बिहार: पुलिस कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई, नशे के आरोपियों को रुपये लेकर छोड़ने का आरोप; आठ पुलिसकर्मी सस्पेंड
पटना के फुलवारीशरीफ में नशे के कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी के दौरान पकड़े गए दो आरोपियों को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ने के मामले में आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच में प्रथम दृष्टया उनकी संलिप्तता सामने आई है।
विस्तार
पटना पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। नशे के कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी के दौरान पकड़े गए दो आरोपियों को कथित तौर पर मोटी रकम लेकर छोड़ने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में आठ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पूरा मामला पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र का है
दरअसल, 26 अक्तूबर 2026 को फुलवारीशरीफ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वाले आरोपियों के खिलाफ छापेमारी की थी। इस दौरान आकिब खान उर्फ मोहम्मद साकिब खान को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
लेकिन इसी छापेमारी के दौरान दो अन्य व्यक्तियों, आफताब आलम और एहसान को भी पुलिस पकड़कर थाने लाई थी। आरोप है कि इन दोनों व्यक्तियों के नाम प्राथमिकी में दर्ज नहीं किए गए और न ही इस मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई।
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, छापेमारी टीम में शामिल कुछ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने कथित तौर पर दोनों व्यक्तियों से मोटी रकम लेकर उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया। इसके बाद पैसों के लेन-देन को लेकर आपस में कहासुनी होने की बात भी सामने आई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर फुलवारीशरीफ के सहायक पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।
जांच के दौरान प्रथम दृष्टया आठ पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें शामिल हैं
पुलिस अवर निरीक्षक दिवाकर प्रसाद
पुलिस अवर निरीक्षक नारद मुनि सिंह
पुलिस अवर निरीक्षक रितेश कुमार
परिचारी पुलिस अवर निरीक्षक आकाश कुमार
पुलिस अवर निरीक्षक पवन कुमार
पीटीसी-1118 साबिर आलम
सिपाही 8949 आनंद राज
सिपाही 9035 शुभम कुमार
इसके अलावा कुछ स्थानीय लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
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नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी कार्यालय की ओर से 4 नवंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद पटना पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। सवाल यह है कि जिन पुलिसकर्मियों पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जिम्मेदारी थी, अगर उन्हीं पर पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ने का आरोप साबित होता है, तो पुलिस की साख पर इसका कितना बड़ा असर पड़ेगा।