Bihar News: जीतन राम मांझी पर रोड़ेबाजी मामले में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी मनीष यादव गिरफ्तार
खिजरसराय में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए रोड़ेबाजी हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहा मुख्य आरोपी मनीष यादव जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के गराई बीघा गांव से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर खिजरसराय में हुए रोड़ेबाजी हमले के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के बाद से फरार चल रहा मुख्य आरोपी मनीष यादव आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है। पहचान छिपाकर रिश्तेदार के घर में शरण लिए आरोपी को जहानाबाद जिले से गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस उससे पूछताछ कर हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने में जुटी हुई है।
फरारी के दौरान बदल ली थी पहचान
खिजरसराय में आयोजित एक निजी विद्यालय के कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर रोड़ेबाजी की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो नाबालिग आरोपितों को हिरासत में ले लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी मनीष यादव मौके से फरार होने में सफल रहा था। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान छिपा ली थी और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, ताकि पुलिस उसकी गिरफ्तारी न कर सके।
जहानाबाद के गांव में मिला छिपने का ठिकाना
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी जहानाबाद जिले के घोसी थाना क्षेत्र के गराई बीघा गांव में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को खिजरसराय लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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हमले के पीछे बड़ी साजिश की आशंका
जांच अधिकारियों के मुताबिक घटना के दौरान दो आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद भी मंच की ओर एक और रोड़ा फेंका गया था। इस तथ्य ने पुलिस जांच को नया मोड़ दे दिया है। अधिकारियों को आशंका है कि यह हमला केवल कुछ युवकों की व्यक्तिगत हरकत नहीं थी, बल्कि इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई अहम राज
पुलिस गिरफ्तार आरोपी से यह जानने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना कब और कैसे बनाई गई थी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा उनका उद्देश्य क्या था। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर हुए इस हमले को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।