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Bihar: चपरासी से बने लेखापाल के घर EOU का छापा! आय से अधिक संपत्ति का खुलासा, करोड़ों की दौलत देख अधिकारी दंग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Thu, 11 Jun 2026 05:52 PM IST
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सार

Bihar: वैशाली के हाजीपुर नगर परिषद में तैनात लेखापाल मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बड़ी कार्रवाई की। करीब 9 घंटे चली छापेमारी में आभूषण, नकदी, जमीन, वाहन और एलआईसी के दस्तावेज बरामद किए गए। 

Bihar  hajipur nagar parishad accountant manish kumar eou raid over two crore disproportionate assets
मौके पर आर्थिक अपराध इकाई की टीम
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विस्तार

Bihar: वैशाली जिले के हाजीपुर में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने नगर परिषद कार्यालय में तैनात लेखापाल मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ईओयू मुजफ्फरपुर की टीम ने मनीष कुमार के घर और नगर परिषद कार्यालय में करीब 9 घंटे तक छापेमारी की।



घर से मिले आभूषण, नकदी और जमीन के दस्तावेज
ईओयू के डीएसपी सी.पी. यादव ने बताया कि कार्रवाई के दौरान मनीष कुमार घर पर अनुपस्थित थे। उनकी पत्नी, बेटा और मां की मौजूदगी में तलाशी ली गई। घर से साढ़े छह लाख रुपये के आभूषण, 50 हजार रुपये नकद, वाहन, जमीन और एलआईसी के कागजात बरामद किए गए। मनीष कुमार को 15 जून को उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया गया है।
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सत्यापन के बाद दर्ज हुआ भ्रष्टाचार का मामला
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी के सत्यापन के बाद आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 10/26 के तहत धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। माननीय विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी वारंट प्राप्त कर गुरुवार सुबह करीब 7 बजे आर्थिक अपराध इकाई की टीम नगर थाना पुलिस के सहयोग से मनीष कुमार के आवास पहुंची और सुबह 7:45 बजे छापेमारी शुरू की।
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10 अधिकारियों की टीम ने एक साथ की कार्रवाई
पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 10 अधिकारियों की टीम ने मनीष कुमार के हाजीपुर स्थित बागमली आवास और हाजीपुर नगर परिषद परिसर में स्थित कार्यालय पर एक साथ तलाशी ली।

208 प्रतिशत अधिक संपत्ति का मिला साक्ष्य
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार, सत्यापन के दौरान मनीष कुमार के विरुद्ध कुल 2,02,31,500 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिला है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 208.57 प्रतिशत अधिक है। मनीष कुमार पिछले कई वर्षों से नगर परिषद में लेखापाल के पद पर तैनात हैं। तलाशी की कार्रवाई समाप्त होने के बाद विस्तृत जानकारी देने की बात कही गई है।

छापेमारी से इलाके में मचा हड़कंप
लेखापाल मनीष कुमार के घर गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे ईओयू मुजफ्फरपुर की टीम नगर थाना पुलिस के साथ पहुंची। अचानक पुलिस और जांच टीम को देखकर स्थानीय लोग आश्चर्यचकित रह गए। टीम ने घर पहुंचकर पूछताछ के बाद तलाशी शुरू की। घर में मौजूद उनकी पत्नी, मां और बच्चों से पूछताछ की गई तथा घर के विभिन्न हिस्सों की जांच की गई।

पत्नी और परिवार से भी हुई पूछताछ
तलाशी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में आभूषण, नकदी, जमीन और एलआईसी से संबंधित दस्तावेज बरामद किए। इसके अलावा मनीष कुमार की पत्नी और पुत्र से भी गहन पूछताछ की गई। इस दौरान मनीष कुमार घर पर मौजूद नहीं थे। कई घंटे तक चली कार्रवाई के बाद टीम बरामद दस्तावेज और सामान अपने साथ ले गई तथा मनीष कुमार को 15 जून को उपस्थित होने का नोटिस दिया।

अनुकंपा नौकरी से लेखापाल बनने तक का सफर
जानकारी के अनुसार, मनीष कुमार के पिता नगर परिषद में कार्यरत थे। उनके निधन के बाद वर्ष 2008 में मनीष कुमार की अनुकंपा के आधार पर पियून पद पर नियुक्ति हुई थी। बाद में उन्हें पदोन्नति देकर लेखापाल बनाया गया। वह करीब 18 वर्षों से नगर परिषद में कार्यरत हैं।

लोगों के बीच चर्चा का बना विषय
लेखापाल के घर अचानक भारी संख्या में पुलिस और ईओयू टीम की छापेमारी की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। लोगों का कहना था कि अनुकंपा पर नौकरी शुरू करने वाले मनीष कुमार ने कम समय में बड़ी संपत्ति अर्जित कर ली।

ठेकेदार के घर भी पहुंची जांच की आंच
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान एक थार वाहन मिला। जांच में पता चला कि वाहन जढुआ निवासी एक ठेकेदार के नाम पर है। इसके बाद जांच टीम उस ठेकेदार के घर भी पहुंची। हालांकि अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद के ठेकों से जुड़े कुछ पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

लेन-देन से जुड़े अहम दस्तावेज मिलने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक, ईओयू की कार्रवाई के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य मिले हैं। इनमें लेखापाल और कुछ ठेकेदारों के बीच कथित लेन-देन से जुड़े दस्तावेज भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

नगर परिषद कार्यालय में 7 घंटे तक चली जांच
नगर परिषद कार्यालय में ईओयू मुजफ्फरपुर की टीम ने करीब 7 घंटे तक जांच की। जानकारी के अनुसार, टीम सुबह करीब 9 बजे कार्यालय पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों के बीच हड़कंप मच गया। टीम ने बारी-बारी से कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की।

कर्मचारियों से पूछताछ और रिकॉर्डिंग भी की गई
जांच टीम ने लेखापाल के कार्यालय से जुड़े सभी दस्तावेजों की गहन पड़ताल की तथा कर्मचारियों से पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान कुछ बातचीत की रिकॉर्डिंग भी की गई। टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ लेकर गई है।

ये भी पढ़ें: दाखिल-खारिज में लापरवाही पड़ी भारी! सीओ और राजस्व कर्मचारी पर कार्रवाई तय, DM ने मांगा 24 घंटे में जवाब

डीएसपी सी.पी. यादव ने दी कार्रवाई की जानकारी
डीएसपी सी.पी. यादव ने बताया कि थाना कांड संख्या 10/26 में लेखापाल मनीष कुमार के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। न्यायालय के आदेश पर उनके आवास की तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान जमीन, एलआईसी, वाहन के कागजात, 50 हजार रुपये नकद और करीब साढ़े छह लाख रुपये के आभूषण बरामद हुए हैं। दो भूखंडों के दस्तावेज भी मिले हैं। मनीष कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनकी पत्नी, मां और बेटे की मौजूदगी में कार्रवाई की गई तथा उन्हें 15 जून को उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है।

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