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डबल साइलेंसर वाली बाइक: कुछ मोटरसाइकिलों में दो या चार साइलेंसर क्यों होते हैं? जानिए इसके पीछे की असली वजह

ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Suyash Pandey Updated Fri, 13 Mar 2026 04:29 PM IST
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सार

Motorcycle Double Silencer: आपने सड़कों पर चलते हुए बाइक्स के साइलेंसर पर जरूर ध्यान दिया होगा। लेकिन क्या आपने ये ध्यान दिया कि कई बार इनकी संख्या 2 से ज्यादा होती है। क्या बाइकों में दो या चार साइलेंसर सिर्फ स्टाइल के लिए होते हैं? जानेंगे आज के इस लेख में....

Why Do Some Motorcycles Have Two or Four Exhausts? The Engineering Behind Multiple Silencers
डबल साइलेंसर बाइक - फोटो : डुकाटी
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विस्तार

सड़क पर चलते हुए आपने कई ऐसी भारी-भरकम या स्पोर्ट्स बाइक्स देखी होंगी जिनमें एक की जगह दो, या कभी-कभी चार साइलेंसर लगे होते हैं। पहली नजर में ऐसा लगता है कि यह सिर्फ बाइक को कूल और स्टाइलिश दिखाने के लिए किया गया है। लेकिन असल में, इसके पीछे बहुत ही कमाल की इंजीनियरिंग और तकनीक छिपी होती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि ऑटोमोबाइल कंपनियां बाइकों में एक से ज्यादा साइलेंसर क्यों लगाती हैं।

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साइलेंसर का असली काम क्या है?

साइलेंसर, जिसे मफलर भी कहा जाता है आपकी बाइक के एग्जॉस्ट सिस्टम का एक बेहद जरूरी हिस्सा होता है। इसका सबसे मुख्य काम इंजन से निकलने वाली तेज और कर्कश आवाज को कंट्रोल करना होता है। दरअसल, साइलेंसर के अंदर मौजूद ट्यूब और चेंबर इस भारी शोर को आसानी से सोख लेते हैं। इससे आपकी राइड शांत बनी रहती है। हालांकि, इसका काम सिर्फ आवाज कम करना ही नहीं है। ये हानिकारक गैसों को नियंत्रित करने के साथ-साथ आपके इंजन की परफॉर्मेंस को भी कहीं ज्यादा स्मूद और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

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बाइकों में दो साइलेंसर क्यों होते हैं?

ज्यादातर भारी और हाई-परफॉर्मेंस वाली बाइकों में 'ट्विन-सिलेंडर' (दो सिलेंडर वाले) इंजन होते हैं और ऐसे में दो साइलेंसर देने के कई बेहतरीन तकनीकी फायदे मिलते हैं। दरअसल, दोनों सिलेंडरों से निकलने वाली गैसों को एक ही पाइप में धकेलने के बजाय दो अलग-अलग पाइपों से बाहर निकाला जाता है। इससे गैसों का फ्लो काफी स्मूद रहता है और इंजन अच्छे से सांस ले पाता है। इससे उसकी परफॉर्मेंस बेहतर होती है। इसके अलावा, दो अलग पाइप होने की वजह से एग्जॉस्ट की गर्मी भी बंट जाती है और इंजन के ज्यादा गर्म होने का खतरा कम हो जाता है। इसका एक और बड़ा फायदा बाइक के शानदार बैलेंस के रूप में मिलता है। दोनों तरफ साइलेंसर लगे होने से बाइक का वजन बराबर बंट जाता है। इससे तेज रफ्तार या मोड़ पर भी आपकी बाइक बहुत ज्यादा स्थिर रहती है।

कुछ प्रीमियम बाइकों में चार साइलेंसर क्यों होते हैं?

सुपरबाइक्स या कुछ खास प्रीमियम मॉडल्स में आपको चार एग्जॉस्ट आउटलेट भी देखने को मिल जाएंगे। इससे पीछे मुख्य मकसद इंजन की पावर को बढ़ाना होता है। दरअसल, जब इंजन बहुत ज्यादा पावरफुल होता है तो उससे निकलने वाली गैसों को कई पाइपों में बांट दिया जाता है। ऐसा करने से एग्जॉस्ट का बैक प्रेशर काफी कम हो जाता है और इंजन बिना किसी रुकावट के अपनी पूरी ताकत जनरेट कर पाता है। इसके अलावा, इसका एक और बड़ा फायदा बाइक के 'सिग्नेचर साउंड' के रूप में मिलता है। चार साइलेंसर का इस्तेमाल करके कंपनियां बाइक को एक बेहद खास और दमदार आवाज देती हैं। इससे वह दूर से आते हुए ही आसानी से पहचानी जा सके।


तो अगली बार जब आप किसी बाइक में एक से ज्यादा साइलेंसर देखें, तो समझ जाइएगा कि यह सिर्फ 'स्वैग' या दिखावा नहीं है। यह गैसों को सही से बाहर निकालने, इंजन की ताकत बढ़ाने और बाइक का बैलेंस बनाए रखने की एक शानदार इंजीनियरिंग का हिस्सा है। क्या आप किसी खास मोटरसाइकिल ब्रांड (जैसे रॉयल एनफील्ड, कावासाकी या सुजुकी) के एग्जॉस्ट सिस्टम या इंजन के बारे में और जानना चाहेंगे?

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