पेट्रोल पंप का 'जंप ट्रिक' स्कैम: 'जीरो' देखने के बाद भी कैसे लग जाता है आपको चूना?
Petrol Pump 'Jump Trick': क्या कभी ऐसा हुआ है कि पेट्रोल पंप पर 'जीरो' देखने के बावजूद आपको गाड़ी में पेट्रोल कम लगा हो? अगर हां, तो शायद आप 'जंप ट्रिक' स्कैम का शिकार हो गए हैं। जानिए क्या है पेट्रोल चोरी का यह नया तरीका, कैसे पलक झपकते ही मीटर करता है जंप, और कैसे आप अपनी मेहनत की कमाई को लुटने से बचा सकते हैं।
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आपने देखा होगा कि आप जब भी पेट्रोल पंप पर जाते हैं तो जो पेट्रोल भरने वाला व्यक्ति है वो आपको स्क्रीन पर जीरो (0) देखने के लिए बोलता है। आप अपनी गाड़ी में पेट्रोल भरवाते हैं और वहां से निकल जाते हैं। कुछ दूर जाने के बाद आपको लगता है कि गाड़ी के फ्यूल मीटर में उतना पेट्रोल नहीं दिखा रहा है, जितना आपने भरवाया था। तब आपको अहसास होता है कि शायद आपके साथ धोखा हुआ है। लेकिन सवाल यह उठता है कि जब आपने पेट्रोल डलवाते समय मशीन पर 'जीरो' देखा था, तो फिर यह फ्रॉड कैसे हुआ? पेट्रोल चोरी की इस चालाकी को 'जंप ट्रिक' कहा जाता है। आइए समझते हैं कि यह स्कैम कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।
जंप ट्रिक क्या है?
यह पेट्रोल चोरी का एक ऐसा तरीका है जिसमें मशीन शुरुआत में तो जीरो यानी शून्य दिखाती है, लेकिन पेट्रोल भरना शुरू होते ही रीडिंग अचानक से बहुत तेजी से आगे बढ़ जाती है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि जितनी तेजी से रीडिंग भागती है, असल में उतना पेट्रोल आपकी गाड़ी के टैंक में नहीं जाता। नतीजतन, आप कम पेट्रोल के लिए ज्यादा पैसे चुका देते हैं।
जंप ट्रिक कैसे काम करती है?
नियम के मुताबिक, जब पेट्रोल पंप कर्मचारी आपकी गाड़ी में फ्यूल भरना शुरू करता है तो मीटर को धीरे-धीरे और एक क्रम में बढ़ना चाहिए। लेकिन जंप ट्रिक में, मीटर 0 से सीधा 10 रुपये, 20 रुपये या उससे भी ज्यादा पर जंप कर जाता है। रीडिंग का इतनी तेजी से भागना नॉर्मल नहीं है और इसका सीधा मतलब है कि कुछ गड़बड़ है।
मशीनों से छेड़छाड़
कई मामलों में पेट्रोल भरने वाली मशीनों (डिस्पेंसर) के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की जाती है या उनकी सेटिंग बिगाड़ दी जाती है। इस छेड़छाड़ की वजह से मशीन की स्क्रीन पर पेट्रोल की मात्रा और पैसे तो ज्यादा दिखते हैं। लेकिन नोजल से निकलने वाले पेट्रोल की असल मात्रा काफी कम होती है।
नॉर्मल मीटर रीडिंग कैसी होनी चाहिए?
जब पेट्रोल पंप स्टार्ट होता है तो 4 से 5 रुपये तक का छोटा जंप आना आम बात है, इसमें कोई परेशानी नहीं है। लेकिन अगर आंकड़ा इससे ज्यादा तेजी से उछलता है तो यह आपके लिए एक खतरे की निशानी है।
इस स्कैम से कैसे बचें?
पेट्रोल पंप पर होने वाली इस धोखाधड़ी से बचने के लिए आपका सतर्क रहना सबसे जरूरी है। जब भी आप फ्यूल भरवाएं, तो अपना पूरा ध्यान मोबाइल फोन या आसपास की बातों के बजाय सीधे मशीन के डिस्प्ले पर रखें। जैसे ही कर्मचारी पेट्रोल डालना शुरू करे, ठीक उसी सेकंड से मीटर की रीडिंग को गौर से देखें।
अगर आपको जीरो के तुरंत बाद मीटर में कोई असामान्य उछाल या बड़ा जंप दिखाई देता है तो बिना किसी संकोच के कर्मचारी को वहीं रोक दें। ऐसी स्थिति में तुरंत सवाल करें और अगर संतोषजनक जवाब न मिले तो पंप मैनेजर से इसकी शिकायत करने में देरी न करें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको इस चालाकी का शिकार होने से बचा सकती है।

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