Mandsaur News: बदला मौसम का मिजाज, मंदसौर में ओलावृष्टि से अफीम सहित अन्य फसलों को पहुंचा नुकसान
मंदसौर जिले में अचानक बदले मौसम से बारिश, आंधी और ओलावृष्टि हुई, जिससे मल्हारगढ़ क्षेत्र में अफीम, गेहूं व चना सहित कई फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। प्रशासन ने सर्वे के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस ने किसानों को त्वरित मुआवजा देने की मांग की है।
विस्तार
मंदसौर जिले में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। जिले के मल्हारगढ़ तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। मंदसौर जिले के अनेक क्षेत्रों में तेज बारिश हुई, जबकि मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम झारड़ा सहित आसपास के गांवों में ओलावृष्टि के दृश्य सामने आए। रविवार शाम करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे सड़कों और खेतों में बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। कई स्थानों पर लोग घरों के आंगन में फावड़े से ओले समेटते नजर आए। मंदसौर जिले की सीमा से लगे ग्राम पालसोडा और भंवरासा क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई, जहां का नजारा मिनी कश्मीर जैसा दिखाई दिया। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश और ओलावृष्टि के कारण कई इलाकों में अफीम सहित गेहूं चना की फसल आड़ी हो गई, जिससे नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने नीमच, मंदसौर सहित 14 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है।
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ओलावृष्टि और बारिश से अफीम, गेहूं सहित अन्य फसलों को पहुंचा नुकसान
ओलावृष्टि पर प्रशासन सक्रिय, सर्वे के निर्देश
मंदसौर जिले में विशेष रूप से मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के झारड़ा, काचरिया देव, किशनगढ़, मनासा खुर्द, हरमाला, अरनिया देव, पामाखेड़ा सहित अन्य गांवों में असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की सूचना मिली है। ओलावृष्टि की जानकारी मिलते ही मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग से दूरभाष पर चर्चा कर प्रभावित गांवों में तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्वे करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की टीम भेजकर फसल नुकसान का आकलन किया जाए।देवड़ा ने कहा कि मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है। किसान चिंतित न हों, जहां भी ओलावृष्टि या असमय बारिश से नुकसान हुआ है, वहां सरकार राहत और सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
मन्दसौर जिले के मल्हारगढ़ ब्लॉक के मनासा खुर्द, गोपालपुरा, झारड़ा, हरमाला सहित कई गांवों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। अफीम, गेहूं, सरसों, धनिया, अलसी, चिया सीड, मेथी, मसूर और चना जैसी प्रमुख फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर ने इसे अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताते हुए कहा कि जब फसलें कटाई के लिए तैयार थीं, तब प्राकृतिक आपदा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। विशेष रूप से अफीम फसल के नुकसान से क्षेत्र के किसानों की स्थिति और गंभीर हो गई है।
गुर्जर ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए, जिसमें राजस्व, कृषि और नारकोटिक्स विभाग की संयुक्त टीम शामिल हो। उन्होंने किसानों को त्वरित और उचित मुआवजा देने, नुकसान के अनुसार प्रति एकड़ कम से कम 1.5 से 2 लाख रुपये सहायता देने, अफीम उत्पादकों को विशेष राहत, कर्ज पर ब्याज माफी और फसल बीमा दावों का शीघ्र निपटारा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और यदि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

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