Future Car Tech: ये पांच नई तकनीक बदल देंगी ड्राइविंग का अनुभव, जानिए भविष्य में कैसी होंगी हमारी कारें?
भविष्य की कारें सिर्फ ड्राइविंग तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि वे एक चलता-फिरता “स्मार्ट डिजिटल केबिन” बन जाएंगी। आने वाले समय में कारों के अंदर कई स्क्रीन, एआई आधारित थीम्स, जेस्चर कंट्रोल, इन-कार गेमिंग और हाई-टेक सेफ्टी फीचर्स आम हो सकते हैं।
विस्तार
अगर हम भविष्य में कारों के अंदर मिलने वाली नई स्क्रीन और टेक्नोलॉजी को देखें तो साफ है कि आने वाले समय में ड्राइविंग का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा। अब कार सिर्फ चलाने की चीज नहीं रहेगी बल्कि इसमें मनोरंजन, गेमिंग, स्मार्ट कंट्रोल और हाई-टेक सेफ्टी सब कुछ होगा। भविष्य की कारों में जेस्चर से कंट्रोल, मूड के हिसाब से लाइटिंग बदलना, और कार की मूवमेंट के साथ चलने वाले गेम्स जैसी चीजें आम हो सकती हैं। यानी कार के अंदर बोरियत की कोई जगह नहीं होगी। इस लेख में हम ऐसी ही कुछ नई और शानदार टेक्नोलॉजी के बारे में बता रहे हैं, जो जल्द ही कारों का हिस्सा बन सकती हैं।
1. गार्मिन यूनिफाइड केबिन
गार्मिन वही कंपनी है जो BMW और Mini जैसी कारों को इन्फोटेनमेंट सिस्टम देती है। अब उसने अपने नए प्लेटफॉर्म की झलक दिखाई है।
क्या खास है इसमें?
एक साथ 6 स्क्रीन: कार में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, सेंटर स्क्रीन और पैसेंजर स्क्रीन मिलाकर कुल 6 स्क्रीन होंगी।
एआई थीम्स: आप कार से बोलकर कुछ भी कह सकते हैं जैसे 'मरीन ड्राइव का सनसेट' या 'बचपन वाला शहर'। फिर कार का एआई उसी हिसाब से स्क्रीन का बैकग्राउंड और कार का 3D लुक बदल देगा।
स्मार्ट कनेक्टिविटी: इसमें अल्ट्रा वाइडबैंड (UWB) एंटेना होंगे। इससे आपके हेडफोन खुद-ब-खुद उसी स्क्रीन से कनेक्ट हो जाएंगे जिसके पास आप बैठे हैं।
पेरेंट्स और बच्चों का मजेदार फीचर: आगे बैठे माता-पिता वीडियो चैट के जरिए पीछे बैठे बच्चों की गेमिंग स्क्रीन पर पॉप-अप होकर उनसे बात कर सकते हैं।
जेस्चर कंट्रोल: गार्मिन 'मेटा न्यूरल बैंड' नाम की टेक्नोलॉजी भी टेस्ट कर रहा है, जिससे आप बिना हाथ हिलाए सिर्फ इशारों से मैप को जूम या घुमा सकेंगे। यह टेक 2-3 साल में आ सकती है।
2. सिनेमो कार्स कनेक्ट डायरेक्ट
यह टेक्नोलॉजी कार में बैठे दोस्तों को आसानी से एंटरटेनमेंट का हिस्सा बना देती है।
कैसे काम करता है?
लिंक से कनेक्शन: रोड ट्रिप से पहले आप दोस्तों को बस एक वेब लिंक भेज देंगे।
एप डाउनलोड की जरूरत नहीं: कोई एप नहीं, सिर्फ ब्राउजर से काम हो जाएगा।
फोन से सीट कंट्रोल: कार में बैठते ही यात्री अपना फोन NFC नोड से टच करेंगे और फिर:
- अपनी सीट का AC टेम्परेचर कंट्रोल कर सकते हैं
- फिल्में देख सकते हैं
- गेम खेल सकते हैं
यह उन कारों के लिए ज्यादा काम का है जिनमें कम स्क्रीन होती हैं। यह सिस्टम एंड्रॉयड ओएस पर चलता है।
3. बॉश/माइक्रोसॉफ्ट/एनवीडिया एआई कॉकपिट
बॉश का फोकस यह है कि कार में ज्यादा काम क्लाउड पर नहीं बल्कि कार के अंदर ही कंप्यूटिंग से हो।
फायदे क्या हैं?
इंटरनेट के बिना भी स्मार्ट असिस्टेंट: यह सिस्टम बिना इंटरनेट के भी कई काम कर सकेगा। हां, कुछ सवाल जैसे 'भारत का राष्ट्रपति कौन है?' इसके लिए इंटरनेट चाहिए होगा। लेकिन यह दूसरी भाषाओं के साइन बोर्ड तुरंत ट्रांसलेट कर सकता है।
पावरफुल चिप: यह एनवीडिया ओरिन चिप पर चलता है।
कब तक आएगा: 2027-28 तक यह टेक कारों में दिख सकती है।
4. वैलियो पैनोविजन एडेप्टिव वार्निंग सिस्टम
वैलियो ने कार के हेड-अप डिस्प्ले (HUD) को और ज्यादा स्मार्ट बना दिया है।
यह क्या करता है?
यह सिस्टम देखता है कि ड्राइवर किस दिशा में देख रहा है। अगर कार के सेंसर को कोई खतरा दिखे जैसे सड़क किनारे खड़ा कोई जानवर या छिपा हुआ पैदल यात्री और ड्राइवर उसे नहीं देख रहा हो, तो विंडशील्ड पर उसी जगह लाल लाइट फ्लैश होगी जहां खतरा है।
5. ऑमोवियो कलर ई-इंक
अब तक हम ई-इंक स्क्रीन को काले-सफेद में जानते थे, लेकिन ऑमोवियो ने कारों के लिए रंगीन ई-इंक बनाई है।
इसकी खासियत क्या है?
कम बिजली खर्च: ई-इंक सिर्फ तब बिजली लेती है जब स्क्रीन का रंग बदलना हो। एक बार रंग सेट हो जाए तो वह बिना बिजली के भी वैसे ही बना रहता है। इसमें बाल से भी पतले माइक्रोकैप्सूल होते हैं, जो बिजली के सिग्नल से रंग बदलते हैं। यह -40 डिग्री तापमान में भी काम कर सकती है।