Bihar: स्टॉल पर भिड़ गए दो माननीय, जिला प्रशासन को करनी है पंचायत; क्या है खगड़िया का यह चर्चित मामला
Bihar: खगड़िया के राजेंद्र चौक पर स्टॉल निर्माण को लेकर नगर परिषद और जिला परिषद के बीच विवाद गहरा गया है। नगर परिषद सभापति अर्चना कुमारी ने निर्माण को अवैध बताया है, जबकि जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने इसे अस्थायी व्यवस्था बताया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खगड़िया शहर के सबसे व्यस्त राजेंद्र चौक पर स्टॉल निर्माण को लेकर नगर परिषद और जिला परिषद आमने-सामने आ गए हैं। नगर परिषद सभापति अर्चना कुमारी ने इसे अवैध निर्माण और संभावित अतिक्रमण बताते हुए कार्रवाई की मांग की है, जबकि जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने इसे फुटकर दुकानदारों के लिए बनाई जा रही अस्थायी व्यवस्था बताया है। दोनों पक्षों के पत्र सामने आने के बाद मामला प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
नगर परिषद ने जताई जाम बढ़ने की आशंका
नगर परिषद का कहना है कि राजेंद्र चौक पहले से ही जाम की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में बिना अनुमति निर्माण होने से यातायात व्यवस्था और बिगड़ सकती है। सभापति अर्चना कुमारी ने एसडीओ को दिए आवेदन में कहा कि प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद निर्माण कार्य रोका गया, लेकिन तब तक आंशिक निर्माण हो चुका था।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
अर्चना कुमारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में राजेंद्र चौक पर अतिक्रमण और ट्रैफिक समस्या और गंभीर हो सकती है।
जिला परिषद ने बताया वैध निर्माण
वहीं जिला परिषद अध्यक्ष कृष्णा कुमारी यादव ने एसडीएम को भेजे पत्र में दावा किया है कि संबंधित भूमि जिला परिषद की है। उनके अनुसार, वर्षों से वहां फुटकर दुकानदारों को वैध रूप से जगह आवंटित की जाती रही है और उनसे मिलने वाला मासिक किराया जिला परिषद को जमा होता है।
ये भी पढ़ें: शादी में गया था पूरा परिवार, पीछे से ‘मुखिया जी’ के घर पर चोरों का धावा! लाखों के जेवर लेकर फरार
दुकानदारों के लिए बनाया जा रहा अस्थायी शेड
कृष्णा कुमारी यादव ने कहा कि दुकानदारों को धूप और बारिश से बचाने के लिए अस्थायी शेड बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसे अवैध निर्माण बताना गलत है और कुछ लोग निजी स्वार्थ में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और संबंधित विभागों को भी भेजी है। अब पूरे मामले में जिला प्रशासन की जांच और निर्णय पर सबकी नजर टिकी हुई है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.