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Bihar: बकाया बिल के बदले सचिव ने मांगी घूस, 15 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार; कार्रवाई से मचा हड़कंप

Wed, 05 Aug 2026 01:36 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पश्चिम चंपारण Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Wed, 05 Aug 2026 01:36 PM IST
सार

पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज प्रखंड की मलदहिया पंचायत में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता परवेज कौशर ने 78 हजार रुपये के लंबित भुगतान के बदले 28 हजार रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।

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Bihar Panchayat Secretary Caught Red-Handed Accepting 15000 Bribe to Clear Bills Vigilance Action Causes Stir
निगरानी विभाग के हत्थे चढ़ा पंचायत सचिव - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पश्चिम चंपारण जिले के नरकटियागंज प्रखंड अंतर्गत मलदहिया पंचायत में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने पंचायत सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मलदहिया मस्जिद के समीप आयोजित पंचायत शिविर में की गई, जहां सचिव सरकारी कार्यों के निष्पादन में लगे थे।
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जानकारी के अनुसार, मलदहिया पंचायत निवासी परवेज कौशर ने निगरानी विभाग से शिकायत की थी कि पंचायत में कराए गए मरम्मती कार्य की माप पुस्तिका (एमबी) तैयार होने के बावजूद लगभग 78 हजार रुपये का भुगतान लंबे समय से लंबित था। भुगतान कराने के एवज में पंचायत सचिव शंकर प्रसाद द्वारा 28 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
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कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद नहीं हुआ भुगतान
शिकायतकर्ता के अनुसार, कई बार कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद भी भुगतान नहीं किया गया और सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना पैसे दिए बिल का भुगतान संभव नहीं होगा। बाद में दोनों के बीच पहली किस्त के रूप में 15 हजार रुपये देने पर सहमति बनी। इसके बाद परवेज कौशर ने पूरे मामले की लिखित शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार बुधवार को शिकायतकर्ता पंचायत शिविर पहुंचा और जैसे ही उसने सचिव शंकर प्रसाद को 15 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद निगरानी की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
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सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद निगरानी टीम ने मौके पर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और आरोपी सचिव को अपने साथ पूछताछ के लिए रवाना हो गई। कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए पंचायत शिविर परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए। सूत्रों के अनुसार, निगरानी विभाग अब इस मामले में रिश्वत मांगने से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रहा है। साथ ही आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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इस कार्रवाई के बाद पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के भुगतान में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर इस प्रकार की कार्रवाई होती रहे, तो सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

 

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