फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar news vaishali raghopur boat accident victim family accuses cm samrat choudhary vaishali News

बिहार: नाव हादसे के सात दिन बाद भी क्यों नहीं पहुंचे मुख्यमंत्री? पीड़ित परिवारों में बढ़ रही नाराजगी

Wed, 21 Oct 2026 03:00 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Wed, 21 Oct 2026 03:00 PM IST
सार

बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में हुए नाव हादसे के सात दिन बाद भी पीड़ित परिवारों में नाराजगी है। 13 बच्चों की मौत के बाद पीड़ित अखिलेश कुमार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गांव का दौरा नहीं करने और सरकार पर केवल सहायता राशि की घोषणा तक सीमित रहने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन
Bihar news vaishali raghopur boat accident victim family accuses cm samrat choudhary vaishali News
फाइल फोटो घटनास्थल का

विस्तार

वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में हुए नाव हादसे को सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवारों के जख्म अभी भी हरे हैं। 13 मासूमों की मौत के बाद भी शासन-प्रशासन के दावों की पोल खुल रही है। पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गांव की सुध नहीं लेने का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

पीड़ित अखिलेश कुमार ने कहा कि हादसे के बाद से सीएम सम्राट चौधरी एक बार भी गांव में झांकने नहीं आए। सरकार ने सिर्फ सहायता राशि की घोषणा कर खानापूर्ति कर दी, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस मदद नहीं मिली।

विज्ञापन

गौरतलब है कि 13 अक्तूबर की रात करीब 8:30 बजे राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। नाव पर करीब 30 लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि नाव की जर्जर स्थिति के कारण किनारे से महज 100 मीटर दूर जाते ही हादसा हो गया। घटना के बाद डीएम वर्षा सिंह ने लापरवाही बरतने के आरोप में सीओ, डॉक्टर और थानाध्यक्ष समेत कई कर्मियों को निलंबित कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

सांसें चल रही थीं, अस्पताल में नहीं मिला इलाज
हादसे की भयावह रात को याद करते हुए अपने बच्चे को खोने वाले अखिलेश कुमार ने बताया कि नदी से निकालने के बाद पांच से छह बच्चों की सांसें चल रही थीं। मेरे बच्चे की भी सांसें चल रही थीं। हमें उम्मीद थी कि समय पर इलाज मिल जाता तो बच्चे बच जाते।उन्होंने बताया कि प्रशासन के लोग बच्चों को अपनी गाड़ी से अस्पताल ले गए। परिवार बच्चे को निजी अस्पताल ले जाना चाहता था, लेकिन उस वक्त इसकी व्यवस्था नहीं हो सकी। अस्पताल पहुंचने पर न तो इंजेक्शन था, न दवा और न ही ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था। पर्याप्त डॉक्टर भी नहीं थे। एंबुलेंस में भी जरूरी सुविधाओं का अभाव था। मेरा बच्चा अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ गया।

उन्होंने कहा कि रात 11 से 12 बजे के बीच सभी अधिकारी और एसडीआरएफ-एनडीआरएफ की टीमें पहुंचीं। अगर समय रहते बचाव दल पहुंच जाता तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।

पुलिस 10 मिनट में पहुंची, ग्रामीणों ने की मदद
अखिलेश ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस 10 से 12 मिनट में मौके पर पहुंच गई। थानाध्यक्ष और स्थानीय ग्रामीणों ने हरसंभव मदद की। हालांकि, प्रशासन को क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति की पहले से जानकारी होनी चाहिए थी।

कागजों पर नाव, हकीकत में बांस की नाव से चल रहा काम
ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के दौरान राघोपुर दियारा क्षेत्र में सड़कें डूब जाती हैं और नाव ही आवागमन का एकमात्र सहारा होती है। सरकारी कागजों में पंचायत में नाव उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत में लोगों को सुविधा नहीं मिलती। ग्रामीणों ने बताया कि मुखिया गगन राय ने तीन साल पहले नाव खराब होने के बाद अपने पैसे से करीब छह हजार रुपये खर्च कर दूसरी नाव बनवाई थी। हादसे के बाद अब लोग बांस की अस्थायी नाव बनाकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बच्चे इसी नाव से स्कूल जाने और राशन लाने के लिए नदी पार करते हैं, लेकिन हादसे के बाद से वे दहशत में हैं।

एक ग्रामीण ने बताया कि जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर रामपुर श्यामचंद गांव में उन्होंने डीएम वर्षा सिंह को पहली बार देखा है। इससे पहले वह कभी गांव नहीं आई थीं।

 छह बेड पर ढाई लाख की आबादी का बोझ
स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली पर डॉक्टर ने भी व्यवस्थाओं की कमी स्वीकार की। उन्होंने बताया कि प्रखंड की करीब ढाई लाख की आबादी के लिए स्वास्थ्य केंद्र में महज छह बेड की व्यवस्था है। केंद्र में कुल पांच डॉक्टर पदस्थापित हैं, जबकि करीब 10 पद खाली हैं। दो स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे ड्यूटी का दबाव इन्हीं पांच डॉक्टरों पर है। हादसे वाले इलाके में डॉक्टरों की स्थायी तैनाती भी नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed