{"_id":"643928f102f7cce252043be7","slug":"ola-electric-scooter-stolen-recovered-using-gps-feature-by-owner-and-police-know-full-detail-2023-04-14","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"GPS In EV: दो महीने पहले खरीदा E-स्कूटर हुआ चोरी, गाड़ियों में मिलने वाले फीचर से पहुंचा मालिक के पास","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
GPS In EV: दो महीने पहले खरीदा E-स्कूटर हुआ चोरी, गाड़ियों में मिलने वाले फीचर से पहुंचा मालिक के पास
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: समीर गोयल
Updated Fri, 14 Apr 2023 04:07 PM IST
सार
इलेक्ट्रिक स्कूटर चोरी होने का एक मामला सामने आया है। खास बात यह है कि एक खास फीचर की मदद से स्कूटर मालिक को स्कूटर वापिस मिल गया। किस फीचर की मदद से मालिक को स्कूटर वापिस मिला। आइए जानते हैं।
आजकल के वाहनों में कई फीचर्स के साथ ही सेफ्टी फीचर्स को भी दिया जाता है। जिसके कारण चोरी होने पर भी उन्हें आसानी से ढूंढा जा सकता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं कि एक इलेक्ट्रिक स्कूटर के चोरी होने के बाद एक स्मार्ट फीचर की मदद से उसे कैसे वापिस मालिक के पास पहुंचाया गया।
Trending Videos
क्या है मामला
2 of 5
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पर ओला स्कूटर के चोरी होने और फिर खास फीचर की मदद से वापिस मिलने तक की जानकारी एक इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओनर से शेयर की है। जिसे काफी सराहा जा रहा है। राजस्थान के जोधपुर में रहने वाली अंजलि नाम की युवती ने अपने सामान के साथ अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर को उत्तराखंड के देहरादून में शिफ्ट करने के लिए पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी की सहायता ली। लेकिन कंपनी ने उसके इलेक्ट्रिक स्कूटर को दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की। जिसके बाद युवती ने इलेक्ट्रिक स्कूटर कंपनी और पुलिस से सहायता ली और स्कूटर एक महीने बाद वापिस मिल गया।
ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की ओनर अंजलि ने अपने स्कूटर को वापिस पाने की पूरी कोशिश की। सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक अंजलि ने स्कूटर के लिए ओला के कस्टमर केयर सहित पुलिस से मदद मांगी। जिसके बाद कंपनी ने स्कूटर की लोकेशन की जानकारी साझा की। चोरी करने वालों को इस बात की जानकारी नहीं थी कि स्कूटर की लोकेशन को जीपीएस के कारण ट्रेस किया जा सकता है लेकिन ओला के पास स्कूटर की लोकेशन की जानकारी थी, जिसकी बदौलत स्कूटर की असली मालिक को स्कूटर वापिस मिल गया।
जीपीएस की मदद से स्कूटर वापिस मिलने के बाद ओनर से स्थानीय पुलिस और ओला इलेक्ट्रिक को धन्यवाद किया। अपनी पोस्ट पर ओनर ने लिखा कि मुझे मेरा ओला स्कूटर वापिस मिल गया है। इसके लिए ओला इलेक्ट्रिक और जोधपुर पुलिस को विशेष तौर पर धन्यवाद। क्योंकि कंपनी की ओर से कई बार चोरी हुए इलेक्ट्रिक स्कूटर की लोकेशन की जानकारी दी गई थी।
जीपीएस का मतलब ग्लोबल पोजिशन सिस्टम होता है। अगर इसे किसी वाहन में लगाया जाए तो वह वाहन की लोकेशन और अन्य जानकारी को साझा करता है। इससे यह पता चल जाता है कि वाहन कहां पर है और अगर उसे कहीं और ले जाया जाता है तो लगातार लोकेशन की जानकारी अपडेट होती रहती है। हालांकि इसकी भी सीमा होती है क्योंकि जीपीएस सिग्नल कई बार बिल्डिंग या अन्य कारणों से मिलने में परेशानी भी होती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।