Bihar News: राजगीर के सूखते गर्म कुंडों को बचाने के लिए महापंचायत, 2 अगस्त को बंद का एलान
राजगीर के ऐतिहासिक गर्म कुंड और प्राकृतिक जलस्रोत सूखने से लोगों में आक्रोश है। महापंचायत में अवैध बोरिंग रोकने, वैज्ञानिक अध्ययन कराने और संरक्षण की मांग उठी। प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए 2 अगस्त को राजगीर बंद का एलान किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पर्यटन नगरी राजगीर की पहचान और आस्था के प्रमुख केंद्र ऐतिहासिक गर्म कुंडों व प्राकृतिक जलस्रोतों के सूखने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इन धरोहरों को बचाने की मांग को लेकर रविवार को राजगीर में एक महापंचायत का आयोजन किया गया।
महापंचायत में स्थानीय लोगों और राजगीर विकास समिति ने सरकार व प्रशासन से गर्म कुंडों की स्थिति पर तत्काल वैज्ञानिक अध्ययन कराने, कुंड क्षेत्र में हो रही अवैध डीप बोरिंग पर रोक लगाने और जलस्रोतों के संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो 2 अगस्त को राजगीर बंद किया जाएगा और आंदोलन तेज किया जाएगा।
अवैध बोरिंग से सूख रहीं ऐतिहासिक सप्तधाराएं
महापंचायत में बताया गया कि गंगा-यमुना, अनंत ऋषि, व्यास और मार्कण्डेय कुंडों के जलस्रोत लगभग सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। सप्तधारा (सप्तऋषि) कुंड की सात प्राकृतिक धाराओं में से चार पूरी तरह बंद हो चुकी हैं, जबकि शेष तीन धाराओं का जलप्रवाह भी लगातार कम हो रहा है।
राजगीर विकास समिति के महासचिव ओमराव प्रसाद निर्मल ने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर किए जा रहे बड़े निर्माणों और अवैध बोरिंग के कारण प्राकृतिक जलस्रोतों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांडु पोखर, झुनकी बाबा धर्मशाला और मखदूम कुंड के आसपास कई स्थानों पर अवैध बोरिंग कर गर्म पानी निकाला जा रहा है, जिससे मुख्य जलधाराएं प्रभावित हो रही हैं।
पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर मंडराया संकट
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्म जल कुंड केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि राजगीर की पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी हैं। होटल व्यवसायी, ई-रिक्शा चालक, टमटम चालक और छोटे दुकानदारों की आजीविका इन कुंडों से जुड़े पर्यटन पर निर्भर है।
पढ़ें: फैजल खान सर पर छात्रों के साथ...; रौशन आनंद का बड़ा आरोप सोशल मीडिया पर वायरल
लोगों ने मांग की कि कुंड क्षेत्र के एक किलोमीटर के दायरे में बोरिंग और अवैध निर्माण पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके साथ ही पहाड़ी पर स्थित प्राचीन सरोवर 'भेलवा डोब' के जीर्णोद्धार और वहां बांध निर्माण का सुझाव दिया गया, ताकि क्षेत्र का प्राकृतिक जलस्तर फिर से बेहतर हो सके।
सरस्वती नदी के प्रदूषण और मांस-मछली दुकानों पर जताई चिंता
बैठक में पवित्र सरस्वती नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। लोगों ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों से सीवरेज का पानी नदी में गिर रहा है, जिससे नदी की पवित्रता प्रभावित हो रही है। इसके अलावा कुंड मार्ग में खुले में लग रही मांस-मछली की दुकानों को लेकर भी आपत्ति जताई गई। लोगों का कहना है कि इससे जैन समाज सहित कई पर्यटकों की भावनाएं प्रभावित होती हैं और पर्यटन पर भी इसका असर पड़ सकता है। दुकानों को निर्धारित बाजार क्षेत्र में स्थानांतरित करने की मांग की गई।
2 अगस्त को राजगीर बंद की चेतावनी
स्थानीय निवासी संजय कुमार ने कहा कि यह मुद्दा केवल राजगीर का नहीं, बल्कि पूरे बिहार की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। लोगों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है, जिसे राष्ट्रपति तक भेजने की तैयारी है। प्रशासन को चेतावनी देते हुए समिति ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। 2 अगस्त को संपूर्ण राजगीर बंद का आह्वान किया गया है। समिति के कुछ सदस्यों ने जलस्रोतों के संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाने की मांग करते हुए आत्मदाह जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।