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NEET Student Case : परिवार के विरोध पर झुकी सरकार, सम्राट चौधरी का दावा- दूध का दूध और पानी का पानी करेगी CBI
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Sun, 01 Feb 2026 09:56 PM IST
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सार
Bihar : नीट छात्रा कांड को लेकर बिहार की सियासत पिछले कई दिनों से गरमाई हुई है। विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा था। अब सीबीआई जांच के एलान को सरकार का डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नीट छात्रा के परिजनों के काफी विरोध करने पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने मामले को सीबीआई को सौंपने की बात कही। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता और जनता के अविश्वास को देखते हुए नीतीश सरकार ने इस केस की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराने का बड़ा फैसला लिया है।
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जांच पर उठ रहे थे सवाल, इसलिए लिया कड़ा फैसला
इस संबंध में सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की पुलिस और एजेंसियां इस मामले की तफ्तीश में पहले से जुटी हुई थीं। हालांकि, घटना के बाद जिस तरह से पीड़ित परिवार ने अपनी आशंकाएं जाहिर कीं और विपक्षी राजनीतिक दलों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, उससे यह महसूस हुआ कि लोगों का भरोसा डगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। जब हमें लगा कि लोगों को वर्तमान जांच पर पूर्ण भरोसा नहीं हो पा रहा है, तब सरकार ने बिना देरी किए इसे सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते कि किसी भी स्तर पर कोई संदेह बना रहे।
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सरकार का हस्तक्षेप नहीं, न्याय है प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जांच की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार जनभावनाओं और न्याय की उम्मीदों के साथ खड़ी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जांच की प्रक्रिया में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई एक पूरी तरह स्वतंत्र संस्था है और वह अपने तरीके से साक्ष्य जुटाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य पीड़ित परिवार को मानसिक और कानूनी न्याय दिलाना है।
पुराने मामलों की सुस्ती पर साधी चुप्पी
प्रेस वार्ता के दौरान एक असहज स्थिति तब पैदा हुई जब उपमुख्यमंत्री से सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल पूछा गया। पत्रकारों ने सवाल किया कि जब राज्य सरकार सीबीआई पर इतना भरोसा जता रही है, तो पहले से चल रहे कई अन्य बड़े मामलों को सीबीआई अब तक क्यों नहीं निपटा पाई है? इस सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने न तो पुराने मामलों की प्रगति पर कोई टिप्पणी की और न ही सीबीआई की देरी का बचाव किया। सवाल सुनकर उन्होंने चुप्पी साध ली और बिना किसी प्रतिक्रिया के आगे बढ़ गए।
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जांच पर उठ रहे थे सवाल, इसलिए लिया कड़ा फैसला
इस संबंध में सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य की पुलिस और एजेंसियां इस मामले की तफ्तीश में पहले से जुटी हुई थीं। हालांकि, घटना के बाद जिस तरह से पीड़ित परिवार ने अपनी आशंकाएं जाहिर कीं और विपक्षी राजनीतिक दलों ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाए, उससे यह महसूस हुआ कि लोगों का भरोसा डगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। जब हमें लगा कि लोगों को वर्तमान जांच पर पूर्ण भरोसा नहीं हो पा रहा है, तब सरकार ने बिना देरी किए इसे सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया। हम नहीं चाहते कि किसी भी स्तर पर कोई संदेह बना रहे।
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सरकार का हस्तक्षेप नहीं, न्याय है प्राथमिकता
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जांच की निष्पक्षता पर जोर देते हुए कहा कि सरकार जनभावनाओं और न्याय की उम्मीदों के साथ खड़ी है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि जांच की प्रक्रिया में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सीबीआई एक पूरी तरह स्वतंत्र संस्था है और वह अपने तरीके से साक्ष्य जुटाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य पीड़ित परिवार को मानसिक और कानूनी न्याय दिलाना है।
पुराने मामलों की सुस्ती पर साधी चुप्पी
प्रेस वार्ता के दौरान एक असहज स्थिति तब पैदा हुई जब उपमुख्यमंत्री से सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल पूछा गया। पत्रकारों ने सवाल किया कि जब राज्य सरकार सीबीआई पर इतना भरोसा जता रही है, तो पहले से चल रहे कई अन्य बड़े मामलों को सीबीआई अब तक क्यों नहीं निपटा पाई है? इस सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने न तो पुराने मामलों की प्रगति पर कोई टिप्पणी की और न ही सीबीआई की देरी का बचाव किया। सवाल सुनकर उन्होंने चुप्पी साध ली और बिना किसी प्रतिक्रिया के आगे बढ़ गए।
