Bihar: कुरकुरे का लालच देकर नाबालिग से यौन उत्पीड़न, 15 वर्षीय आरोपी निरुद्ध; पिता की बाइक छीनने का भी आरोप
बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले 15 वर्षीय किशोर ने कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर बच्ची को सुनसान घर में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
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बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले 15 वर्षीय किशोर ने कुरकुरे और चॉकलेट का लालच देकर बच्ची को सुनसान घर में ले जाकर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया। घटना के बाद बच्ची को इलाज और मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी किशोर को निरुद्ध कर लिया है। पीड़िता की मां की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
खेत गई थी मां, घर में अकेली थी बच्ची
पीड़िता की मां की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना 9 अगस्त की दोपहर करीब दो बजे की है। उस समय बच्ची के पिता राजस्थान गए हुए थे, जबकि मां मवेशियों के लिए चारा काटने खेत गई थी। घर पर आठ वर्षीय बच्ची अपने दो छोटे भाइयों के साथ थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस का 15 वर्षीय किशोर बच्ची को कुरकुरे और चॉकलेट देने का लालच देकर अपने चचेरे देवर के एक सुनसान घर में ले गया। वहां उसने बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न किया। बच्ची के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। बताया गया कि इस दौरान आरोपी और बच्ची के बीच खींचतान भी हुई, जिससे बच्ची के दाहिने हाथ में गंभीर चोट आई और वह बेहोश हो गई। मां के घर लौटने के बाद बच्ची को तत्काल एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मामला दबाने का दबाव बनाने का आरोप, बाइक छीनने की भी शिकायत
पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि पति के घर पर नहीं होने और परिवार में किसी अन्य पुरुष सदस्य के मौजूद नहीं रहने के कारण वह तत्काल थाने नहीं जा सकीं। आरोप है कि 12 अगस्त को पति के राजस्थान से लौटने के बाद आरोपियों और उनके समर्थकों ने मामले को दबाने के लिए उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। महिला का आरोप है कि स्थानीय वार्ड पार्षद और उसके भाई ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उन पर समझौता करने का दबाव बनाया। आरोपियों ने पीड़ित परिवार को पुलिस थाने और सदर अस्पताल जाने से रोकने की कोशिश की। साथ ही सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवाने और पति की मोटरसाइकिल छीनने का भी आरोप लगाया गया है। परिजनों के मुताबिक, उन्हें झूठे मामले में फंसाने और पुलिस में शिकायत नहीं करने की धमकी भी दी गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
तमाम कथित धमकियों के बावजूद पीड़िता की मां गुरुवार दोपहर सिमरी बख्तियारपुर थाने पहुंचीं और पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी किशोर को निरुद्ध कर लिया। बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार ने बताया कि पीड़िता की मां के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी किशोर को निरुद्ध किया गया है और उसका भी मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
बच्ची को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया
प्रभारी डीएसपी धीरेंद्र पांडे ने बताया कि पीड़ित पक्ष के लिखित आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। बच्ची को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पीड़िता और उसके परिवार की ओर से लगाए गए दबाव, मारपीट और धमकी के आरोपों की भी जांच की जाएगी।