Bihar: बिहार में एक साथ 551 आदर्श विद्यालयों का उद्घाटन, 4 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ; CM सम्राट का तोहफा
बेगूसराय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 551 सरस्वती विद्या निकेतन का उद्घाटन किया। 15 अगस्त से FILO ऐप पर लाइव क्लास शुरू होगी। दिनकर विश्वविद्यालय, तिरुपति मंदिर और गंगा मरीन ड्राइव बनाने की घोषणा भी की गई।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को बेगूसराय के आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में राज्य के 551 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इन विद्यालयों में करीब 4 लाख बच्चे पढ़ेंगे और यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा किसी भी विकसित समाज की सबसे बड़ी ताकत है। सरकार का लक्ष्य है कि सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। इसके लिए स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल स्टूडियो, आधुनिक प्रयोगशालाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में 'बिहार स्कूल लाइव क्लासेस' की शुरुआत की गई है। वहीं 15 अगस्त से FILO ऐप के जरिए छात्रों को लाइव और इंटरैक्टिव कक्षाओं की सुविधा मिलेगी। इससे छात्र राज्य के अच्छे शिक्षकों से ऑनलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और उन्हें उच्च शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हित में भी सरकार काम कर रही है। शिक्षकों की स्थानांतरण प्रक्रिया 29 जुलाई से पारदर्शी तरीके से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को 211 डिग्री कॉलेज शुरू किए गए हैं और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए जमीन भी उपलब्ध करा दी गई है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेगूसराय के लिए कई बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर बेगूसराय में एक विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा 10 एकड़ जमीन पर भगवान वेंकटेश्वर (तिरुपति) मंदिर बनाया जाएगा। सिमरिया से भागलपुर तक गंगा किनारे मरीन ड्राइव बनाने की भी घोषणा की गई, जिससे पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, पर्यटन, संस्कृति और रोजगार के क्षेत्र में तेजी से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि एक करोड़ लोगों को रोजगार देने के लक्ष्य पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि 1.81 करोड़ महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं और जिनके खाते में राशि नहीं पहुंची है, उन्हें 25 जुलाई तक भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से अब तक 6 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5.60 लाख का निपटारा किया जा चुका है। वहीं, शिवहर में बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना के तहत बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का उद्घाटन भी किया गया है। कार्यक्रम के दौरान सरस्वती विद्या निकेतन पर आधारित एक लघु फिल्म दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक, प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।
एक ही दिन 551 सरस्वती विद्या निकेतन का लोकार्पण ऐतिहासिक उपलब्धि: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति यानी अंत्योदय तक गुणवत्तापूर्ण और उन्नत शिक्षा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की आधारभूत संरचना के मामले में बिहार अभी कई राज्यों से पीछे है, लेकिन सीखने के परिणाम (लर्निंग आउटकम) के मामले में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
शिक्षा मंत्री रविवार को बरौनी स्थित आईओसीएल स्टेडियम में आयोजित 551 सरस्वती विद्या निकेतन विद्यालयों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सुधारों, शिक्षकों के प्रशिक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और मिशन आधारित कार्यक्रमों के कारण बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का प्रधानमंत्री का सपना साकार होगा और उसकी मजबूत नींव आज बिहार में रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ही दिन में 551 सरस्वती विद्या निकेतन के नाम से मॉडल स्कूलों का लोकार्पण बिहार के शिक्षा जगत के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज राज्य के प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक सुविधाओं से युक्त मॉडल स्कूल विकसित किए गए हैं। लगभग 990 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इन विद्यालयों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। आने वाले समय में अन्य सरकारी विद्यालयों को भी मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि मॉडल स्कूलों में अब तक चार लाख से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है। इन विद्यालयों का उद्देश्य बच्चों की प्रतिभा को निखारना और उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। यहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक संसाधन और बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सबही सरस्वती विद्या निकेतन में स्मार्ट कक्षाएं, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल सुविधाएं तथा अन्य आधुनिक शैक्षणिक संसाधन विकसित किए गए हैं। इनके अलावा विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी भविष्य में चिकित्सा, इंजीनियरिंग, सिविल सेवा और अन्य प्रतिष्ठित क्षेत्रों में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान और विज्ञान की भूमि रही है। नालंदा और तक्षशिला जैसी विश्वविख्यात शिक्षण संस्थान हमारी विरासत हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम ने जन्म भले ही अयोध्या में लिया हो, लेकिन ज्ञान प्राप्ति के लिए बिहार के बक्सर को चुना था। आज बिहार उसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।