आंधी का कहर: बदायूं में दो बच्चियों समेत पांच की मौत, जिलेभर में सैकड़ों पेड़ गिरे, खंभे टूटे
बदायूं जिले में लगातार दूसरे दिन आई आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बिसौली तहसील क्षेत्र में आंधी के दौरान कहीं पेड़ गिरे तो कहीं दीवार, जिससे चार लोगों की मौत हो गई। एक अन्य युवक मंगलवार को घायल हुआ था, जिसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
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बदायूं जिले में कहर बनकर आई आंधी से बिसौली क्षेत्र में पांच लोगों की मौत हो गई। बुधवार को करीब घंटेभर चली तेज आंधी और बारिश के दौरान हुई घटनाओं में दो बच्चियों समेत चार लोगों की जान चली गई। जबकि, मंगलवार की आंधी के दौरान पेड़ गिरने से घायल हुए युवक ने भी दम तोड़ दिया।
बुधवार की सुबह करीब 11 बजे काले बादल छा गए और तेज हवा चलीं। इससे बिसौली तहसील क्षेत्र में एक हजार से अधिक छोटे-बड़े पेड़ टूट गए। बिजली के खंभे और लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। बिसौली क्षेत्र के गांव सिद्धपुर कैथोली की मढ़ैया निवासी कल्लो देवी (40 वर्षीय) अपनी 18 साल की बेटी नेहा के साथ गांव से बाहर बटिया से उपले लेने गई थीं। उनके साथ गांव के ही शेर सिंह की नौ वर्षीय बेटी रजनी और सुनील की 10 वर्षीय बेटी मौसमी भी थी।
अचानक चली तेज हवा और बादलों की गरज से डरकर वे सब एक छप्पर में छिप गए। यह छप्पर जिस दीवार पर रखा था। वह दीवार तेज आंधी में ढह गई। सभी इसके नीचे दब गई। कल्लो देवी और नेहा का आधा हिस्सा दबा था, इसलिए ये दोनों आसानी ने निकल आईं। रजनी और मौसमी पूरी तरह से दब गई। नेहा ने गांव से लोगों को बुलाया और ग्रामीणों के प्रयास से बाहर निकाला गया। मौके पर ही रजनी ने दम तोड़ दिया था। जबकि, मौसमी को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने कुछ देर बाद ही दम तोड़ दिया।
डंपर पर गिरा पेड़, चालक की मौत
इधर, बुधवार को डंपर चालक योगेश (35) निवासी नगला भोपत, थाना अनूपशहर जिला बुलंदशहर बजरी लेकर बिल्सी की ओर जा रहे थे। जैसे ही डंपर सोत के पुल निर्माण के लिए अलग से बनाए रास्ते पर पहुंचा। आंधी के कारण यूकेलिप्टस का पेड़ डंपर पर गिर गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
कोठरी ढहने से महिला की मौत
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव तरक परौली निवासी कुछ लोग मैंथा के खेत में काम कर रहे थे कि अचानक आंधी आ गई। यह लोग पास के नलकूप की कोठरी में चले गए। कोठरी के पास में खड़ा पेड़ जड़ से उखड़कर कोठरी पर गिर गया। जिससे कोठरी ढह गई। इसमें लक्ष्मी (50 वर्षीय) पत्नी अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि साथ में गांव के कोटेदार की पत्नी घायल हो गई।
वहीं, थाना क्षेत्र के गुलाबबाग निवासी 20 वर्षीय अंशुल शर्मा पुत्र छुट्टन शर्मा मंगलवार शाम पेड़ गिरने की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें उपचार के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई।
सैकड़ों पेड़ गिरे
बुधवार को जिले में आई आंधी ने चारों ओर तबाही का मंजर कायम कर दिया। आंधी से सैकड़ों पेड़ों के गिरने से जनहानि के साथ ही रोड पर आवागमन ठप हो गया। जगह- जगह पर गिरे पेड़ों की वजह से वाहनों का निकलन मुश्किल हो गया। रोड पर खड़े वाहनों को घंटों पेड़ हटाने का इंतजार करना पड़ा।
दातागंज में पापड़ और गनगोला गांव के बीच आंधी में पेड़ गिरने से दातागंज बदायूं मार्ग बंद हो गया। करीब डेढ़ घंटे तक आवाजाही बंद रही। कुछ दोपहिया वाहन चालक खेतों से होकर निकलते रहे। डेढ़ घंटे बाद पेड़ काटकर हटाया गया तब जाके रास्ते पर आवागमन चालू हुआ। वहीं आंधी के दौरान खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
बिसौली के तहसीलदार सुरेंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की ओर से आंधी से किसानों की मक्का सहित सभी फसलों के नुकसान का और जनहानि का आंकलन किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जायेगी, शासन के निर्देशानुसार ही राहत कार्य से संबंधित प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता पहुंचाई जाएगी। मार्ग पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन और वन विभाग को निर्देशित किया गया है।