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Bihar: राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बीच सरकार का बड़ा कदम! नहीं रुकेंगे काम, जानें कौन संभालेंगा जिम्मेदारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Ashutosh Pratap Singh
Updated Thu, 12 Mar 2026 04:06 PM IST
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सार
बिहार में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के बीच सरकार ने आम लोगों के जमीन से जुड़े काम प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की है।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा
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विस्तार
पटना से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के जमीन से जुड़े काम प्रभावित न हों, इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था की है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े जरूरी काम लगातार चलते रहें।
हड़ताल के बीच भी जारी रहेंगे विभागीय काम
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभाग के काम सुचारु रूप से चलते रहें, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के काम पंचायत सचिवों को दिए गए हैं। वहीं जहां अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं, वहां उनके काम प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सौंपे गए हैं, ताकि आम लोगों को सेवाएं समय पर मिलती रहें।
मार्च महीने में जमीन से जुड़े काम ज्यादा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च महीने में जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा न आए।
काम के लिए विशेष व्यवस्था तैयार
उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए विशेष व्यवस्था तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। इनमें काम करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी भ्रम के काम कर सकें।
दो तरीकों से दी गई जानकारी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था दो रूपों में उपलब्ध कराई गई है। एक रूप में पूरी प्रक्रिया को क्रमवार तरीके से दिखाया गया है, जबकि दूसरे रूप में विस्तृत लिखित निर्देश दिए गए हैं। इससे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को नए दायित्व निभाने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी और सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य स्तर से हो रही निगरानी
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी व्यवस्था की निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करें। अगर कहीं कोई समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा।
जनता को नहीं होगी परेशानी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित में काम करने वाले राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हड़ताल जैसी स्थिति में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े काम बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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हड़ताल के बीच भी जारी रहेंगे विभागीय काम
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि हड़ताल की स्थिति में भी विभाग के काम सुचारु रूप से चलते रहें, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर जरूरी कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के काम पंचायत सचिवों को दिए गए हैं। वहीं जहां अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर हैं, वहां उनके काम प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सौंपे गए हैं, ताकि आम लोगों को सेवाएं समय पर मिलती रहें।
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मार्च महीने में जमीन से जुड़े काम ज्यादा
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च महीने में जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी समेत अन्य सेवाओं के लिए आवेदन करते हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं, ताकि प्रशासनिक स्तर पर किसी प्रकार की बाधा न आए।
काम के लिए विशेष व्यवस्था तैयार
उन्होंने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कामों के लिए विशेष व्यवस्था तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराई गई है। इनमें काम करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया है, ताकि संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी भ्रम के काम कर सकें।
दो तरीकों से दी गई जानकारी
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यह व्यवस्था दो रूपों में उपलब्ध कराई गई है। एक रूप में पूरी प्रक्रिया को क्रमवार तरीके से दिखाया गया है, जबकि दूसरे रूप में विस्तृत लिखित निर्देश दिए गए हैं। इससे पंचायत सचिवों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को नए दायित्व निभाने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष रूप से निगरानी और सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य स्तर से हो रही निगरानी
उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरी व्यवस्था की निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है। सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करें। अगर कहीं कोई समस्या आती है तो उसका तुरंत समाधान किया जाएगा।
जनता को नहीं होगी परेशानी
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनहित में काम करने वाले राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हड़ताल जैसी स्थिति में भी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि आम नागरिकों के जमीन से जुड़े काम बिना रुकावट जारी रहें और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।