फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   NHAI Tightens Ambulance Norms: Rs 10000 Penalty for Delays in Reaching Accident Sites

NHAI: एनएचएआई ने एंबुलेंस के नियम किए सख्त, देरी पर ₹10,000 जुर्माना, हादसे की जगह 10 मिनट में पहुंचना जरूरी

Thu, 13 Aug 2026 02:18 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Thu, 13 Aug 2026 02:18 PM IST
सार

राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसे के बाद घायलों को समय पर इलाज मिल सके, इसके लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एंबुलेंस सेवाओं के नियम और सख्त कर दिए हैं। अब NHAI की सभी परियोजनाओं पर तैनात एंबुलेंस को तय समय सीमा के भीतर दुर्घटना स्थल तक पहुंचना होगा। देरी होने पर संबंधित सेवा प्रदाता पर जुर्माना लगाया जाएगा।

विज्ञापन
NHAI Tightens Ambulance Norms: Rs 10000 Penalty for Delays in Reaching Accident Sites
NHAI Tightens Ambulance Norms - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस सेवाओं के नियमों को काफी कड़ा कर दिया है। प्राधिकरण के नए आदेश के अनुसार, टोल बूथ के 10 किलोमीटर के दायरे में दुर्घटना होने पर एम्बुलेंस को 10 मिनट के भीतर दुर्घटना स्थल पर पहुंचना अनिवार्य होगा।

विज्ञापन
अगर एम्बुलेंस निर्धारित समय में पहुंचने में नाकाम रहती है, तो ठेकेदार या ऑपरेटर पर हर देरी के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, इमरजेंसी टिकट स्वीकार होने के बाद मरीज को एक घंटे (गोल्डन आवर) के भीतर नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की समय-सीमा तय की गई है। इस नियम का पालन न होने पर भी प्रति घटना 10,000 रुपये का पेनल्टी शुल्क लगेगा। 10 किमी से अधिक दूरी की घटनाओं के लिए अनुमेय समय आनुपातिक रूप से बढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन

एम्बुलेंस की मूवमेंट और जीपीएस ट्रैकिंग से जुड़े पेनल्टी के क्या नियम हैं?

एनएचएआई द्वारा बुधवार को जारी नए सर्कुलर के तहत एम्बुलेंस की गतिविधियों की मॉनिटरिंग जीपीएस (GPS) डेटा और IMS Care (आईएमएस केयर) डैशबोर्ड के जरिए की जाएगी:
  • 2 मिनट में मूवमेंट: इमरजेंसी टिकट स्वीकार होने के 2 मिनट के भीतर एम्बुलेंस का रवाना होना अनिवार्य है। निर्धारित समय से अधिक लगने पर प्रति मिनट (या उसके हिस्से) के हिसाब से 5,000 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगेगा।
  • GPS डिवाइस की अनिवार्यता: हाईवे पर तैनात सभी एम्बुलेंस इकाइयों में AIS-140 अनुपालन वाले GPS उपकरण लगे होने चाहिए। ऐसा न होने या डैशबोर्ड पर एम्बुलेंस के विजिबल न रहने पर 2,500 रुपये प्रति दिन का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • इमरजेंसी टिकट रिजेक्ट करने पर कार्रवाई: ऑन-रोड यूनिट द्वारा किसी भी इमरजेंसी टिकट को रिजेक्ट करने पर प्रति घटना 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
  • मेडिकल संसाधनों की कमी: निरीक्षण के दौरान यदि एम्बुलेंस में आवश्यक उपकरण, दवाएं या पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित या कम पाए गए, तो प्रति निरीक्षण 10,000 रुपये का जुर्माना ठोका जाएगा।

क्या एम्बुलेंस चालकों के लिए दैनिक ड्राई रन या मॉक ड्रिल भी अनिवार्य होगी?

हां, नए नियमों के अनुसार एम्बुलेंस चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि गाड़ियां हमेशा चालू स्थिति में रहें:
  • दैनिक 5 किमी ड्राइव: एम्बुलेंस को हर 24 घंटे में कम से कम 5 किलोमीटर का सफर तय करते हुए दैनिक ड्राई रन या मॉक ड्रिल करना होगा।
  • छूट की शर्त: अगर एम्बुलेंस किसी वास्तविक दुर्घटना में सेवा दे रही है और उस दिन उसकी कुल आवाजाही 5 किलोमीटर से अधिक हो जाती है। तो उस दिन के लिए इस नियम से छूट मिलेगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी और भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में एम्बुलेंस रिस्पॉन्स टाइम में देरी पर कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed