मध्यप्रदेश के नीमच जिले में रविवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। मक्का के आकार के ओले और तेज आंधी के साथ बारिश ने किसानों के अरमानों और मेहनत पर पानी फेर दिया है। करीब आधे घंटे तक कई हिस्सों में बारिश ने सबसे ज्यादा अफीम और गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। स्थिति यह रही कि अफीम के पौधे ओलों की मार से टूटकर नीचे गिर गए। वहीं गेहूं के पौधे भी आड़े हो गए। पालसोडा, जीरन, भंवरासा, झार्डा क्षेत्र में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। बर्बादी का आलम देखकर किसान अब सरकार से मुआवजे की गुहार लगा रहा है। किसी क्षेत्र में 30 मिनट तक बारिश और ओलावृष्टि हुई तो किसी क्षेत्र में 10 मिनट तक। इतने कम समय में ही सबकुछ तबाह कर दिया।
सड़क ने लिया शिमला जैसा रूप
जिले के पालसोडा से भंवरासा फंटे को जोड़ने वाली सड़क पर शिमला जैसे हालात नजर आए। सड़क पर बर्फ की चादर बिछ गई। लोगों को शिमला जैसे नजारे दिखाई दिए।
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अफीम की फसल चौपट
नीमच जिले में सर्वाधिक संख्या में अफीम की खेती होती है। रविवार शाम को हुई ओलावृष्टि से सबसे ज्यादा नुकसान अफीम की फसल को हुआ है, क्योंकि अफीम के पौधों में फूल आ रहे थे, पौधा की मौटाई भी थी। ऐसे में मक्का से भी ज्यादा आकार के ओलों की मार को सहन नहीं कर पाए और टूटकर नीचे गिर गए। इसके अलावा गेहूं की फसल भी नष्ट हुई है। गेहूं के पौधे जमीन पर लेट गए हैं।
इन क्षेत्रों में हुई ओलावृष्टि
नीमच जिले के पालसोडा, जीरन, हर्कियाखाल, भंवरासा, गोपालपुरा, सेमली मेवाड़ सहित कई हिस्सों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई है, ये हिस्से मंदसौर जिले की सीमा से भी जुड़े हुए हैं। बारिश और ओलावृष्टि मंदसौर जिले के कई हिस्सों में भी हुई है।
नीमच सूखा, हर्कियाखाल फंटे में ओलावृष्टि
ओलावृष्टि और बारिश का अलग ही नजारा नीमच जिले में रविवार को देखने को मिला। नीमच शहर में सूखा था तो वहीं मात्र 10 किलोमीटर दूरी पर जोरदार ओलावृष्टि हुई। नीमच शहर के लोगों ने जब वीडियो और फोटो देखे तो पता चला कि बिल्कुल पास में ओलावृष्टि और बारिश हुई है।

ओलावृष्टि से अफीम की फसल पड़ी आड़ी

ओलावृष्टि के बाद सड़क किनारे लगा ओलों का ढेर