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BSEB 10th Result: अमित ने कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम में 7वें स्थान में बनाई जगह, जानें कैसे मिली यह सफलता

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण Published by: सारण ब्यूरो Updated Sun, 29 Mar 2026 05:56 PM IST
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सार

सारण के छात्र अमित कुमार राय ने मैट्रिक परीक्षा में बिहार में सातवां और जिले में पहला स्थान हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके लिए अमित कैसे पढ़ाई करते थे? इनका ये तरीका काम कर गया।

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हरपुर छतवां गांव निवासी अमित कुमार का स्वागत करते स्थानीय लोग, परिजन हुए खुश। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

बदलते दौर में, जहां अधिकांश युवा वर्ग सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया में व्यस्त रहता है, वहीं सारण जिले के बनियापुर प्रखंड अंतर्गत हरपुर छतवां गांव निवासी अमित कुमार राय ने इससे दूरी बनाकर अपनी मेहनत और अनुशासन के बल पर राज्य स्तर पर बड़ी सफलता हासिल की है।

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जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर स्थित उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, चोरौवां (बनियापुर) के छात्र अमित ने बिहार में सातवां स्थान प्राप्त करते हुए सारण जिले में पहला स्थान हासिल किया है। उसे कुल 484 अंक प्राप्त हुए हैं। अमित की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। जैसे ही मैट्रिक परीक्षा का परिणाम आया, वैसे ही अमित कुमार राय की सफलता की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। उसके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर और खिलाकर खुशी का इजहार किया।

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हर दिन करते थे इतने घंटे पढ़ाई
उक्त विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि अमित शुरू से ही एक मेधावी, अनुशासित और आज्ञाकारी छात्र रहा है। उसकी सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है। वहीं, अमित ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन और अनुशासित दिनचर्या को देते हुए कहा कि वह प्रतिदिन लगभग 10 घंटे पढ़ाई करता था। साथ ही, वह हरपुर छतवां बाजार स्थित एक प्रतियोगी कोचिंग संस्थान में भी तैयारी करता था।


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आईएएस अधिकारी बनने का है सपना
उसने सोशल मीडिया और इंटरनेट से दूरी बनाकर केवल अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया। अमित का सपना आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। उसके पिता राकेश राय एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं, जबकि उसकी माता गृहिणी हैं। परिवार ने हमेशा उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ हर संभव सहयोग दिया।

आज के युवाओं के लिए यह एक सशक्त संदेश है कि सफलता पाने के लिए एकाग्रता, अनुशासन और समर्पण सबसे जरूरी हैं। अमित की सफलता यह साबित करती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो संसाधनों की कमी भी राह में बाधा नहीं बनती।

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