Bihar: अपहरण के कुछ घंटे बाद ही हत्या, 29 दिन तक 12 फीट नीचे दफन रहा शव; ईशांत हत्याकांड का खुलासा
समस्तीपुर के ईशांत हत्याकांड में पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि अपहरण के कुछ घंटों बाद ही छात्र की हत्या कर शव को 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया। रिमांड पर आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस साजिश समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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नौवीं कक्षा के छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की हत्या किसी आवेश में नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश के तहत किए जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में अब तक सामने आए तथ्यों से संकेत मिल रहे हैं कि 10 जून को अपहरण के कुछ ही घंटों बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को प्लास्टिक की कई परतों में लपेटकर पहले से तैयार करीब 12 फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया गया, ताकि घटना का कोई सुराग न मिल सके। जिस बेटे की तलाश में परिवार 29 दिनों तक दर-दर भटकता रहा, उसका शव आखिरकार उसी गड्ढे से बरामद हुआ।
पुलिस रिमांड पर लिए गए आरोपी नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में दावा किया है कि अपहरण के कुछ घंटे बाद ही ईशांत की हत्या कर दी गई थी। हालांकि पुलिस इस कथित बयान का फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध सबूतों से मिलान कर रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस खेत से शव बरामद हुआ, वहां पहले से ही गहरा गड्ढा खोदा गया था। इससे पुलिस को आशंका है कि पूरी वारदात पहले से योजनाबद्ध थी। शव को प्लास्टिक की कई मोटी परतों में लपेटकर गड्ढे में दफनाया गया, ताकि लंबे समय तक किसी को इसकी भनक न लग सके। पुलिस अब हत्या के पीछे रंजिश और अन्य विवादों के पहलू की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों के सत्यापन के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
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गौरतलब है कि 10 जून की शाम ईशांत अपने दोस्तों के बुलावे पर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने काफी तलाश के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसआईटी का गठन कर तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की गई। करीब 29 दिनों तक चले तलाश अभियान के बाद बुधवार देर रात आरोपी की निशानदेही पर कलना चौर में खुदाई कर ईशांत का शव बरामद किया गया।
ईशांत के पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवी, बड़े भाई प्रशांत राय और छोटी बहन किरण कुमारी गहरे सदमे में हैं। जिस बेटे की सलामती की दुआ परिवार रोज कर रहा था, उसकी मौत की खबर मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। गांव में भी शोक के साथ आक्रोश का माहौल है।
जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं
- हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी?
- क्या पूरी वारदात पहले से सुनियोजित थी?
- साजिश में कितने लोग शामिल थे?
- शव को दफनाने में किन-किन लोगों ने मदद की?
- फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों से क्या तथ्य सामने आते हैं?
वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।