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Highway Signboards: हाईवे साइनबोर्ड हरे रंग के ही क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे की पांच बड़ी वजहें
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 15 Jan 2026 08:12 PM IST
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सार
आपने शायद इंडियन हाईवे पर गाड़ी चलाई होगी और सफेद अक्षरों वाले जाने-पहचाने हरे साइनबोर्ड देखे होंगे जो आपको शहरों, एग्जिट और दूरियों के बारे में बताते हैं। क्या आपको पता है ये इसी रंग में क्यों होते हैं।
बदरीनाथ हाईवे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अगर आपने भारतीय हाईवे पर गाड़ी चलाई है, तो आपने जरूर हरे रंग के साइनबोर्ड देखे होंगे, जिन पर सफेद अक्षरों में शहरों के नाम, एग्जिट, दूरी और रूट नंबर लिखे होते हैं। यह रंग संयोग से नहीं चुना गया है। इसके पीछे ट्रैफिक सुरक्षा, मानव मनोविज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित वर्षों की शोध है। हरे रंग के साइनबोर्ड ड्राइव को सुरक्षित, आसान और स्पष्ट बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
1. हरा रंग हाईवे पर दिशा और जानकारी के संकेत क्यों दिखाता है?
भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कों पर दिशा-सूचक और सूचना देने वाले बोर्ड हरे रंग के होते हैं।
ये साइनबोर्ड ड्राइवर को यह बताते हैं कि
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1. हरा रंग हाईवे पर दिशा और जानकारी के संकेत क्यों दिखाता है?
भारत में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख जिला सड़कों पर दिशा-सूचक और सूचना देने वाले बोर्ड हरे रंग के होते हैं।
ये साइनबोर्ड ड्राइवर को यह बताते हैं कि
- कौन-सा शहर कितनी दूरी पर है
- अगला एग्जिट या जंक्शन कहां है
- किस रूट से आगे जाना है
- हरा रंग देखते ही ड्राइवर समझ जाता है कि यह गाइड या रूट से जुड़ी जानकारी है, न कि कोई चेतावनी
- यह एक तयशुदा रंग कोड है, ताकि तेज रफ्तार में भी ड्राइवर तुरंत साइनबोर्ड की कैटेगरी पहचान सके।
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2. हरा और सफेद रंग पढ़ने में सबसे आसान क्यों होता है?
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- हाईवे पर साइनबोर्ड दूर से साफ दिखना बेहद जरूरी होता है।
- हरे बैकग्राउंड पर सफेद अक्षर
- दिन में तेज धूप
- और रात में हेडलाइट्स की रोशनी
- दोनों में साफ नजर आते हैं।
- अचानक लेन बदलने
- आखिरी समय पर ब्रेक लगाने
- जैसी जोखिम भरी स्थितियां कम होती हैं।
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Yamuna Expressway
- फोटो : Facebook/Yamuna Expressway
3. क्या रंग देखकर सड़क का प्रकार भी पहचाना जा सकता है?
भारतीय सड़कों पर रंग एक तरह का "विजुअल संकेत" होते हैं।
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भारतीय सड़कों पर रंग एक तरह का "विजुअल संकेत" होते हैं।
- हरे साइनबोर्ड: लंबे सफर वाले रूट जैसे नेशनल और स्टेट हाईवे
- नीले साइनबोर्ड: शहरों और शहरी इलाकों की सड़कें
- अब हाईवे ड्राइविंग मोड में रहना है
- या शहरी ट्रैफिक के हिसाब से सतर्क होना है
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4. हरा रंग ड्राइवर को मानसिक रूप से शांत क्यों रखता है?
हालांकि ट्रैफिक नियमों में यह सीधे नहीं लिखा होता, लेकिन रिसर्च बताती है कि
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हालांकि ट्रैफिक नियमों में यह सीधे नहीं लिखा होता, लेकिन रिसर्च बताती है कि
- हरा रंग आंखों और दिमाग पर शांत प्रभाव डालता है
- यह लाल या पीले जैसे तीखे रंगों की तुलना में कम तनाव पैदा करता है
- लंबे हाईवे सफर के दौरान यह
- आंखों की थकान कम करता है
- ड्राइवर का ध्यान बनाए रखने में मदद करता है
- इसीलिए चेतावनी और खतरे वाले संकेत लाल या पीले होते हैं, जबकि सामान्य दिशा-सूचक बोर्ड हरे।
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जम्मू श्रीनगर हाईवे
- फोटो : अभिषेक बड़ू
5. पूरे देश में एक जैसे साइन क्यों जरूरी हैं?
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- हाईवे साइनबोर्ड का रंग पूरे देश में एक जैसा रखने का मकसद है एकरूपता।
- अलग-अलग राज्यों में सफर करने वाले ड्राइवर
- या पहली बार किसी नए इलाके में आने वाले लोग
- बिना भ्रम के साइन समझ सकें
- एक जैसी रंग व्यवस्था से ड्राइवर को सोचने में समय नहीं लगता और प्रतिक्रिया तेज होती है।
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बद्रीनाथ हाईवे सिरोहबगड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भारत और दुनिया में हाईवे साइन के रंग क्या एक जैसे हैं?
भारत में हरे हाईवे साइन कोई अलग प्रयोग नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
तो अगली बार जब हरा बोर्ड दिखे, क्या समझें?
हरा साइनबोर्ड सिर्फ दिशा नहीं दिखाता, बल्कि यह
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भारत में हरे हाईवे साइन कोई अलग प्रयोग नहीं हैं, बल्कि यह वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
- अमेरिका और कनाडा में हाईवे गाइड साइन हरे रंग के होते हैं
- यूरोप में भी कई देशों में मोटरवे पर सफेद-हरे साइन इस्तेमाल होते हैं
- जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी एक्सप्रेसवे के लिए हरा रंग आम है
तो अगली बार जब हरा बोर्ड दिखे, क्या समझें?
हरा साइनबोर्ड सिर्फ दिशा नहीं दिखाता, बल्कि यह
- सुरक्षित ड्राइविंग
- बेहतर प्लानिंग
- और कम तनाव वाले सफर
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