Bihar News: बच्चे की तस्वीर भेजी, तीन लाख में सौदा तय किया; अपहरण के बाद पंजाब ले जाते सात गिरफ्तार
मुंगेर के लालदरवाजा मोहल्ले से तीन वर्षीय अभिराज के अपहरण का पुलिस ने खुलासा करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, बच्चे को पंजाब ले जाने के लिए तीन लाख रुपये में सौदा तय किया गया था।
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मुंगेर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित लालदरवाजा मोहल्ले से बुधवार को तीन वर्षीय अभिराज के अपहरण का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया। पुलिस के अनुसार, बच्चे की खरीद-फरोख्त के लिए तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। अपहरण के बाद बच्चे को एक एसयूवी से पंजाब ले जाया जा रहा था। मुंगेर पुलिस ने भोजपुर पुलिस की मदद से आरा हाईवे के पास वाहन को रोककर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में तीन महिलाओं, तीन पुरुषों और एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों के पास से 2.20 लाख रुपये नकद, एक वाहन और अन्य सामान बरामद किया गया है।
बच्चे के अपहरण की साजिश का पुलिस ने किया खुलासा
मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने कोतवाली थाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चे के अपहरण की योजना करीब एक महीने से बनाई जा रही थी। पुलिस के अनुसार, बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल की रहने वाली नीलम देवी इस पूरे मामले की मुख्य कड़ी है। वह कई वर्षों से पंजाब के कपूरथला में रह रही थी और वहीं काम करने वाले एक परिवार के संपर्क में थी।
बीमारी से बेटे की मौत के बाद बच्चे को गोद लेने की बनाई योजना
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित हरजेन्द्र कुमार के 18 वर्षीय बेटे की वर्ष 2025 में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद उसकी पत्नी अवसाद में चली गई। परिवार के परिचित लोगों ने उसे एक बच्चा गोद लेने की सलाह दी। इसके बाद परिवार ने बच्चे की तलाश शुरू की। इसी दौरान नीलम देवी ने हरजेन्द्र के परिवार को बिहार से बच्चा उपलब्ध कराने की बात कही और इसके लिए तीन लाख रुपये की मांग की। नीलम देवी ने बच्चे की व्यवस्था करने के लिए मुंगेर के लालदरवाजा निवासी नीरज कुमार से संपर्क किया। पुलिस के अनुसार, नीरज ने भी बच्चे को उपलब्ध कराने के एवज में तीन लाख रुपये की मांग की। इसके बाद नीरज ने अपने पड़ोस में रहने वाले विनोद यादव के तीन वर्षीय पुत्र अभिराज की तस्वीर नीलम देवी को भेजी। तस्वीर देखने के बाद सौदा तय हो गया और बच्चे के अपहरण की योजना बनाई गई।
दो दिन पहले पंजाब से पटना पहुंचा था परिवार
एसपी के अनुसार, योजना तय होने के बाद पंजाब से संबंधित परिवार दो दिन पहले वाहन से पटना पहुंचा था। बुधवार को नीरज कुमार और उसकी 15 वर्षीय पुत्री की मदद से लालदरवाजा मोहल्ले में बच्चे को उसके परिजनों के पास से अगवा कर एसयूवी में बैठा दिया गया। इसके बाद बच्चे को पंजाब ले जाने की तैयारी थी।
बच्चे के गायब होने की सूचना मिलते ही कोतवाली थानाध्यक्ष राजीव कुमार तिवारी और जिला आसूचना इकाई की टीम सक्रिय हो गई। पुलिस ने परिजनों से जानकारी लेने के बाद आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में दो लोगों द्वारा बच्चे को वाहन में बैठाकर ले जाते हुए देखा गया। जांच में दोनों की पहचान नीरज कुमार और उसकी नाबालिग पुत्री के रूप में हुई।
मोबाइल की जांच से खुला अपहरण का पूरा राज
पुलिस ने नीरज और उसकी पुत्री से पूछताछ शुरू की। नाबालिग के मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद पुलिस को नीलम देवी के बारे में जानकारी मिली। उसके मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच और लोकेशन के आधार पर पुलिस को उसका ठिकाना भोजपुर जिले में आरा हाईवे के आसपास मिला। मुंगेर पुलिस ने भोजपुर पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद आरा हाईवे के पास संबंधित एसयूवी को रोककर उसमें सवार तीन महिलाओं और दो पुरुषों को गिरफ्तार कर लिया गया। वाहन से तीन वर्षीय अभिराज को सकुशल बरामद कर लिया गया। बाद में बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
सात गिरफ्तार, 2.20 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में पंजाब के जालंधर निवासी हरजेन्द्र कुमार, वाहन चालक राजकुमार, कपूरथला निवासी रामाजीत कौर और निर्मला कौर, बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल निवासी नीलम देवी तथा मुंगेर के लालदरवाजा निवासी नीरज कुमार और उसकी 15 वर्षीय पुत्री शामिल हैं। एसपी ने बताया कि बच्चे के अपहरण के एवज में नीरज कुमार को एक लाख रुपये मिले थे। उसके पास से एक लाख रुपये बरामद किए गए। वहीं, नीलम देवी के पास से एक लाख 20 हजार रुपये बरामद हुए। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे कपड़े भी बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मामले में तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए हैं।
एक अन्य महिला की भूमिका की भी जांच
एसपी ने बताया कि जांच के दौरान मुंगेर के नौलखा निवासी संगीता कुमारी का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसके बारे में जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार आरोपितों को रिमांड पर लेकर दोबारा पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अभिराज को केवल गोद लेने के लिए ले जाया जा रहा था या उसे आगे किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की योजना थी। पुलिस नीलम देवी की भूमिका की भी गहन जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि क्या इससे पहले बिहार से किसी अन्य बच्चे की खरीद-फरोख्त या अपहरण में उसकी संलिप्तता रही है।
स्पीडी ट्रायल से सजा दिलाने की तैयारी
एसपी सैयद इमरान मसूद ने कहा कि मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण तकनीकी और सीसीटीवी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस जल्द से जल्द आरोपपत्र न्यायालय में समर्पित करेगी और मामले में स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपितों को सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।