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Fuel Quality Report: क्या खराब है पेट्रोल? इथेनॉल-फ्यूल विवाद पर सामने आया SIAM का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा
Wed, 05 Aug 2026 09:44 AM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Wed, 05 Aug 2026 09:44 AM IST
सार
SIAM Statement: पेट्रोल में क्लोराइड और सल्फर की मात्रा को लेकर फैल रहीं खबरों पर अब SIAM का आधिकारिक बयान सामने आ चुका है। SIAM का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है और इंडस्ट्री E20 पहल का पूरी तरह समर्थन करती है। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
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फ्यूल क्वालिटी विवाद पर SIAM की सफाई
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
SIAM Fuel Quality: सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने हाल ही में उन खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उसके एक पिछले कम्युनिकेशन (चिट्ठी) के अंशों का हवाला दिया गया था। इन मीडिया रिपोर्ट्स में खास तौर पर पेट्रोल में क्लोराइड और सल्फर की मात्रा पर फोकस किया गया था। SIAM ने कहा है कि यह जानकारी विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के बीच चल रही नियमित तकनीकी चर्चाओं का विषय बन रही थी और फिलहाल उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
SIAM के अनुसार, मौजूदा नियामक ढांचे के तहत फ्यूल क्वालिटी की जांच बेहद सख्त और व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस प्रक्रिया में 150 से अधिक पैरामीटर्स की जांच की जाती है और यह परीक्षण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से किया जाता है।
आंकड़ों को अभी सत्यापित किया जाना बाकी
क्लोराइड और सल्फर पर सरकार ने क्या कदम उठाए?
पेट्रोल पंपों पर लगातार हो रही जांच
E20 पहल को लेकर SIAM का क्या कहना है?
SIAM ने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हमेशा से भारत सरकार की E20 पहल का समर्थन करती रही है। संस्था के अनुसार, ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है।
SIAM ने वापस ली अपनी पुरानी कम्युनिकेशन
क्या उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत है?
SIAM ने साफ किया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए चिंता की कोई बात नहीं है। संस्था के अनुसार, ऐसे तकनीकी मुद्दे पिछले कई दशकों से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और ऑयल कंपनियों के बीच नियमित रूप से सुलझाए जाते रहे हैं। इसलिए मौजूदा मामले को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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क्या है पूरा मामला?
- नई दिल्ली में बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में SIAM ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में उसकी एक कम्युनिकेशन के अंशों को चुनिंदा तरीके से पेश किया गया, खासकर फ्यूल में क्लोराइड और सल्फर कंटेंट को लेकर।
- सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स ने साफ किया कि यह बातें ऑटो कंपनियों, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, इंडस्ट्री बॉडीज और टेस्टिंग एजेंसियों के बीच होने वाली नियमित तकनीकी चर्चाओं का हिस्सा थी।
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SIAM के अनुसार, मौजूदा नियामक ढांचे के तहत फ्यूल क्वालिटी की जांच बेहद सख्त और व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। इस प्रक्रिया में 150 से अधिक पैरामीटर्स की जांच की जाती है और यह परीक्षण ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की ओर से किया जाता है।
आंकड़ों को अभी सत्यापित किया जाना बाकी
- सियाम ने बताया कि फिलहाल कम्युनिकेशन में शामिल कुछ आंकड़ों को अभी प्रमाणित करना बाकी, लेकिन उसपर काम चल रहा है।
- इसके लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से डेटा इकट्ठा किया जा रहा है। इसके अलावा इंडस्ट्री के लोग भी इसका व्यापक जांच कर रहे हैँ।
क्लोराइड और सल्फर पर सरकार ने क्या कदम उठाए?
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने पेट्रोल सप्लाई चेन में इस्तेमाल होने वाले सभी इथेनॉल के लिए क्लोराइड और सल्फर की 3ppm गाइडलाइन लागू की है।
- SIAM का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है और इससे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की जरूरतें पूरी तरह पूरी होती हैं।
पेट्रोल पंपों पर लगातार हो रही जांच
- SIAM ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। इसके तहत देशभर के 87 हजार से अधिक पेट्रोल पंपों पर रोजाना 8 से 12 बार जांच की जा रही है।
- इसके अलावा, भारी बारिश के बाद पेट्रोल पंपों के आसपास पानी घुसने की भी टेस्टिंग की जा रही है।
E20 पहल को लेकर SIAM का क्या कहना है?
SIAM ने कहा कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हमेशा से भारत सरकार की E20 पहल का समर्थन करती रही है। संस्था के अनुसार, ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से यह पहल बेहद महत्वपूर्ण है।
SIAM ने वापस ली अपनी पुरानी कम्युनिकेशन
- SIAM ने कहा कि मीडिया में सामने आए कुछ आंकड़ों का सत्यापन काम अभी चालू है। इसी वजह से संस्था ने अपनी पहले की कम्युनिकेशन वापस लेने का फैसला किया है।
- साथ ही, SIAM ने मीडिया और अन्य स्टेकहोल्डर्स से अपील की है कि इस विषय पर रिपोर्टिंग करते समय सभी तथ्यों और आधिकारिक स्पष्टीकरण को ध्यान में रखा जाए।
क्या उपभोक्ताओं को चिंता करने की जरूरत है?
SIAM ने साफ किया है कि फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए चिंता की कोई बात नहीं है। संस्था के अनुसार, ऐसे तकनीकी मुद्दे पिछले कई दशकों से ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री और ऑयल कंपनियों के बीच नियमित रूप से सुलझाए जाते रहे हैं। इसलिए मौजूदा मामले को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है।