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Lalu Yadav: रोहिणी का इशारा अब किस अपने पर? लालू यादव की जीवनी को कचरे में फेंके जाने पर क्या नहीं लिख डाला
Tue, 07 Jul 2026 02:19 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Tue, 07 Jul 2026 02:19 PM IST
सार
Bihar Political News: राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव के जीवन पर आधारित किताबें कचरे के ढेर में मिलने पर सियासत गरमा गई है। उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मामले को उठाया और ऐसा करने वालों पर जमकर हमला बोला। आइये जानते हैं रोहिणी ने क्या कहा?
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रोहिणी आचार्य अपने पिता लालू प्रसाद यादव के साथ
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के जीवन से जुड़ी कई किताबें, उनकी जीवनी और स्मारिकाएं पटना के समीप संपतचक इलाके के उदेनी के पास एच-524 के निकट कचरे के ढेर में फेंकी हुई मिली हैं। इन कितबों में लालू लीला, गोपालगंज से रायसीना समेत कई किताबें हैं। अब इस मामले को लेकर उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
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रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लालू जी की जीवनी, उनके जीवन से जुड़ी कई किताबें और स्मारिकाएं पटना के समीप संपतचक इलाके के उदेनी, एच-524 के पास कचरे के ढेर में किसने फिंकवाईं? आखिर कौन लालू जी से जुड़ी इस अमूल्य धरोहर को मिटाना चाहता है? किसके मन में लालू जी के प्रति इतनी नफरत है? कहीं ऐसा तो नहीं कि कोई अपना कहलाने वाला व्यक्ति ही विरोधियों के इशारे पर ऐसा कर रहा हो?
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लालू की स्मृतियों को कौन हाशिये पर धकेल रहा?
रोहिणी आचार्य ने आगे कहा कि यह केवल कुछ किताबों, दस्तावेजों और लालू जी से जुड़ी वस्तुओं का अपमान नहीं है, बल्कि एक महान जननेता, उनकी बेमिसाल राजनीतिक विरासत और राजनीतिक इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ किया गया दुर्व्यवहार है, जो कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर कौन है जो लालू जी की स्मृतियों, विचारों और विरासत को हाशिये पर धकेलना चाहता है?
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यह केवल लापरवाही नहीं हो सकती
रोहिणी ने इसे महज लापरवाही मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं हो सकती, बल्कि लालू जी की गौरवगाथा को मिटाने और उनकी छवि को मलिन करने की एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। इन सवालों का स्पष्ट और पारदर्शी जवाब मिलना चाहिए। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, ताकि सच सामने आए और भविष्य में कोई भी इस तरह की हिमाकत करने का दुस्साहस न कर सके।