Police: निजी वाहन पर लिखवा रखा है 'पुलिस'? इस राज्य में शुरू हुआ बड़ा अभियान, कटेगा भारी चालान
अगर आपकी निजी कार या बाइक पर 'Police' लिखा है या आपने पुलिस से जुड़े बोर्ड, स्टिकर या लाल अक्षरों में 'Police' लिखवा रखा है, तो अब सावधान हो जाइए। महाराष्ट्र पुलिस ने ऐसे वाहनों के खिलाफ राज्यभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया है।
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विस्तार
अगर आपने अपनी निजी मोटरसाइकिल या कार पर 'पुलिस' लिखवा रखा है या कोई स्टिकर लगा रखा है, तो अब आपकी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। महाराष्ट्र पुलिस ने अनधिकृत रूप से 'पुलिस' बोर्ड, स्टिकर या लाल अक्षरों में लिखे निशानों का इस्तेमाल करने वाले निजी वाहनों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू की है।
अतिरिक्त महानिदेशक (यातायात) के कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के तहत सभी पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
इस कार्रवाई के लिए कौन-से कानूनी नियम लागू किए जा रहे हैं?
अनधिकृत रूप से पहचान का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को कानून के दायरे में लाने के लिए विशिष्ट धाराओं के तहत कार्रवाई का प्रावधान किया गया है:
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महाराष्ट्र मोटर वाहन नियम, 1989 का नियम 133(6):
इस नियम के तहत निजी वाहनों पर अनाधिकृत पहचान चिह्नों के प्रदर्शन को प्रतिबंधित किया गया है। -
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 177:
इसके साथ पढ़ते हुए अनधिकृत रूप से 'पुलिस' बोर्ड या लाल अक्षरों में 'पुलिस' लिखवाकर चलने वाले निजी दोपहिया और चार पहिया वाहनों का चालान काटा जाएगा व कानूनी कार्रवाई होगी।
राज्य भर में इस कार्रवाई के आदेश क्यों जारी किए गए?
निजी वाहनों पर पुलिस की पहचान के अनधिकृत इस्तेमाल पर शिकंजा कसने के लिए यह फैसला कई अभ्यावेदन और न्यायिक चेतावनियों के बाद लिया गया है:
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जनहित अभ्यावेदन:
सखाराम आर. कुलकर्णी द्वारा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को प्रस्तुत किए गए एक अभ्यावेदन के बाद यह निर्देश आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों द्वारा निजी वाहनों पर 'पुलिस' बोर्ड के बढ़ते दुरुपयोग को रेखांकित किया गया था। -
बॉम्बे हाईकोर्ट की चिंता और निर्देश:
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी निजी वाहनों पर 'पुलिस' बोर्ड लगाने के बढ़ते चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। और अधिकारियों को ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
निजी वाहनों पर 'पुलिस' लिखे होने से सुरक्षा संबंधी क्या-क्या खतरे हैं?
अधिकारियों के अनुसार, निजी गाड़ियों पर इस तरह की पट्टियां लगाने से कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा होती हैं:
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सुरक्षा जांच से बचना:
'पुलिस' बोर्ड लगी निजी गाड़ियां अक्सर नियमित सुरक्षा जांच के दौरान बिना चेकिंग के निकल जाती हैं। -
गैर-कानूनी गतिविधियों की आशंका:
चेकिंग न होने की वजह से ऐसे वाहनों का इस्तेमाल अवैध या प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन के लिए किए जाने का जोखिम बढ़ जाता है। -
निरीक्षण में ढील:
प्रवर्तन कर्मी (जांच अधिकारी) अक्सर ऐसी गाड़ियों को रोकने से बचते हैं, जिसका फायदा उठाकर इन वाहनों का इस्तेमाल गैर-कानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है।
अधिकारियों का मानना है कि इन अनधिकृत चिह्नों को हटाने से सुरक्षा मजबूत होगी, पुलिस के नाम पर धोखेबाज़ी (फर्जीवाड़े) को रोका जा सकेगा और यह सुनिश्चित होगा कि केवल आधिकारिक रूप से तैनात पुलिस वाहनों को ही विशेष अधिकार प्राप्त हों।
इस अभियान को पूरे राज्य में किस तरह लागू किया जा रहा है?
यह अभियान किसी एक जिले तक सीमित न रहकर पूरे राज्य में व्यापक रूप से चलाया जा रहा है:
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व्यापक सर्कुलर जारी:
इस संबंध में एक सर्कुलर महाराष्ट्र भर के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और हाईवे पुलिस यूनिट्स को भेज दिया गया है। -
सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश:
सभी इकाइयों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने और उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। -
नियमों का सख्ती से पालन:
अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी वाहनों पर पुलिस पहचान के दुरुपयोग को रोकना और यातायात व मोटर वाहन नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित कराना है।