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Bihar News: 45 साल बाद भी इस शहर में शवदाह गृह नहीं, बारिश में कीचड़ के बीच अंतिम संस्कार को मजबूर लोग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मधेपुरा Published by: कोसी ब्यूरो Updated Wed, 13 May 2026 03:16 PM IST
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सार

Madhepura News : मधेपुरा को जिला बने 45 साल हो गए हैं, लेकिन अब तक यहां एक भी शवदाह गृह नहीं है। तेजी से शहरीकरण के कारण लोगों को अब अंतिम संस्कार के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं हो पाती है।

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जलती चिता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मधेपुरा में शवदाह गृह नहीं होने के कारण लोगों को अंतिम संस्कार के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। नदी किनारे कीचड़ और जलजमाव के बीच परिजनों को अंतिम संस्कार करना पड़ता है। बारिश होने के बाद नदी किनारे कोई सूखा स्थान नहीं रहता है। शहरवासियों ने इस समस्या को लेकर कई बार जिला प्रशासन और राज्य सरकार से गुहार लगाई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि 45 साल पहले मधेपुरा जिला बना था। लेकिन पूरे जिले में अब तक एक भी शवदाह गृह का निर्माण नहीं कराया जा सका है। भिरखी छठ घाट के समीप करीब 10 वर्ष पहले शवदाह गृह का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन आज तक उसे चालू नहीं किया जा सका। आरोप है कि शवदाह गृह परिसर पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर कब्जा जमा लिया है, जिसके कारण वहां एक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। वहीं, गुमटी नदी किनारे भी शवदाह गृह निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। अधूरा निर्माण और प्रशासनिक उदासीनता के कारण लोगों को खुले घाटों पर अंतिम संस्कार करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने कहा कि शहर में अंतिम संस्कार के लिए भी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। लकड़ी रखने, बारिश से बचाव, शेड, पानी और रोशनी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इससे शोक संतप्त परिवारों को कठिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

स्थानीय रंजीत सिंह, गोपी पंडित, गणेश कुमार एवं अन्य लोगों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से अविलंब शवदाह गृह निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। वर्षों से स्थानीय लोग मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं, लेकिन प्रशासन इस दिशा में ठोस पहल नहीं कर रहा है।

लोगों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आम जनता के साथ मिलकर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लंबित शवदाह गृह निर्माण शीघ्र पूरा कर अंतिम संस्कार के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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