवाह को बाधित किए बिना सुविधाएं स्थापित करने और उनके रखरखाव की जिम्मेदारियों को रेखांकित करेगा।
राजस्व साझाकरण तंत्र:
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KRDCL को 10 वर्षों की अवधि के लिए खपत की गई बिजली पर 1 रुपये प्रति kWh प्राप्त होगा।
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कार्यान्वयन के बाद, यह नेटवर्क प्रमुख मार्गों पर उपयोगकर्ताओं को निर्बाध पहुंच प्रदान करेगा।
साइट निरीक्षण के क्या परिणाम रहे?
KRDCL और Bescom के इंजीनियरों द्वारा किए गए संयुक्त निरीक्षणों में कई व्यावहारिक स्थलों की पहचान की गई है। सर्वेक्षण किए गए 42 टोल प्लाजा में से 30 को ईवी बुनियादी ढांचे के लिए उपयुक्त पाया गया है। ये सुविधाएं फास्ट-चार्जिंग तकनीक का समर्थन करेंगी और एक समय में कम से कम छह वाहनों को समायोजित कर सकेंगी।
सरकार का इस पर क्या दृष्टिकोण है?
अतिरिक्त मुख्य सचिव (ऊर्जा) गौरव गुप्ता ने बताया कि राज्य के ईवी पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को मजबूत करने के लिए ऐसे सहयोग महत्वपूर्ण हैं। ऊर्जा मंत्री के.जे. जॉर्ज ने भी इस बात पर जोर दिया कि यह पहल लंबी दूरी की यात्रा को लेकर संभावित ईवी खरीदारों की हिचकिचाहट को दूर करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत बंगलूरू-बेलगावी राष्ट्रीय राजमार्ग पर 10 टोल प्लाजा पर 20 ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की योजना बनाई गई है। यह पहल कर्नाटक के व्यापक और भविष्य के लिए तैयार ईवी बुनियादी ढांचे को और मजबूती प्रदान करेगी।