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Bihar News: सरकारी राशि का दुरुपयोग और फर्जीवाड़ा उजागर, मुंगेर में दो पंचायत मुखियाओं पर चुनावी प्रतिबंध

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर Published by: मुंगेर ब्यूरो Updated Fri, 16 Jan 2026 05:22 PM IST
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सार

Bihar: मुंगेर जिले में अग्रहण और बढ़ौना पंचायत के मुखियाओं को वित्तीय अनियमितता, सरकारी राशि गबन और योजना दुरुपयोग के आरोप में पद से बर्खास्त किया गया। दोनों पांच साल तक किसी भी पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

Major Anti-Corruption Action in Munger: Two Panchayat Heads Removed, Barred from Polls for 5 Years
विभाष कुमार निराला - फोटो : अमर उजाला
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मुंगेर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार ने कड़ा कदम उठाया है। हवेली खड़गपुर प्रखंड की अग्रहण और बढ़ौना पंचायत के मुखियाओं को पद से बर्खास्त कर दिया गया है। पंचायती राज विभाग ने यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितता, शक्तियों के दुरुपयोग और सरकारी राशि के गबन के आरोपों में की है। विभागीय सचिव मनोज कुमार के आदेश के अनुसार, दोनों मुखिया अब अगले पांच वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।

अग्रहण पंचायत: डस्टबिन और नाला योजना में लाखों का गबन

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अग्रहण पंचायत की मुखिया जया किशोरी देवी पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में पाया गया कि पंचायत के 3,542 घरों में बांटे गए डस्टबिन की वास्तविक कीमत लगभग ₹60 प्रति जोड़ी थी, लेकिन कागजों में इसे तीन गुना अधिक दर पर खरीदा दिखाया गया। इस योजना में करीब ₹4.24 लाख का गबन होने की पुष्टि हुई।

साथ ही, वार्ड संख्या 4 में नाली निर्माण में भी भारी अनियमितता सामने आई। कागजों में 380 फीट नाली दिखाकर पूरी राशि की निकासी कर ली गई, जबकि स्थल जांच में केवल 245 फीट नाली पाई गई। शेष 135 फीट की नाली का पैसा मुखिया, पंचायत सचिव और अभियंता द्वारा हड़प लिया गया। जांच टीम को गुमराह करने के लिए रातों-रात फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठे भी लगवाए गए।


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बढ़ौना पंचायत: निजी जमीन पर सरकारी योजना
बढ़ौना पंचायत के मुखिया विभास कुमार निराला पर सरकारी राशि का दुरुपयोग कर 200 फीट सड़क और नाला निजी जमीन पर बनवाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि नाला बीच में ही छोड़ दिया गया, जिससे आम जनता को कोई लाभ नहीं हुआ।

प्रशासनिक स्वीकृति के उसी दिन ₹8.77 लाख की निकासी कर ली गई, जबकि न तो कोई टेंडर हुआ और न ही काम विधिवत शुरू किया गया। इसके अलावा, वर्ष 2022 में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत के लिए मिले फंड में भी गंभीर अनियमितता पाई गई।

जिलाधिकारी का बयान
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि पंचायती राज विभाग द्वारा दोनों मुखिया को पद से हटा दिया गया है और वे अगले पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। साथ ही, संबंधित पंचायत सचिव और तकनीकी सहायकों के खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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