Bihar News: बागान में मजदूर की संदिग्ध मौत, पुरानी रंजिश में करंट लगाकर हत्या का आरोप; जांच में जुटी पुलिस
सहरसा के अगवानपुर स्थित मंडन भारती कृषि कॉलेज के फल बागान में 37 वर्षीय दैनिक मजदूर मिथिलेश पासवान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। पत्नी रात करीब 10 बजे खाना लेकर बागान पहुंची तो वह जमीन पर मृत पड़ा था। परिजनों ने एक दिन पहले हुए विवाद को मौत की वजह बताते हुए करंट लगाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई है।
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सहरसा के अगवानपुर स्थित मंडन भारती कृषि कॉलेज में गुरुवार देर रात एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव संस्थान के फल बागान से बरामद हुआ। मृतक के परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते करंट लगाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
खाना लेकर बागान पहुंची पत्नी, जमीन पर पड़ा मिला शव
मृतक की पहचान सदर थाना क्षेत्र के औकाही पंचायत के सिसई गांव, वार्ड-13 निवासी स्वर्गीय जगदीश पासवान के 37 वर्षीय पुत्र मिथिलेश पासवान के रूप में हुई है। मिथिलेश वर्ष 2007 से मंडन भारती कृषि अनुसंधान संस्थान में दैनिक मजदूर के तौर पर काम कर रहा था। परिजनों के अनुसार, मिथिलेश गुरुवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक अपनी सामान्य ड्यूटी पर था। इसके बाद शाम करीब छह बजे वह कृषि कॉलेज के आम-अमरूद के बागान में ड्यूटी करने गया था। रात करीब 10 बजे उसकी पत्नी बबीता देवी खाना लेकर बागान पहुंचीं। वहां मिथिलेश का शव जमीन पर पड़ा मिला। पति को इस हालत में देखकर पत्नी की चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग और संस्थान के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
एक दिन पहले बकरी खेत में जाने को लेकर हुआ था विवाद
परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे खेत में बकरी चले जाने को लेकर गांव के वार्ड नंबर-12 निवासी वीरेन यादव और बदो यादव के साथ मिथिलेश का विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान मारपीट भी हुई थी। इस मामले को लेकर मिथिलेश ने सहरसा के एससी-एसटी थाने में लिखित शिकायत भी दी थी। हालांकि, गुरुवार शाम सामाजिक स्तर पर पंचायत बुलाई गई और दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया गया। इसके बाद थाने में दिया गया आवेदन वापस ले लिया गया था। परिजनों को आशंका है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते रात में साजिश के तहत मिथिलेश को करंट लगाकर मार दिया गया। हालांकि, हत्या के इस आरोप की अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
तीन छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
मिथिलेश की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वह अपने पीछे पत्नी बबीता देवी और तीन छोटे-छोटे बेटों को छोड़ गया है। बच्चों की उम्र छह वर्ष, तीन वर्ष और दो वर्ष बताई गई है। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने बताया कि कृषि कॉलेज फार्म से एक मजदूर का शव बरामद किया गया है। परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।