Bihar News: सोशल मीडिया पोस्ट बनी मुसीबत! शिक्षा मंत्री पर टिप्पणी करने वाला शिक्षक निलंबित
मुजफ्फरपुर में सोशल मीडिया पर बिहार सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और राजनीतिक टिप्पणी करना विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को भारी पड़ गया। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सोशल मीडिया पर सरकार और शिक्षा विभाग के मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अमर्यादित और राजनीतिक टिप्पणी करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमार अरविन्द सिन्हा ने कड़ा कदम उठाते हुए उत्क्रमित मध्य विद्यालय साढ़ा कन्या, मोतीपुर के विशिष्ट शिक्षक राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शिक्षक के खिलाफ यह कार्रवाई मंगलवार, 18 अगस्त 2026 की देर शाम जारी आदेश के बाद की गई। अब विभाग की ओर से उनके खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार ने बीते दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री को लेकर कथित तौर पर राजनीतिक और अशोभनीय टिप्पणी की थी। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था। विभाग की ओर से शिक्षक को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। उनके जवाब और पूरे मामले की समीक्षा के बाद विभागीय स्तर पर की गई जांच में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाया गया।
विभाग ने माना अनुशासनहीनता का मामला
जांच के बाद शिक्षा विभाग ने शिक्षक के आचरण को स्वेच्छाचारिता और गंभीर अनुशासनहीनता के दायरे में माना। विभाग के अनुसार, सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की राजनीतिक और अमर्यादित टिप्पणी करना सेवा आचरण के नियमों के अनुरूप नहीं है। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक राजेश कुमार का कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 और संशोधित बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 2026 के प्रथम दृष्टया उल्लंघन के दायरे में पाया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में यहां रहेगा मुख्यालय
शिक्षा विभाग ने निलंबन की अवधि के दौरान शिक्षक राजेश कुमार का मुख्यालय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, मोतीपुर निर्धारित किया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निलंबन के दौरान शिक्षक को निर्धारित मुख्यालय में रहना होगा और विभागीय प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई का सामना करना होगा।
अलग से जारी होगा आरोप पत्र
विभाग की ओर से बताया गया है कि शिक्षक के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र यानी प्रपत्र ‘क’ अलग से जारी किया जाएगा। इसके बाद आरोपों पर विभागीय स्तर पर आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सोशल मीडिया पर शिक्षा मंत्री के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर शिक्षक के निलंबन की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने साफ संकेत दिया है कि सरकारी सेवा में रहते हुए सोशल मीडिया पर अनुशासनहीन और आचार नियमों के विपरीत गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाएगा।