Bihar News: आज अमित शाह से मिले सम्राट चौधरी, बिहार मंत्रिमंडल की सूची और तारीख पर हुई बात
Samrat Chaudhary: मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी दूसरी बार दिल्ली गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सम्राट चौधरी का यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम सम्राट चौधरी ने मंत्रिमंडल का स्वरूप लगभग तय कर लिया है। आइये जानते हैं पूरा मामला?
विस्तार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज दिल्ली दौरे पर हैं। वहां वह आज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सभी वरिष्ठ नेताओं से मिले। उनग्होंने घर मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच काफी देर बातचीत हुई। सम्राट चौधरी ने कहा कि गृह मंत्री से मुलाकात कर सुरक्षा, सुशासन एवं बिहार के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। चर्चा है कि इस मुलाकात के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार, बिहार में नई एनडीए सरकार की आगे की रणनीति समेत कुछ खास मुद्दों पर उनसे बातचीत की। दिल्ली जाने से पहले सम्राट चौधरी ने जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार से भी मुलाकात की थी। मंत्रिमंडल को लेकर नीतीश कुमार ने उन्हें कुछ मैसेज दिया था। इस मैसेज को भी उन्होंने गृह मंत्री के साथ शेयर की।
गृह मंत्री के सम्राट चौधरी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, जीतन राम मांझी, ललन सिंह से मुलाकात की। चर्चा है कि सम्राट ने मंत्रिमंडल की सूची और तारीख फाइनल कर ली है। दो से तीन दिनों के अंदर बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार कर दिया जाएगा। इधर, शनिवार देर रात मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इसकी फोटो सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर शेयर की थी। उन्होंने लिखा था कि 'विकसित बिहार' के विजन को लेकर चर्चा हुई।
विजय सिन्हा और दिलीप जायसवाल का क्या होगा?
15 अप्रैल को नई सरकार बनने के बाद से अब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काम करने के तौर तरीके और बयानों से स्पष्ट हो गया है कि वह एक नई टीम चाहते हैं। सम्राट चौधरी के करीबी इसे 'नई विकास टीम' का नाम दे रहे हैं। नई टीम में कई चेहरों का नाम फाइल हो चुका है। कुछ पर मंथन चल रहा है। इधर, पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की कथित नाराजगी और भूमिहार समाज में उठ रहे असंतोष को देखते हुए पार्टी कोई बड़ा और चौंकाने वाला फैसला ले सकती है। हाल की घटनाओं पर नजर डालें तो ऐसा लग रहा है कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। भूमिहार समाज भी भाजपा पर अपने नेता की अनदेखी करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच पूर्व मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को लेकर भी सस्पेंस बना हुआ है। वह भी एमएलसी हैं और उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं बचा है। उनके राजनीतिक कद को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि पार्टी उन्हें दोबारा मंत्री बना सकती है और आगे चलकर फिर से विधान परिषद भेजने की रणनीति अपना सकती है।
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हर वर्ग को मौका देगी भाजपा
वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण बागी ने कहा कि भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की है। पार्टी सोशल इंजीनियरिंग के तहत सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश में है। संकेत यह मिल रहे हैं कि भाजपा नए चेहरों को मौका दे सकते हैं। विजय सिन्हा, मंगल पांडेय, रामकृपाल यादव, दिलीप जायसवाल जैसे पुराने दिग्गजों को दुबारा मौका मिल सकता है। युवा और महिलाओं पर सम्राट चौधरी का विशेष फोकस रहेगा। आलाकमान चाहते हैं कि सरकार में सोशल इंजीनियरिंग का खास ख्याल रखा जाए। हर वर्ग को मौका मिले ताकि संतुलन बरकरार रहे। सम्राट चौधरी की नई टीम में क्षेत्रीय और समाजिक समीकरण का समावेश दिख सकता है।
