Bihar Monsoon 2026: बिहार में मानसून की एंट्री, सात जिलों तक पहुंचा; 15 जून तक पूरे राज्य में बारिश का अलर्ट
बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है। 11 जून को मानसून ने सीमांचल, कोसी और मिथिला में प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान पूरे बिहार में बारिश के आसार हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहारवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पूर्णिया के रास्ते दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को बिहार में दस्तक दे दी। अब 15 जून तक बिहार के सभी जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 11 जून 2026 को मानसून राज्य के किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और मधुबनी जिलों तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ते हुए बिहार के सीमावर्ती जिलों में प्रवेश किया है। विभाग का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों के दौरान बिहार के शेष हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।
कई जिलों में झमाझम बारिश
मानसून के प्रवेश के साथ ही राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार किशनगंज जिले के तैयबपुर में सर्वाधिक 148 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सुपौल के सरायगढ़ भपटियाही में 106 मिमी, खगड़िया के बलतारा में 70.4 मिमी, समस्तीपुर के हसनपुर में 67.6 मिमी तथा सीवान के आंदर में 67.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इतना ही नहीं किशनगंज, सुपौल, मधुबनी, पश्चिम चंपारण और सीवान के कई इलाकों में भी 50 मिमी से अधिक बारिश हुई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है।
गुरुवार शाम पांच बजे तक कहां कितनी बारिश?
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार शाम पांच बजे तक पूर्णिया में 38.8 मिमी बारिश के साथ राज्य में सर्वाधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा मुंगेर में 32.5 मिमी, सुपौल में 26.0 मिमी, भागलपुर में 25.0 मिमी, सहरसा में 23.0 मिमी, किशनगंज में 17.5 मिमी, मधुबनी में 9.5 मिमी, मधेपुरा में 7.5 मिमी, अररिया में 5.0 मिमी, वैशाली में 4.5 मिमी, समस्तीपुर और सीवान में 1.5-1.5 मिमी, दरभंगा व जहानाबाद में 1.0-1.0 मिमी तथा पटना में 0.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वहीं गया, मुजफ्फरपुर, सारण, रोहतास, पूर्वी चंपारण, शेखपुरा, बक्सर, औरंगाबाद, नालंदा, सहरसा, कैमूर और अरवल सहित कई जिलों में बारिश नहीं हुई।
कहां-कितनी गर्मी पड़ी?
बिहार में सबसे अधिक अधिकतम तापमान सारण (छपरा) और कैमूर में 36.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गया में 34.4 डिग्री, शेखपुरा में 34.6 डिग्री, औरंगाबाद में 33.5 डिग्री तथा पश्चिम चंपारण (वाल्मीकिनगर) में 32.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम तापमान मुजफ्फरपुर में 28.0 डिग्री, समस्तीपुर में 28.1 डिग्री, मधुबनी में 28.3 डिग्री, दरभंगा और सुपौल में 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
Bihar MLC Election: निर्विरोध चुने गए विधान परिषद के 10 उम्मीदवार, जानें सर्टिफिकेट लेने कौन-कौन पहुंचे सदन?
किसानों के लिए भी राहत की खबर
पिछले साल यानी 2025 में 17 जून को बिहार में मानसून की एंट्री हुई थी। इस बार मानसून के समय से थोड़ा पहले बिहार आ गया। जानकारों की मानें तो मानसून के आगमन से कृषि क्षेत्र के लिए फायदेमंद है। धान की खेती और खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों को अद्यतन मौसम संबंधी जानकारी के लिए नियमित रूप से विभाग की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।