MP News: मां-बेटी सहित तीन को दोहरा आजीवन कारावास, तंत्र क्रिया व मारपीट कर की थी अपने ही भाई-भतीजे की हत्या
अंधविश्वास और तांत्रिक क्रिया के नाम पर रतलाम जिले में होम्योपैथी चिकित्सक राजाराम खराड़ी और उसके तीन वर्षीय पुत्र की हत्या के मामले में न्यायालय ने बड़ी बहन तुलसीबाई, उसकी पुत्री माया और भतीजे राहुल को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विस्तार
अंधविश्वास के चलते तांत्रिक क्रिया (जादू-टोना) के बहाने कमरे में बंद कर कथित होम्योपैथी चिकित्सक राजाराम खराड़ी और उसके तीन वर्षीय पुत्र की हत्या के करीब पांच वर्ष पुराने मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने अभियुक्त 45 वर्षीय तुलसीबाई पलासिया, उसकी 24 वर्षीय पुत्री माया और 27 वर्षीय भतीजे राहुल खराड़ी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियुक्त तुलसीबाई मृतक की सगी बड़ी बहन है। वहीं आरोप प्रमाणित नहीं होने पर मृतक के भाई विक्रम और बहन सागर को दोषमुक्त कर दिया गया।
मामला क्या था
अपर लोक अभियोजक समरथ पाटीदार के अनुसार 19 और 20 फरवरी 2021 को रतलाम जिले के ग्राम ठिकरिया में यह सनसनीखेज घटना हुई थी। अभियुक्त तुलसीबाई पलासिया निवासी ग्राम धराड़ ने अपनी पुत्री माया, भतीजे राहुल पलासिया, भाई विक्रम और बहन सागर खराड़ी सहित अन्य के साथ मिलकर तांत्रिक क्रिया के नाम पर अपने ही भाई, 32 वर्षीय होम्योपैथी चिकित्सक राजाराम खराड़ी और उसके तीन वर्षीय पुत्र आदर्श को कमरे में बंद कर मारपीट की, जिससे दोनों की मौत हो गई। इस दौरान राजाराम की मां थावरीबाई, पत्नी सीमा खराड़ी (जो जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स हैं) और अन्य रिश्तेदारों के साथ भी बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
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पुलिस कार्रवाई और सजा
शिवगढ़ थाना पुलिस ने हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट और साजिश सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था। सुनवाई के बाद न्यायालय ने अभियुक्त तुलसीबाई, उसकी पुत्री माया और भतीजे राहुल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 450, 120-बी और 34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास के साथ दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर कुल 1 लाख 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
घंटों चली थी तांत्रिक क्रिया
प्रकरण के अनुसार किसी तांत्रिक के कहने पर आरोपियों ने यह मान लिया था कि राजाराम पर ‘साया’ है और तांत्रिक क्रिया से उसे दूर किया जा सकता है। इसी अंधविश्वास के चलते परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कमरों में बंद कर घंटों तक तांत्रिक क्रिया की गई। इस दौरान मुसली, उलटी तलवार, परात, लोटा आदि से मारपीट की गई और सीमा के मुंह में सिक्के डाले गए, जिनमें से एक सिक्का उसके गले में फंस गया था।
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पुलिस ने तोड़ा था दरवाजा
20 फरवरी को जब राजाराम की मौत हो गई, तब घटना की जानकारी बाहर फैली। ग्रामीणों की भीड़ जुटने पर शिवगढ़ थाना प्रभारी पुलिस दल के साथ मौके पर पहुंचे। घर के अंदर से चीख-पुकार और सेंट व अगरबत्ती की तीखी गंध आ रही थी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर प्रवेश किया तो तांत्रिक क्रिया से जुड़ा सामान बिखरा पड़ा मिला।तीन वर्षीय आदर्श के ऊपर आरोपी माया बैठी हुई थी और उसके मुंह में उंगलियां डाली हुई थीं। बच्चे को तुरंत अस्पताल भेजा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अन्य घायल महिलाओं और परिजनों को भी जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सीमा के गले में फंसा सिक्का ऑपरेशन कर निकाला गया।
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